जामुन फ्लवेर वाली बर्फ में मिलाई गई वोदका
चंडीगढ़ के सेक्टर-9 स्थित शराब ठेके के बाहर लगाए गए एक प्रमोशनल स्टॉल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि लोगों को जामुन फ्लेवर की बर्फ वाली चुस्की मुफ्त में बांटी जा रही थी, जिसमें कथित तौर पर वोदका मिलाई गई थी। इस आयोजन ने शहर में नई बहस छेड़ दी है। बताया जा रहा है कि यह प्रमोशनल एक्टिविटी ग्राहकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। स्टॉल के आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा दिखाई दिए और कई लोग हाथों में शराब मिश्रित चुस्की लेकर उसका आनंद लेते नजर आए। इलाके में मौजूद लोगों ने इस पूरे आयोजन का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद मामला प्रशासन और पुलिस तक पहुंचा। लोगों ने सवाल उठाए कि सार्वजनिक स्थान पर खुलेआम इस तरह शराब परोसना क्या नियमों के खिलाफ नहीं है। खासकर पॉश मार्केट इलाके में इस प्रकार का आयोजन होने से स्थानीय निवासी भी नाराज दिखाई दिए। आयोजन के दौरान किसी प्रकार की रोक-टोक नजर नहीं आई और स्टॉल पर लगातार लोगों की भीड़ जुटी रही। सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स में युवाओं की बड़ी संख्या दिखाई दे रही है, जिससे यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। कई लोगों ने इसे शराब के खुले प्रचार का उदाहरण बताया है। अब इस पूरे मामले में पुलिस और एक्साइज विभाग की कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी हुई है। लोग मांग कर रहे हैं कि केवल वीडियो में दिख रहे लोगों पर ही नहीं, बल्कि आयोजन करवाने वालों और शराब ठेके के जिम्मेदार संचालकों पर भी सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा सामने न आएं।

पुलिस हेडक्वार्टर के पास कई घंटे चलता रहा शराब का लंगर
शराब का यह लंगर कई घंटों तक चलता रहा, लेकिन पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। हैरानी की बात यह है कि जहां यह पूरा आयोजन चल रहा था, वहां से करीब 300 मीटर की दूरी पर चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय, चंडीगढ़ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया का कार्यालय, डीजीपी और एसएसपी कार्यालय मौजूद हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड होने के बाद भी तुरंत कार्रवाई नहीं हुई। जब मामला मीडिया में प्रमुखता से चला और विवाद बढ़ा, तब जाकर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया।
सोशल मीडिया पर VIDEO डालकर किया प्रमोशन
चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में शराब प्रमोशन को लेकर हुए विवाद में अब नए खुलासे सामने आ रहे हैं। यह पूरा आयोजन एक नए शराब ब्रांड के प्रमोशन के लिए किया गया था। आयोजन के दौरान ठेके के बाहर विशेष स्टॉल लगाया गया, जहां लोगों को शराब मिश्रित चुस्की दी जा रही थी। वायरल वीडियो में बड़ी संख्या में युवा स्टॉल के आसपास जुटे दिखाई दिए। मौके पर तेज म्यूजिक और DJ सिस्टम भी लगाया गया था, जिससे माहौल किसी प्रमोशनल इवेंट जैसा नजर आ रहा था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला शहरभर में चर्चा का विषय बन गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आयोजन के दौरान DJ की व्यवस्था राजेश सचदेवा द्वारा की गई थी। वीडियो में वह खुद भी लोगों के बीच मौजूद दिखाई दे रहा है। इसी आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कार्यक्रम की अनुमति किसने दी थी और इसका मुख्य आयोजक कौन था। इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि केवल DJ संचालक पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, जबकि आयोजन शराब ठेके के बाहर हुआ और इसका सीधा फायदा शराब कारोबार से जुड़ा माना जा रहा है। ऐसे में शराब ठेकेदार की भूमिका की भी जांच जरूरी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और आयोजन कराने वाले सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और शराब ठेके के लाइसेंस तथा उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। अब देखने वाली बात होगी कि जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है।
DC बोले- लाइसेंस तक होगा रद्द
चंडीगढ़ के सेक्टर-9 शराब प्रमोशन विवाद को लेकर प्रशासन अब सख्त नजर आ रहा है। डिप्टी कमिश्नर एवं एक्साइज कमिश्नर निशांत यादव ने साफ कहा है कि जिस शराब ठेके के बाहर यह आयोजन किया गया, उसके लाइसेंस होल्डर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। डीसी निशांत यादव ने कहा कि एक्साइज नीति के उल्लंघन को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शराब ठेका संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी लाइसेंस धारक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित ठेके का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। मंगलवार को डिप्टी कमिश्नर-कम-एक्साइज कमिश्नर की अध्यक्षता में शहर के सभी शराब लाइसेंस धारकों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई शराब प्रमोशन की रील को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। अधिकारियों ने साफ कहा कि इस तरह की गतिविधियां शहर की छवि खराब करती हैं और कानून व्यवस्था पर भी असर डालती हैं। बैठक के दौरान सभी शराब ठेकेदारों को एक्साइज नियमों और लाइसेंस की शर्तों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह का अवैध प्रचार, सार्वजनिक स्थान पर शराब परोसना या सोशल मीडिया के जरिए अनुचित प्रमोशन स्वीकार नहीं किया जाएगा। वायरल वीडियो के बाद अब प्रशासन और एक्साइज विभाग दोनों एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। शहर के लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इस मामले में केवल चेतावनी तक कार्रवाई सीमित रहेगी या नियम तोड़ने वालों के खिलाफ वास्तव में कड़े कदम उठाए जाएंगे।