भाषण देने लगे तो राज्यपाल ने टोका
विजय के शपथ ग्रहण के दौरान राज्यपाल को बीच में उन्हें टोकना पड़ा। दरअसल विजय जैसे ही शपथ लेने के लिए पहुंच राज्यपाल ने उन्हें दिए गए लेटर को पढ़ने के लिए कहा। लेकिन विजय इस दौरान भाषण देने लग पड़े। इस बीच वहां मौजूद लोग तालियां बजाने लगे। कुछ मिनटों बाद राज्यपाल को जब इस बात का अहसास हुआ कि विजय जो शपथ ग्रहण वाला पत्र न पढ़कर भाषण दे रहे हैं तो उन्होंने उन्हें टोका। उन्होंने विजय को शपथ ग्रहण वाला पत्र पढ़ने को कहा। Vijay ने तमिलनाडु की राजनीति में नया अध्याय लिखते हुए मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर ली। चेन्नई में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक मौके पर हजारों समर्थकों की मौजूदगी ने माहौल को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। अभिनेता से नेता बने विजय की यह यात्रा अब राज्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी तक पहुंच चुकी है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में विजय की पार्टी टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर जीत हासिल की। पहली बार चुनावी मैदान में उतरी पार्टी ने बेहद कम समय में जनता का भरोसा जीत लिया। हालांकि पूर्ण बहुमत से कुछ सीटें कम रहने के कारण कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों ने समर्थन देकर सरकार गठन का रास्ता साफ किया। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक दिलचस्प पल भी देखने को मिला। विजय जैसे ही मंच पर पहुंचे, उन्होंने शपथ पत्र पढ़ने के बजाय जनता को संबोधित करना शुरू कर दिया। समर्थकों की तालियों और नारों के बीच राज्यपाल ने उन्हें बीच में रोकते हुए आधिकारिक शपथ पत्र पढ़ने का अनुरोध किया। इसके बाद विजय ने औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री पद की शपथ पूरी की।

समारोह में कई बड़े राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी चर्चा का विषय रही। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi भी मंच पर विजय के साथ नजर आए। इसे विपक्षी दलों की नई राजनीतिक रणनीति और दक्षिण भारत में बदलते समीकरणों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने अपने पहले संबोधन में कहा कि उनकी सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी उतरने का पूरा प्रयास करेगी। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और मध्यम वर्ग के हितों को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया। विजय ने यह भी कहा कि राजनीति में उनका उद्देश्य सिर्फ सत्ता हासिल करना नहीं बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। टीवीके के चुनावी घोषणा पत्र में कई लोकलुभावन वादे किए गए थे। पार्टी ने हर परिवार को साल में छह मुफ्त गैस सिलेंडर देने की घोषणा की थी। इसके अलावा महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि को बढ़ाकर 2500 रुपये प्रति माह करने का वादा भी किया गया। इन योजनाओं को लेकर जनता में काफी उत्साह देखा गया था। शिक्षा और रोजगार को लेकर भी विजय की पार्टी ने बड़े वादे किए हैं। पार्टी ने बिना गारंटी के 25 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन देने की योजना घोषित की है। साथ ही छात्रों को इंटर्नशिप के दौरान अधिक आर्थिक सहायता और युवाओं को स्वरोजगार के लिए आसान लोन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है। महिलाओं के कल्याण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मातृत्व लाभ योजनाओं को और मजबूत बनाने की बात कही है। शादी सहायता योजना के तहत आठ ग्राम सोना देने का वादा भी किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिलाओं और युवाओं पर फोकस ने विजय की पार्टी को चुनाव में बड़ी सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाई। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार विजय की जीत सिर्फ एक चुनावी सफलता नहीं बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में बदलाव का संकेत है। फिल्मी दुनिया से राजनीति में आने वाले नेताओं की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विजय ने बेहद कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है। अब पूरे देश की नजर इस बात पर रहेगी कि मुख्यमंत्री के रूप में वह अपने वादों को किस हद तक जमीन पर उतार पाते हैं।
घोषणा पत्र में किए थे वादे
विजय की पार्टी ने ऐलान किया था कि सत्ता में आने के बाद हर साल छह सिलेंडर मुफ्त में देंगे।
हर महीने मिलने वाली आर्थिक मदद को 1000 रुपए से बढ़ाकर 2500 रुपए करेंगे।
साथ ही शादी में मिलने वाली मदद में आठ ग्राम सोना देंगे।
एक्टर विजय की पार्टी ने घोषणा की है कि तमिलनाडु में बिना किसी गारंटी के 25 लाख रुपए तक का एजुकेशन लोन देंगे।
साथ ही महिलाओं के मातृत्व लाभ में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
छात्रों को इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाली राशि को भी बढ़ाई जाएगी।
उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बिना गारंटी वाले लोन दिए जाएंगे।










