Zirakpur में अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई, 27 दुकानें सील

Zirakpur में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर परिषद ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रहमत होम्स परिसर में बनी 27 दुकानों को सील कर दिया। नगर परिषद का कहना है कि इन दुकानों का निर्माण स्वीकृत भवन नक्शे के विपरीत किया गया था। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और अन्य भवन मालिकों में भी प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सतर्कता बढ़ गई। अधिकारियों के अनुसार संबंधित भवनों को स्टिल्ट प्लस तीन मंजिल (एस+3) के नक्शे के आधार पर मंजूरी दी गई थी। नियमों के तहत स्टिल्ट फ्लोर का उपयोग केवल वाहन पार्किंग के लिए किया जाना था, लेकिन वहां व्यावसायिक दुकानें बना दी गईं। इसे भवन उपनियमों का उल्लंघन मानते हुए नगर परिषद ने सीलिंग अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान नगर परिषद की इंफोर्समेंट टीम और अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सभी अवैध दुकानों को एक-एक कर सील किया गया। अधिकारियों ने कहा कि शहर में स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण या भवनों के गलत उपयोग को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नगर परिषद की बिल्डिंग इंस्पेक्टर शिवानी गोयल ने बताया कि कार्रवाई से पहले संबंधित भवन मालिकों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें अवैध निर्माण हटाने और अपना पक्ष रखने का पर्याप्त समय भी दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद नगर परिषद ने कानूनी प्रक्रिया के तहत दुकानों को सील करने का निर्णय लिया। नगर परिषद ने लोगों से अपील की है कि किसी भी भवन का निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुसार ही कराया जाए और पार्किंग जैसी सार्वजनिक सुविधाओं का गलत उपयोग न किया जाए। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी अवैध निर्माण, भवन नियमों के उल्लंघन और अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

प्राइम स्क्वेयर का शोरूम सील, भवन नियमों पर सख्ती

नगर परिषद ने भवन नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए प्राइम स्क्वेयर स्थित एक शोरूम को भी सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार शोरूम का उपयोग स्वीकृत भवन नक्शे के विपरीत किया जा रहा था, जिसके चलते नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि शहर में भवन नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि स्वीकृत नक्शे में निर्धारित पार्किंग क्षेत्र को दुकानों या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करना गंभीर नियम उल्लंघन है। इससे न केवल भवन की मूल योजना प्रभावित होती है, बल्कि आसपास के क्षेत्र में यातायात और पार्किंग व्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। अधिकारियों ने बताया कि पार्किंग की जगह खत्म होने से वाहन सड़क किनारे खड़े होने लगते हैं, जिससे जाम की समस्या बढ़ती है। इसके अलावा ग्राहकों और स्थानीय लोगों को भी वाहन खड़े करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए पार्किंग क्षेत्र का मूल उद्देश्य बनाए रखना आवश्यक है। नगर परिषद ने यह भी कहा कि भवन नियमों का उल्लंघन केवल प्रशासनिक मामला नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। यदि किसी भवन में आग लगने जैसी आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो पार्किंग और खुले रास्ते राहत एवं बचाव कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे क्षेत्रों पर अवैध निर्माण होने से आपातकालीन सेवाओं को मौके तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में स्वीकृत नक्शों के विपरीत निर्माण, पार्किंग क्षेत्र के दुरुपयोग और अन्य भवन नियमों के उल्लंघन के मामलों में आगे भी लगातार निरीक्षण किए जाएंगे। नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

अवैध निर्माण पर नगर परिषद सख्त, आगे भी चलेगा अभियान

नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि भवन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने कहा कि शहर में सुनियोजित विकास और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भवन उपनियमों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। इसलिए नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्थान को राहत नहीं दी जाएगी। नगर परिषद ने आम लोगों और भवन मालिकों से अपील की है कि किसी भी निर्माण कार्य की शुरुआत से पहले संबंधित विभाग से स्वीकृत नक्शा अवश्य प्राप्त करें और उसी के अनुरूप निर्माण कराएं। अधिकारियों का कहना है कि स्वीकृत योजना से अलग निर्माण करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, जिससे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। सीलिंग अभियान के दौरान नगर परिषद की इंफोर्समेंट टीम और संबंधित अधिकारी पूरे समय मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने एक-एक कर अवैध निर्माण वाली दुकानों को सील किया और यह स्पष्ट संदेश दिया कि स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण या भवन का गलत उपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान आसपास बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद रहे। कार्रवाई से पहले संबंधित भवन मालिकों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें अवैध निर्माण हटाने और अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय भी दिया गया, लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई। नगर परिषद का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद अवैध निर्माण करने वाले अन्य भवन मालिकों में भी सतर्कता बढ़ेगी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान जारी रहेगा और जहां भी भवन नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां बिना किसी भेदभाव के कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रहमत होम्स में कार्रवाई के बाद नगर परिषद ने प्राइम स्क्वेयर स्थित एक शोरूम को भी सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार शोरूम का उपयोग स्वीकृत भवन योजना के विपरीत किया जा रहा था। भवन नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद नगर परिषद ने नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई करते हुए स्पष्ट कर दिया कि शहर में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या अनधिकृत उपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्किंग के लिए निर्धारित स्थान को दुकानों या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में बदलना गंभीर नियम उल्लंघन है। इससे भवन की मूल संरचना और स्वीकृत योजना प्रभावित होती है। साथ ही पार्किंग की सुविधा खत्म होने से आसपास के लोगों, ग्राहकों और वाहन चालकों को रोजाना असुविधा का सामना करना पड़ता है। नगर परिषद के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अवैध निर्माण केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित नहीं करते, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं। यदि किसी भवन में आग या अन्य आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो राहत एवं बचाव दल को मौके तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है। इसलिए भवन उपनियमों का पालन सभी के लिए आवश्यक है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण, पार्किंग क्षेत्र के दुरुपयोग और भवनों के अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जिन भवनों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद ने नागरिकों और भवन मालिकों से अपील की है कि वे किसी भी निर्माण कार्य से पहले स्वीकृत नक्शा प्राप्त करें और उसी के अनुसार निर्माण कराएं। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन करने से न केवल कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकता है, बल्कि शहर के सुनियोजित विकास, यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को भी मजबूत बनाया जा सकता है।

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