जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने जम्मू स्थित कश्मीर टाइम्स अखबार के कार्यालय पर छापा मारा। यह कार्रवाई देश के खिलाफ गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप में की गई है। SIA ने तलाशी के दौरान AK-47 कारतूस, पिस्टल की गोलियां और तीन ग्रेनेड लीवर बरामद किए।पुलिस ने कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन के खिलाफ असंतोष फैलाने, अलगाववाद का महिमामंडन करने और भारत व केंद्र शासित प्रदेश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को खतरा पहुंचाने के आरोप में FIR दर्ज की है। FIR नंबर 02/2025 के तहत गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़ी धारा 13 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।SIA की टीम ने सुबह रेजिडेंसी रोड स्थित अखबार के दफ्तर पर पहुंचकर कई घंटों तक तलाशी ली।

इस दौरान दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच अखबार और इसके संपादक के कथित ‘प्रोपेगेंडा नेटवर्क’ और अन्य संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने के लिए की जा रही है, जो भारत की संप्रभुता को प्रभावित कर सकती हैं।
एंटी-टेरर ऑपरेशन के तहत कार्रवाई
SIA के अधिकारियों ने बताया कि यह छापेमारी एंटी-टेरर ऑपरेशन के तहत की गई है। अनुराधा भसीन और अखबार के प्रमोटर्स के खिलाफ UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) की धारा 13 के तहत FIR दर्ज की गई है। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में उनसे विस्तृत पूछताछ की जाएगी और आवश्यक होने पर अखबार से जुड़े अन्य लोगों से भी जानकारी ली जा सकती है।
कश्मीर टाइम्स का परिचय
कश्मीर टाइम्स जम्मू और कश्मीर का सबसे पुराना और प्रमुख समाचार पत्र है। इसकी स्थापना 1954 में वेद भसीन ने एक साप्ताहिक अखबार के रूप में की थी। 1964 में इसे दैनिक अखबार में परिवर्तित कर दिया गया। वेद भसीन के निधन के बाद अखबार का संचालन उनकी बेटी अनुराधा भसीन और दामाद प्रमोद जम्वाल देख रहे थे।कश्मीर टाइम्स न केवल जम्मू-कश्मीर का एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान है, बल्कि इसे राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर विस्तृत कवरेज के लिए जाना जाता है। SIA की इस कार्रवाई के बाद मीडिया जगत में हलचल मची हुई है। अखबार ने अभी तक इस छापे और FIR पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
आगे की संभावनाएं
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अनुराधा भसीन से जल्द ही पूछताछ की जाएगी, जिसमें उनके संपर्क, गतिविधियों और कथित प्रोपेगेंडा नेटवर्क में उनकी भूमिका के बारे में सवाल पूछे जाएंगे। साथ ही, अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ सकता है और अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है।