नयागांव के सिंघा देवी इलाके में एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया। यहां खेलते समय दो साल का एक मासूम बच्चा JCB मशीन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मशीन का भारी टायर बच्चे के सिर के ऊपर से गुजर गया और उसे संभलने का कोई अवसर नहीं मिला।
कैसे हुआ हादसा?
बताया जा रहा है कि इलाके में निर्माण कार्य चल रहा था और उसी सिलसिले में JCB मशीन लाई गई थी। घटना के समय आसपास के लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे। बच्चा खेलते-खेलते अचानक मशीन के बेहद करीब पहुंच गया। भारी मशीनरी की आवाज के बीच चालक को बच्चे की मौजूदगी का एहसास नहीं हो सका। जैसे ही हादसा हुआ, वहां अफरा-तफरी मच गई।स्थानीय लोगों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी, लेकिन डॉक्टरों ने बच्चे को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया। परिवार के लिए यह क्षति असहनीय है—कुछ ही पलों में खुशियों से भरा घर मातम में बदल गया।

हादसे के तुरंत बाद JCB चालक मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वह मशीन को वहीं छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सके…शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना ने रिहायशी इलाकों में चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर भारी मशीनरी बिना पर्याप्त घेराबंदी और चेतावनी संकेतों के चलाई जाती है। ऐसे में छोटे बच्चे सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं…स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
एक परिवार की अपूरणीय क्षति
दो साल की उम्र—जब एक बच्चा दुनिया को समझना शुरू ही करता है—उसी समय जिंदगी ने उससे सब कुछ छीन लिया। घर में अब सन्नाटा है, खिलौने वहीं पड़े हैं, लेकिन उन्हें खेलने वाला अब कभी वापस नहीं आएगा।
यह हादसा केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। एक छोटी सी लापरवाही किसी के जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी बन सकती है।










