बलटाना के प्रीत विहार इलाके में सीवरेज सफाई के बाद नगर परिषद की कार्यशैली को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है। आरोप है कि सफाई के दौरान निकाला गया सीवरेज का गंदा कचरा सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में तेज बदबू फैल गई। करीब 24 घंटे तक कचरा नहीं उठाए जाने से लोगों को आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात के मौसम में खुले में पड़ा सीवरेज का कचरा संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। लोगों का आरोप है कि यदि इस दौरान बारिश हो जाती तो गंदगी पूरी गली में फैल जाती और हालात और भी खराब हो सकते थे। उन्होंने नगर परिषद से ऐसी लापरवाही दोबारा न होने की मांग की है। वार्ड नंबर-3 के पार्षद देवेंद्र नेगी ने बताया कि उन्होंने संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को कई बार फोन कर सड़क पर पड़े कचरे को उठाने की मांग की, लेकिन समय पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे और समस्या का समाधान नहीं किया गया। पार्षद के अनुसार जब लंबे समय तक नगर परिषद की ओर से कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा तो उन्होंने स्थानीय लोगों की परेशानी को देखते हुए निजी मजदूरों की मदद से अपने खर्च पर सड़क से सीवरेज का कचरा उठवाया। उनका कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों को भी नगर परिषद का काम स्वयं करवाना पड़े तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इलाके के लोगों ने मांग की है कि इस मामले की जांच कर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि शहर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केवल सफाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निकले हुए कचरे का समय पर निस्तारण करना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि लोगों को स्वास्थ्य संबंधी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। किया, लेकिन वहां से भी केवल टालमटोल ही मिली और कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा अन्य अधिकारियों को भी शिकायत दी गई, लेकिन सभी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। पार्षद ने कहा कि जब 24 घंटे बीत जाने के बाद भी नगर परिषद का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा तो लोगों की परेशानी को देखते हुए उन्हें खुद अपनी जेब से पैसे खर्च कर निजी मजदूर बुलाने पड़े। बुधवार दोपहर उन्होंने अपने खर्चे पर सड़क

Preet Vihar में 24 घंटे सड़क पर पड़ा सीवरेज का कचरा
प्रीत विहार में सीवरेज सफाई के बाद सड़क पर छोड़े गए कचरे को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नगर परिषद की ओर से सफाई तो कर दी गई, लेकिन निकले हुए सीवरेज के कचरे को समय पर नहीं उठाया गया। इससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई और लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। बरसात के मौसम में खुले में पड़ा सीवरेज का कचरा लोगों के लिए चिंता का कारण बना रहा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि इस दौरान बारिश हो जाती तो गंदगी पूरी गली में फैल सकती थी, जिससे संक्रमण और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता। लोगों ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की है। वार्ड नंबर-3 के पार्षद देवेंद्र नेगी ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से संपर्क कर सड़क पर पड़े कचरे को उठाने की मांग की। उनके अनुसार बार-बार शिकायत करने के बावजूद समय पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानी लगातार बनी रही। उनका कहना है कि जिम्मेदार विभाग की ओर से केवल आश्वासन मिलता रहा, लेकिन मौके पर समाधान नहीं किया गया। पार्षद ने बताया कि जब लंबे समय तक नगर परिषद की ओर से कोई कर्मचारी कचरा उठाने नहीं पहुंचा, तो उन्होंने अपने स्तर पर निजी मजदूरों की व्यवस्था कर सड़क पर पड़े सीवरेज के कचरे को हटवाया। उनका कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों को भी अपने खर्च पर सफाई व्यवस्था संभालनी पड़े, तो यह नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि सफाई के बाद निकले कचरे का समय पर निस्तारण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
करीब 24 घंटे तक सड़क पर सीवरेज का कचरा पड़े रहने के बाद भी जब नगर परिषद की ओर से कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, तो स्थानीय स्तर पर ही समस्या का समाधान करना पड़ा। लोगों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जिससे क्षेत्र में बदबू और गंदगी का माहौल बना रहा। वार्ड के पार्षद ने स्थिति को देखते हुए निजी मजदूरों की मदद से अपने खर्च पर सड़क से सीवरेज का कचरा हटवाया। कचरा हटने के बाद क्षेत्रवासियों को दुर्गंध और गंदगी से राहत मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह काम नगर परिषद की जिम्मेदारी थी, लेकिन समय पर कार्रवाई न होने के कारण जनप्रतिनिधि को स्वयं पहल करनी पड़ी। क्षेत्र के निवासियों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति अलग दिखाई देती है। उनका कहना है कि केवल नालों और सीवरेज की सफाई कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निकले हुए कचरे का तुरंत निस्तारण भी उतना ही जरूरी है। लोगों ने यह भी कहा कि बरसात के मौसम में सड़क पर पड़ा सीवरेज का कचरा स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है और आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध, गंदगी तथा अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएं और सफाई के बाद कचरे का नियमित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, तो भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं होगी और शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी बेहतर बनेगी।