उत्तर प्रदेश में बुधवार शाम को आए तेज आंधी-तूफान ने Extensive नुकसान किया। अचानक बदले मौसम ने कई जिलों में जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित किया। तेज हवाओं, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं के चलते राज्यभर में 54 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। भदोही जिले में सबसे अधिक नुकसान देखने को मिला, जहां आंधी-तूफान के कारण 15 लोगों की जान चली गई। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और कच्चे मकान ढहने की घटनाएं हुईं। हादसों में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में दुख का माहौल है। भदोही के सुरियावां थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना में पेड़ गिरने से एक महिला और उसकी दो बेटियों की जान चली गई। इसी तरह औराई थाना क्षेत्र में भी पेड़ गिरने के कारण कई लोग उसकी चपेट में आ गए। तेज हवाओं के चलते बिजली के पोल और पेड़ सड़क पर गिर गए, जिससे यातायात पर भी असर पड़ा। जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि जिले में 15 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। गंभीर हालत में तीन घायलों को बेहतर चिकित्सा के लिए वाराणसी के बीएचयू अस्पताल भेजा गया है। प्रयागराज में भी मौसम ने कहर बरपाया, जहाँ 16 व्यक्तियों के मौत की सूचना मिली है। वहीं मिर्जापुर जिले में 10 लोगों का जीवन काल समाप्त हुआ। प्रशासन के मुताबिक कई गांवों में कच्चे घर और दीवारें गिरने के कारण दुर्घटनाएँ हुई हैं।
फतेहपुर जिले में आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई, जहां नौ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। तेज हवाओं और अचानक बदले मौसम के कारण कई घरों और सार्वजनिक स्थानों पर नुकसान हुआ, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया इसके अलावा हरदोई, कानपुर देहात और कौशांबी जैसे जिलों में भी आंधी-तूफान का व्यापक असर देखने को मिला। इन इलाकों में पेड़ गिरने, कच्चे मकान ढहने और दीवारें गिरने जैसी घटनाओं में कई लोगों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा। तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। बिजली के खंभे और तार टूटकर गिरने से कई गांवों और कस्बों में अंधेरा छा गया, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पेड़ गिरने की घटनाओं के चलते कई प्रमुख सड़कों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। जगह-जगह लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों का समय लग गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है, खासकर आंधी-तूफान के दौरान।

जिलाधिकारी ने मृत्यु की पुष्टि की।
मिर्जापुर में भी 10 व्यक्तियों की मृत्यु हुई।
उत्तर प्रदेश में आए भीषण आंधी-तूफान ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं के कारण कुल 54 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिससे पूरे राज्य में शोक का माहौल है। प्रयागराज जिले में इस प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक असर देखने को मिला, जहां 16 लोगों की जान चली गई। कई क्षेत्रों में पेड़ गिरने और कच्चे मकानों के ढहने से गंभीर हादसे हुए हैं। मिर्जापुर जिले में भी स्थिति बेहद गंभीर रही, जहां जिला प्रशासन ने 10 लोगों की मौत की पुष्टि की है। अचानक आए तूफान ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। मिर्जापुर के सदर तहसील में अकेले सात लोगों की मौत हुई है, जबकि चुनार तहसील में तीन लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों को गहरा आघात पहुंचाया है। तेज हवाओं के कारण मिर्जापुर में कई स्थानों पर पेड़, बिजली के खंभे और कच्ची दीवारें गिर गईं। इससे कई घर क्षतिग्रस्त हो गए और सड़क मार्ग भी बाधित हुए। फतेहपुर जिले में भी आंधी-तूफान का गंभीर असर देखने को मिला, जहां नौ लोगों की मौत की सूचना है। कई गांवों में नुकसान और तबाही के दृश्य देखने को मिले। हरदोई जिले में दो लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि कानपुर देहात और कौशांबी में एक-एक व्यक्ति की जान गई है। इन क्षेत्रों में भी तेज हवाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है। कई जगहों पर बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्रशासन लगातार स्थिति को सामान्य करने में जुटा हुआ है। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने सभी प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और आवश्यक मदद देने का आश्वासन भी दिया गया है