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Punjab सियासत में बवाल भज्जी की सुरक्षा बदली AAP सांसद विवाद गहराया

पंजाब सरकार ने भज्जी की Z+ सुरक्षा वापस ली: केंद्र ने घर पर CPRF तैनात की; सांसद साहनी ने कहा- केजरीवाल ने मुझसे इस्तीफा मांगा पंजाब की राजनीति में इस समय एक बड़ा सियासी upheaval हो रहा है, जहां आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के मुद्दे पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच सुरक्षा इंतजाम, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और पार्टी के आंतरिक मतभेदों ने पूरे मामले को और भी जटिल बना दिया है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद Harbhajan Singh (भज्जी) की सुरक्षा में बड़ा परिवर्तन किया गया है। पंजाब सरकार ने उनकी Z+ सिक्योरिटी वापस ले ली है और जालंधर स्थित अपने निवास पर तैनात पंजाब पुलिस के जवानों को तुरंत हटा लिया गया है। इसके पश्चात केंद्र सरकार ने उन्हें केंद्रीय सुरक्षा के तहत Central Reserve Police Force (CRPF) सुरक्षा प्रदान की है, और उनके घर के बाहर CRPF के जवानों की तैनाती कर दी गई है। यह कदम तब उठाया गया है जब AAP के अंदर व्यापक राजनीतिक उथल-पुथल हो रही है। पार्टी से बाहर जाने वाले सांसदों में भज्जी के अलावा और भी कई मशहूर नाम शामिल किए जा रहे हैं। इस बीच दिल्ली से पंजाब तक राजनीतिक बयानबाजी में तीव्रता आ गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने से उत्पन्न विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

पंजाब की AAP सरकार ने पूर्व क्रिकेटर और पार्टी छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह भज्जी की Z+ सुरक्षा हटा दी है। उनके जालंधर स्थित निवास पर तैनात पंजाब पुलिस के जवानों को तुरंत वापस बुला लिया गया है। इसके बाद ही केंद्र सरकार ने भज्जी को CRPF की सुरक्षा मुहैया कराई है। उनके घर के बाहर ये जवान तैनात कर दिए गए हैं। भज्जी ने फिलहाल AAP छोड़ने या BJP जॉइन करने की कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन राघव चड्‌ढा ने उनके साथ रहने का दावा किया था। भज्जी से पहले AAP सरकार ने राघव चड्‌ढा की Z+ सुरक्षा वापस ली थी। इसके बाद उन्हें केंद्र से यही सुरक्षा फिर से प्राप्त हुई। भज्जी को केंद्र से सुरक्षा मिलने की कोई नई जानकारी नहीं है। AAP छोड़ने वाले दूसरे राज्यसभा सांसद विक्रमजीत साहनी ने इस बीच कहा कि AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने उनसे इस्तीफा मांगा था। मेरा मन भी तैयार था, लेकिन फिर सलाहकारों ने मुझे रोक दिया। साहनी ने कहा कि इस समय पंजाब ICU में है। उसे बचाने के लिए मजबूत केंद्रीय समर्थन या केंद्र सरकार के सहयोग की आवश्यकता है। AAP न छोड़ने वाले सांसद संत सीचेवाल ने कहा कि राघव चड्‌ढा ने आजाद ग्रुप बनाने का प्रस्ताव देकर मुझे 16, 17 और 18 अप्रैल को चाय पर बुलाया था, लेकिन मैं नहीं गया। मैंने उन्हें किसी प्रकार के आजाद ग्रुप बनाने या उसमें शामिल होने से मना कर दिया।

