कॉमेडियन और अभिनेता कपिल शर्मा के कनाडा स्थित रेस्टोरेंट कप्स कैफे में लगातार हुई फायरिंग की घटनाओं के पीछे का मास्टरमाइंड को आखिरकार आज पकड़ ही लिया गया। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बंधु मान सिंह सेखों को पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, सेखों कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और वही बार-बार हुए हमलों की साजिश रच रहा था। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया कि कनाडा हमला करने के बाद सेखों भारत लौट आया था।आरोपी के पास से एडवांस्ड हथियार भी बरामद हुए जिसमें 8 जिंदा कारतूस और चाइना निर्मित 3 पिस्टल जब्त किए गए हैं।सेंट्रल एजेंसियां उसके गैंग नेटवर्क, संपर्कों और हथियार सप्लाई चेन की जांच कर रही हैं।पुलिस का मानना है कि हमले सिर्फ डराने के लिए नहीं, बल्कि गैंग की धमकियों को सार्वजनिक रूप से दिखाने के लिए किए गए थे।

कप्स कैफे पर तीन बार फायरिंग हुई थी
कपिल शर्मा का कैफे 4 जुलाई 2025 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे क्षेत्र में खुला था।लेकिन महज एक हफ्ते बाद ही इस पर हमले होने शुरू हो गए।सबसे पहला हमला 10 जुलाई 2025 को हुआ जिसमें कैफे की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए गए। इस घटना के बाद कैफे कई दिनों तक बंद रहा।दूसरा हमला 7 अगस्त 2025 को हुआ यानी कि एक महीने के अंदर ही दूसरा हमला हुआ।कैफे की खिड़कियाँ फिर टूटीं और लोग दहशत में आ गए।जब तीसरी बार फायरिंग हुई तो सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी ली गई।गोल्डी ढिल्लों और लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने एक पोस्ट में कहा कि”हमने कपिल को कॉल किया, उसने रिंग नहीं उठाई… अब अगला एक्शन मुंबई में होगा।”इस धमकी के बाद मुंबई पुलिस ने कपिल शर्मा और उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी थी।
कपिल शर्मा की प्रतिक्रिया-“मुश्किल समय है, लेकिन मजबूत रहूंगा”
पहली घटना के बाद कपिल शर्मा ने कहा था कि“यह मेरे लिए और टीम के लिए बेहद मुश्किल समय है। लेकिन हम हिम्मत नहीं हारेंगे।”कनाडा पुलिस ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर टीम भेजी और जांच तेज की।जांच में सामने आया है कि गैंगस्टर विदेश में खड़े हो रहे भारतीय कारोबारियों से एक्सटॉर्शन (फिरौती) वसूलने की कोशिश करते हैं।नामी हस्तियों को टारगेट कर अपनी “ताकत” दिखाना चाहते हैं।सोशल मीडिया के जरिए डर फैलाने की रणनीति अपनाते हैं।कपिल शर्मा का ब्रांड बढ़ता देख गैंग ने इसे आसान टारगेट समझा था।

कप्स कैफे पर हुए हमले सिर्फ एक रेस्टोरेंट पर फायरिंग नहीं थे, बल्कि एक बड़े गैंगस्टर नेटवर्क की भय फैलाने की कोशिश का हिस्सा थे।बंधु मान सिंह की गिरफ्तारी से इस गैंग के भारतीय मॉड्यूल को बड़ा झटका लगा है, लेकिन जांच एजेंसियों के सामने अभी भी कई परतें खोलनी बाकी हैं।










