पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) के 12वीं कक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद राज्यभर में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। इस बार विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम किया है। बोर्ड परीक्षा में 91.46 प्रतिशत छात्र सफल रहे, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान आज चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर 12वीं कक्षा के टॉपर्स और उनके परिवारों से मुलाकात करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करना और उनकी मेहनत को सराहना देना है। राज्य सरकार की यह पहल छात्रों के मनोबल को बढ़ाने का काम करेगी। मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान टॉपर्स को स्कॉलरशिप चेक सौंपेंगे और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करेंगे। साथ ही अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका की भी सराहना की जाएगी, जिन्होंने विद्यार्थियों को सफलता तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। इस वर्ष परीक्षा में छात्राओं का दबदबा देखने को मिला। मानसा की सुप्रीत कौर, लुधियाना की सुहानी चौहान और दिव्यांशी ने 500 में से 500 अंक प्राप्त कर राज्यभर में पहला स्थान हासिल किया। तीनों छात्राओं की इस उपलब्धि ने पूरे पंजाब का नाम रोशन किया है। पंजाब बोर्ड के अनुसार इस साल 2 लाख 65 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 2 लाख 42 हजार से ज्यादा छात्र सफल घोषित किए गए। रिजल्ट आने के बाद स्कूलों और परिवारों में जश्न का माहौल बना हुआ है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाने की अपील की और कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली छात्रों के साथ हमेशा खड़ी रहेगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर रिजल्ट के पीछे विद्यार्थियों की निरंतर मेहनत, शिक्षकों का मार्गदर्शन और अभिभावकों का सहयोग मुख्य कारण है। आने वाले समय में पंजाब के छात्र शिक्षा के क्षेत्र में और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। राज्य सरकार द्वारा टॉपर्स को सम्मानित करने की यह पहल अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेगी। इससे शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा और अधिक छात्र मेहनत के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ेंगे।