सांसद साहनी ने AAP से अलग होने के बारे में क्या-क्या कहा…

सांसद विक्रमजीत साहनी ने कहा- हमने पंजाब और पंजाबियों के साथ कोई बेईमानी नहीं की। ये इल्जाम गलत हैं। हम पंजाब के लिए मेहनत करेंगे। पंजाब में कई योजनाएँ हैं, जिसमें 10 हजार बच्चों को नौकरी देने का भी इरादा है। CM मान-केजरीवाल पर कुछ नहीं कहूंगा: सांसद साहनी ने कहा- मैं CM भगवंत मान पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। हमने कभी AAP में शामिल नहीं हुए, लेकिन उन्हें मौका देने के लिए उनके कर्जदार रहेंगे। मुझे CM मान और अरविंद केजरीवाल से कोई शिकायत नहीं है। न तो उनके खिलाफ कभी कुछ कहा और न ही जीवन में कुछ कहूंगा। कानूनी कार्रवाई सही है, लेकिन हम राजनीतिक नहीं हैं: साहनी ने सदस्यता निरस्त करने पर कहा- कानूनी प्रक्रिया उचित है। वे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट देखेंगे। लेकिन जितना मैंने पढ़ा है, दो-तिहाई का नियम है और विलय भी हुआ है। जो भी स्थिति है, हम पंजाब की सेवा करते रहेंगे। हम इस्तीफा देने के लिए तैयार नहीं हैं। हम राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं।

जानिए, 7 सांसदों के AAP से अलग होने के मामले में अब तक क्या-क्या हुआ है.

24 अप्रैल- शाम 4 बजे राघव चड्ढा ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि AAP के 10 में से 7 राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। उसी दिन शाम को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भाजपा में शामिल हो गए। राघव ने कहा कि उनके साथ कुल 7 सांसद हैं। बाकी 4 सांसद सामने नहीं आए हैं। स्वाति मालीवाल ने कहा कि वह इटानगर में हैं और बाद में प्रतिक्रिया देंगी।

25 अप्रैल- सुबह भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर व्यंग्य करते हुए 7 सांसदों पर टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक वातावरण और बढ़ गया। उन्होंने लिखा- अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया, ये 7 चीजें मिलकर सब्जियों को स्वादिष्ट बनाती हैं, लेकिन इनकी सब्जी नहीं तैयार हो सकती।

25 अप्रैल- AAP के हरपाल चीमा ने कहा कि केवल 3 सांसद BJP में शामिल हुए हैं और बाकी के हस्ताक्षर फर्जी हैं। चीमा ने कहा- रजिंदर गुप्ता अपनी बाइपास सर्जरी कराने के लिए विदेश गए हैं। इनके हस्ताक्षर केवल सात सदस्यों को दिखाने के लिए किए गए हैं। 7 सदस्य एक साथ जाने चाहिए थे, तभी वे कानून से बच सकते थे। उनके पास केवल 18 महीने का समय बाकी है। चीमा ने कहा कि हरभजन सिंह को इसलिए आगे लाए थे ताकि वह युवाओं का मार्गदर्शन कर सके, लेकिन वह गद्दार बनकर भाग गया। उसे डर है कि बीजेपी उसकी टिप्पणी को बंद करवा देगी।

25 अप्रैल- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 7 AAP सांसदों के पार्टी छोड़ने के संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के लिए समय माँगा। सीएम मान पंजाब के सभी विधायकों के साथ दिल्ली जाकर राष्ट्रपति से भेंट करना चाहते हैं। वे पार्टी बदलने वाले 7 सांसदों के राइट टू रिकॉल की मांग करेंगे और इस पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। इसके अतिरिक्त, AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह उपराष्ट्रपति से भी मिलने वाले हैं, जहाँ वे पार्टी छोड़ने वाले सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग करेंगे।

25 अप्रैल- एक न्यूज़ चैनल ने स्रोतों के हवाले से बताया कि पार्टी छोड़ने से पूर्व 3 सांसद AAP के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से मिले थे। इनमें अशोक मित्तल ने 19 अप्रैल, विक्रमजीत साहनी ने 22 अप्रैल और संदीप पाठक ने 23 अप्रैल को केजरीवाल से मुलाकात की। मित्तल ने 23 अप्रैल को केजरीवाल से बातचीत भी की थी।

25 अप्रैल- (AAP) से निकले 7 में से 3 राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह भज्जी, राजिंदर गुप्ता और LPU के संस्थापक अशोक मित्तल के खिलाफ AAP के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने जालंधर में भज्जी और लुधियाना में ट्राइडेंट ग्रुप के मालिक राजिंदर गुप्ता के आवास के बाहर “गद्दार” लिखा। फगवाड़ा में सांसद अशोक मित्तल की यूनिवर्सिटी LPU के गेट पर भी “पंजाब का गद्दार” लिखा गया। इस दौरान पुलिस मौके पर थी, लेकिन उन्होंने प्रदर्शनकारियों को रोकने का कोई विशेष प्रयास नहीं किया |

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