प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आंध्र प्रदेश दौरा, पुट्टपर्थी स्थित भगवान श्री सत्य साईं बाबा के महासमाधि पर करी श्रद्धांजलि अर्पित

आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में बुधवार को आयोजित श्री सत्य साई बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने सत्य साई बाबा के पवित्र मंदिर और महासमाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री का स्वागत मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने किया।इस कार्यक्रम में अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन, पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।सुबह पुट्टपर्थी एयरपोर्ट पहुंचने पर CM नायडू ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी नेसत्य साई बाबा के साईं कुलवंत हॉल  पहुँचे।महासमाधि पर पुष्पांजलि और प्रार्थना की और ओंकार हॉल में दर्शन किए।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन पवित्र स्थलों पर आने से सत्य साई बाबा की करुणा और मानव उत्थान के प्रति समर्पण का स्मरण होता है। प्रधानमंत्री ने समारोह के मुख्य कार्यक्रम में ₹100 का स्मारक सिक्का और डाक टिकटों का सेट जारी किया। यह स्मृति चिह्न सत्य साई बाबा के जीवन, मूल्यों और मानवता सेवा की विरासत को समर्पित है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि सत्य साई बाबा की जन्म शताब्दी केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी पीढ़ी के लिए एक दिव्य वरदान है।प्रधानमंत्री ने कहा कि “आज भले ही वे हमारे बीच दैहिक रूप में नहीं हैं, लेकिन उनकी शिक्षा, प्रेम और सेवा भावना करोड़ों लोगों का मार्गदर्शन कर रही है। उनकी शिक्षाएं पुस्तकों और आश्रमों की सीमाओं में नहीं रहतीं, बल्कि जीवन में दिखाई देती हैं।”प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले 11 वर्षों में देश में सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति का विशेष उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने बेटियों की शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने वाली सुकन्या समृद्धि योजना के महत्व पर भी बात की।शताब्दी समारोह में देश के राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक और कला जगत के प्रमुख लोग उपस्थित रहे।सबसे चर्चा का विषय अभिनेत्री ऐश्वर्या राय द्वारा पीएम मोदी के पैर छूना रहा, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं।प्रधानमंत्री की यह यात्रा सत्य साई बाबा की शताब्दी वर्ष के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है।मोदी ने कहा कि सत्य साई बाबा की शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों को निस्वार्थ सेवा की प्रेरणा देती रहेंगी।

 

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