पंजाब में नगर निकाय चुनाव 2026 की मतगणना जारी है और शुरुआती नतीजों में काफी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। 26 मई को राज्य में 8 नगर निगम, 75 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों के लिए मतदान हुआ था। आज 29 मई की सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हुई है और धीरे-धीरे सभी जगहों से नतीजे सामने आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। कई नगर परिषदों और वार्डों में पार्टी के उम्मीदवार जीत दर्ज कर रहे हैं। खासकर गढ़शंकर नगर काउंसिल में आप के 7 उम्मीदवारों की जीत ने पार्टी का मनोबल बढ़ा दिया है। नयागांव नगर परिषद में भी आम आदमी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। यहां वार्ड नंबर 4 से आप उम्मीदवार जगतार सिंह भोटी ने 97 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा और आखिरी तक कांटे की टक्कर देखने को मिली। करतारपुर नगर काउंसिल के नतीजों में भी अलग-अलग पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला रहा। यहां आम आदमी पार्टी ने 9 वार्डों में जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस (Indian National Congress) ने 3 वार्डों में जीत दर्ज की है। इसके अलावा कुछ सीटों पर भाजपा (Bharatiya Janata Party), आज़ाद उम्मीदवार और अन्य दलों ने भी जीत हासिल की है। इससे साफ है कि मुकाबला एकतरफा नहीं बल्कि कई जगहों पर बराबरी का रहा। सुनाम में भी नतीजे मिले-जुले रहे। यहां वार्ड 8 और वार्ड 11 से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार विजयी हुए हैं, जबकि एक वार्ड में आज़ाद उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है। इससे पता चलता है कि मतदाताओं ने अलग-अलग उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है।
मोगा जिले की कोट ईसे खां नगर पंचायत के नतीजे भी काफी दिलचस्प रहे। कुल 53 वार्डों में मुकाबला हुआ, जिसमें आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ने 13-13 सीटें जीती हैं। वहीं शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) और भाजपा ने 11-11 सीटों पर जीत दर्ज की है। इसके अलावा कुछ सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गई हैं। यहां किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। बठिंडा में भारतीय जनता पार्टी ने भी अपना खाता खोल लिया है। वार्ड नंबर 42 से भाजपा उम्मीदवार रितु को जीत मिली है, जो पार्टी के लिए एक छोटी लेकिन अहम सफलता मानी जा रही है।

अभी तक के नतीजों में आम आदमी पार्टी आगे दिख रही है, लेकिन कांग्रेस, भाजपा, शिरोमणि अकाली दल और निर्दलीय उम्मीदवार भी कड़ी टक्कर दे रहे हैं। कई जगह मुकाबला बहुत करीबी है, जिससे आगे आने वाले नतीजे और भी रोमांचक हो सकते हैं। पंजाब भाजपा में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुकि से कांग्रेस में भी एकदम बदलाव की चर्चा शुरू हो गई है। दरअसल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पंजाब के शीर्ष 5 नेताओं को दिल्ली बुलाया है। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस में पंजाब प्रधान के बदलाव पर विचार विमर्श हो सकता है। इसके संकेत पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर रंधावा ने दिए हैं। एक निजी चैनल से बातचीत में सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान ने मीटिंग बुलाई है। लेकिन, उसमें भाजपा की तरह नेतृत्व में बदलाव होगा या नहीं ये मीटिंग में जाकर ही पता चलेगा। बैठक में सुखजिंदर सिंह रंधावा के अलावा, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, प्रताप सिंह बाजवा, चरणजीत सिंह चन्नी और डॉ. अमर सिंह शामिल होंगे। इनके अलावा, राहुल गांधी, कांग्रेस पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल व अन्य पार्टी गदाधिकारी बैठक में उपस्थित रहेंगे। बता दें, पार्टी के कुछ नेता मानते हैं कि राजा वडिंग को हटाकर नए चेहरे को प्रदेश अध्यक्षतक नेतृत्व बदलना नुकसानदायक होगा। इसके अलावा, कांग्रेस के भीतर यह बहस चल रही है कि 2027 विधानसभा चुनाव किसी एक चेहरे पर लड़ा जाए या सामूहिक नेतृत्व में। केंद्रीय नेतृत्व ने फिलहाल कोई मुख्यमंत्री चेहरा घोषित नहीं किया है।आज नगर निगम चुनाव के जो रुझान सामने आ रहे हैं, उनसे साफ कहा जा सकता है कि इसका असर 2027 की विधानसभा चुनावों पर भी देखने को मिल सकता है। आज जिस तरह से निर्दलीय उम्मीदवार कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल को पीछे छोड़कर आगे बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं, उससे यह संकेत मिल रहे हैं कि जमीनी स्तर पर राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं। डे टू डे न्यूज़ इंडिया की टीम जल्द ही ग्राउंड ज़ीरो पर जाकर लोगों से बातचीत करेगी और आने वाले 2 से 3 महीनों में यह साफ करने की कोशिश करेगी कि 2027 की विधानसभा चुनावों में पंजाब में किस पार्टी की सरकार बनने की संभावना ज्यादा है। अब तक जितने भी चुनाव हुए हैं, चाहे वह उपचुनाव हों या अन्य स्थानीय चुनाव, उनमें कई बार उनके किए गए विश्लेषण सही साबित हुए हैं। यह भी संभावना जताई जा रही है कि पंजाब की राजनीति में कोई नई या चौथी पार्टी भी उभरकर सामने आ सकती है, जिससे राजनीतिक समीकरण और भी बदल सकते हैं। इसी बीच भाजपा में भी बदलाव देखने को मिला है, जहां सुनील जाखड़ की जगह केवल ढिल्लों को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह कांग्रेस में भी हलचल तेज है। कांग्रेस हाईकमान ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन या नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति हो सकती है। कुल मिलाकर पंजाब की राजनीति में इस समय बड़े बदलाव के संकेत नजर आ रहे हैं और आने वाला समय काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।