सर्दी ने पकड़ा जोर: हिमाचल–कश्मीर में बर्फबारी की संभावना, राजस्थान–बंगाल में ठंड बढ़ी

उत्तर भारत में सर्दी ने इस हफ्ते अचानक रफ्तार पकड़ ली है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर का असर बढ़ गया है, जबकि राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे मैदानी राज्यों में भी तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि नवंबर के अंत से दिसंबर की शुरुआत तक उत्तर भारत में ठंड और ज्यादा कड़ी हो सकती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है, वहीं मैदानी इलाकों में सुबह–शाम की ठिठुरन बढ़ेगी।

हिमाचल प्रदेश में सर्दी लगातार तेज होती जा रही है।

ठंड इतनी कड़ी है कि कई जगह पानी की पाइपें जमने लगी हैं। सुबह के समय बर्फीली हवाओं के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। शिमला और धर्मशाला के न्यूनतम तापमान क्रमशः 8.2°C और 8°C रहे।
राज्य में 1 अक्टूबर से 13 नवंबर के बीच 113% अधिक बारिश दर्ज की गई है।

जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर में मौसम की सबसे ठंडी रात, पारा -2.1°C

कश्मीर घाटी में भी सर्दी ने रफ्तार पकड़ ली है।

कोकरनाग ही एक ऐसा स्थान रहा, जहां तापमान 1.2°C रहा।
IMD के अनुसार 15 नवंबर तक मौसम शुष्क रहेगा, जबकि 16 नवंबर को ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी के आसार हैं।

राजस्थान: ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन

राजस्थान में बारिश नहीं हो रही, लेकिन उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट जारी है।

IMD ने बताया कि तापमान सामान्य से 1–2 डिग्री नीचे है और अगले एक हफ्ते तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहने वाला है।

पश्चिम बंगाल: दार्जिलिंग और कोलकाता में जनवरी जैसा अहसास

पूर्वी भारत में भी ठंड ने दस्तक दे दी है।

आने वाले पांच दिनों तक रात के तापमान में और गिरावट का अनुमान है। बारिश और भारी कोहरे की संभावना फिलहाल नहीं है।

हिमाचल में फिर जमी धरती, दिन में धूप—सुबह-शाम ठिठुरन जारी

प्रदेश के कई हिस्सों में दिन में धूप खिलने से हल्की राहत जरूर मिली, लेकिन सुबह और शाम का तापमान तेजी से गिर रहा है।
ऊंचाई वाले इलाकों में शीतलहर तेज होने लगी है, जबकि मैदानों और घाटियों में हल्का कोहरा छाने लगा है।
ऊना में अधिकतम तापमान 27.8°C दर्ज हुआ, जो राज्य में सबसे अधिक रहा।

उत्तर भारत के बड़े हिस्से में ठंड ने शुरुआती ही चरण में अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दो हफ्तों में तापमान और लुढ़केगा और कई क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी भी देखने को मिल सकती है।

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