समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान जेल से रिहा हो गए हैं। करीब 23 महीने के बाद आजम खान जेल से बाहर आए हैं। आजम के बड़े बेटे अदीब अपने समर्थकों के साथ सीतापुर जेल पहुंचे थे। आजम खान सफेद रंग की गाड़ी में जेल से बाहर निकलते दिखाई दिए थे। उनके बाहर निकलते ही मीडियाकर्मियों ने उन्हे घेर लिया और उनसे सवाल पूछने लगे। हालांकि उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और मुस्कुराते हुए चले गए। आजम खान सीतापुर से सीधे अपने गांव रामपुर अपने गांव गए।
गाड़ियों का निकला काफिला
रिहा होने के बाद आजम खान का काफिला मंगलवार शाम करीब पौने पांच बजे रामपुर उनके गांव पहुंचा। उनके साथ मौजूद गाड़ियों को पुलिस ने मिलक-बरेली बॉर्डर पर रोक लिया। जिसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई थी। सपा नेता आजम खान ने रामपुर बॉर्डर काफिले में शामिल गाड़ियों को रोकने पर पर पुलिस-प्रशासन से नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा-क्यों परेशान कर रहे हो और कितना जुल्म करोगे।
आजम खान की रिहाई पर सपा में खुशी की लहर
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान के सीतापुर से निकलने के बाद समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।
आजम खान के ऊपर दर्ज हैं 104 केस
आजम खान के ऊपर कुल 104 केस दर्ज हैं। इसमें रामपुर में 93 मामले दर्ज हैं। काफी मामलों में उन्हें रिहाई मिल चुकी है।
आजम की रिहाई पर क्या बोले अखिलेश
सपा नेता आजम खान की रिहाई पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने खुशी जताई है। उन्होंने यह भी वादा किया है कि जैसे ही UP में सपा की सरकार आएगी, वैसे ही आजम खान पर लगे सभी मुकदमों को वापस ले लिया जाएगा।

पुलिस समझाती रहीं, न मानने पर किया 73 गाड़ियों का चालान
आजम खान के बाहर आते ही पुलिसकर्मी कड़ी सुरक्षा में उनके वाहन को लेकर आगे बढ़े। समर्थकों व स्थानीय निवासियों का हुजूम उनकी एक झलक पाने को बेताब नजर आया। पुलिस समझाती रही, लेकिन लोग नहीं माने। मजबूरन पुलिस ने नो पार्किंग में खड़े 73 वाहनों का चालान किया। करीब एक लाख 49 हजार रुपये का चालान किया गया था।
योगी सरकार आने के बाद शुरू हुआ बुरा वक्त
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद आजम खान की उलटी गिनती शुरू हो गई थी और उनके उपर कानूनी शिकंजा कसता चला गया। फरवरी 2020 में पहली बार आजम खान की गिरफ्तारी हुई थी और वहां से उन्हें सुरक्षा कारणों के चलते सीतापुर जेल शिफ्ट कर दिया गया था। योगी सरकार में आजम खान के खिलाफ कानूनी शिकंजा इतना कसा कि एक के बाद एक करीब 104 मुकदमे दर्ज होते चले गए। आजम 27 महीने जेल में रहने के बाद मई 2022 में जमानत पर बाहर आए थे। आजम खान 2022 में जेल से बाहर आने के बाद करीब सवा साल ही सलाखों से बाहर रह सके। आजम खान को अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में 18 अक्टूबर 2023 को दोबारा से जेल जाना पड़ा था। अब 23 महीने बाद फिर से जमानत पर जेल से बाहर निकल आए, लेकिन आजम खान कितने दिनों तक बाहर रह सकेंगे यह देखने वाली बात है।
योगी सरकार में आजम खान को पहली बार 27 महीने और दूसरी बार 23 महीने जेल में रहना पड़ा था। मई 2022 में जमानत पर रिहाई के बाद आजम खान बाहर आए थे और 17 महीने ही जेल से बाहर रह सके थे। उन्हें दोबारा 2023 में जेल जाना पड़ा था। अब 23 महीने बाद रिहाई हो रही है, तो सभी के मन में सवाल है कि कितने दिनों तक जेल से बाहर रह पाएंगे।
आजम खान पर 104 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 93 मुकदमे सिर्फ रामपुर में उनके खिलाफ दर्ज किए गए। ये मामले 2017 में यूपी में BJP सरकार आने के बाद दर्ज किए किए गए हैं, जब मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों की जांच शुरू हुई। यही वजह है कि आजम खान पर दर्ज रामपुर में 93 मुकदमों में 11 राजस्व के हैं यानि जमीनो से जुड़े हुए हैं। लेकिन देखने वाली बात यह है कि आजम खान कब तक जेल से बाहर रह पाते हैं।