UNDER-23 WORLD WRESTLING CHAMPION में सुजीत कलकल में रचा इतिहास,जीता पहला गोल्ड़ मेडल, उज्बेकिस्तान के पहलवान को 10-0 से हराया

भारतीय कुश्ती के उभरते सितारे सुजीत कलकल ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने सर्बिया के नोवी साद में आयोजित अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2025 में पुरुषों के फ्रीस्टाइल 65 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया। यह इस प्रतियोगिता में भारत का पहला स्वर्ण पदक है।फाइनल मुकाबले में सुजीत ने उज्बेकिस्तान के उमिदजोन जलोलोव को एकतरफा अंदाज में 10-0 से हराकर तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर मुकाबला अपने नाम किया। यह बाउट मात्र चार मिनट 54 सेकंड तक चली, जिसके बाद रेफरी ने सुजीत को विजेता घोषित किया। इस जीत के साथ सुजीत ने पिछले साल के ब्रॉन्ज मेडल को गोल्ड में बदल दिया और भारतीय कुश्ती में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

पूरे टूर्नामेंट में दिखाया दबदबा

सुजीत कलकल का इस चैंपियनशिप में सफर बेहद शानदार रहा। उन्होंने हर मुकाबले में अपनी तकनीक, गति और रणनीतिक सोच का प्रभाव छोड़ा।पहले दौर में उन्होने मोल्डोवा के फिओडर चेवदारी को 12-2 से हराया।दूसरे दौर में पोलैंड के डोमिनिक याकुब पर 11-0 से तकनीकी श्रेष्ठता हासिल की।क्वार्टरफाइनल में रूस के बशीर मागोमेदोव (दो बार के U23 विश्व चैंपियन) को 4-2 से मात दी।सेमीफाइनल में जापान के युतो निशियुची को 3-2 से हराया। और अंत में फाइनल में उज्बेकिस्तान के उमिदजोन जलोलोव को 10-0 से शिकस्त दी।हर मुकाबले में सुजीत का आत्मविश्वास देखने लायक था। विशेष रूप से क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल में उन्होंने पिछड़ने के बावजूद दमदार वापसी कर अपनी मानसिक मजबूती साबित की।

गोल्डन जर्नी-ब्रॉन्ज से गोल्ड तक

पिछले साल इसी टूर्नामेंट में सुजीत ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में गजब का सुधार करते हुए सीधा गोल्ड हासिल किया।सुजीत के नाम पहले से ही कई अहम खिताब दर्ज हैं। अंडर-23 एशियाई चैंपियन (2022 और 2025) वअंडर-20 एशियाई गोल्ड मेडलिस्ट (2022) हैं।इस जीत के साथ सुजीत भारत के तीसरे ऐसे पहलवान बन गए हैं जिन्होंने अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है। उनसे पहले अमन सहरावत और चिराग चिकारा यह कारनामा कर चुके हैं। खास बात यह है कि 65 किलोग्राम वर्ग में यह भारत का पहला गोल्ड मेडल है।

सीनियर स्तर पर मिली हार से मिली सीख

इससे पहले सुजीत ने सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 (ज़ाग्रेब, क्रोएशिया) में भाग लिया था, जहां वह मेडल से चूक गए थे। उस समय वे ईरान के पेरिस ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट रहमान अमौज़ाद को हराने के बेहद करीब थे, लेकिन 6-5 से हार गए।उस हार ने सुरजीत को ओर मजबूत बनाया  और अब अंडर-23 चैंपियनशिप में उन्होंने उसी अनुभव को गोल्ड में तब्दील कर दिया।

महिला टीम बनी ओवरऑल चैंपियन

इस प्रतियोगिता में भारत की महिला कुश्ती टीम ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। भारतीय महिलाओं ने 2 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर ओवरऑल टीम चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया।वहीं, पुरुष वर्ग में केवल सुजीत कलकल ने पदक जीता,लेकिन वह सीधे स्वर्ण के रूप में भारत के तिरंगे को ऊंचा करने में सफल रहे।

भविष्य के सितारे के रूप में उभरते सुजीत कलकल

विशेषज्ञों का मानना है कि सुजीत भारत की सीनियर कुश्ती टीम के लिए आने वाले वर्षों में सबसे प्रबल दावेदार बन सकते हैं।उनकी तकनीक, गति और दांव लगाने की समझ ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग पहचान दी है।65 किलोग्राम वर्ग, जिसे बजरंग पुनिया जैसी दिग्गज हस्तियों ने चमकाया, अब सुजीत कलकल जैसे युवा के हाथों में नई ऊंचाइयों को छूने को तैयार है।सुजीत बोले- “हर मुकाबला मेरे लिए एक सबक था”गोल्ड मेडल जीतने के बाद सुजीत ने कहा,“पिछले साल ब्रॉन्ज जीतने के बाद मैंने खुद से वादा किया था कि अगली बार गोल्ड लेकर आऊंगा। हर मुकाबला मेरे लिए एक सीख थी। कोच, टीम और परिवार के सहयोग से मैंने यह सपना पूरा किया। यह मेडल भारत के नाम है।”

 

 

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