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Patiala नहर हादसा तीन बच्चों की मौत परिवारिक विवाद की जांच जारी

पंजाब के पटियाला से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां एक व्यक्ति ने अपने परिवार के साथ नहर में छलांग लगा दी। इस खौफनाक कदम को उठाने से ठीक पहले व्यक्ति ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह शख्स बेहद भावुक और परेशान नजर आ रहा है और वह साफ तौर पर कह रहा है कि वह अपने माता-पिता और बहनों की प्रताड़ना से पूरी तरह तंग आ चुका है और इसी वजह से वह अपनी जीवनलीला समाप्त करने जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे में मासूम बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी और तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई जबकि दंपती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। पुलिस ने वीडियो को कब्जे में लेकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और पारिवारिक विवाद के सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

 मोहाली के दंपती के पटियाला में 3 बच्चों संग नहर में कूदने से पहले बनाया VIDEO सामने आ गया है। 17 सेकेंड के इस वीडियो में व्यक्ति कहता है- हम अपने मां-बाप और बहनों से तंग आकर मरने लगे हैं। इसके जिम्मेवार मेरे मां-बाप और मेरी बहन होगी। बस यही जिम्मेवार हैं। इस वीडियो में वह खुद के साथ अपने तीनों बच्चों और पत्नी को भी दिखाता है। दंपती ने पहले तीनों बच्चों के हाथ-पैर बांधकर उन्हें नहर में फेंका। फिर खुद भी कूद गए। तीनों बच्चे तेज बहाव में बह गए और हाथ-पैर बंधे होने की वजह से जान बचाने की कोशिश भी नहीं कर सके। उनकी लाश एक किलोमीटर दूर मिली थी। वहीं दंपती के कूदने का पता चलते ही लोगों ने उन्हें बाहर निकाल लिया। वह जिंदा बच गए। यह भी सामने आया है कि परिवार पहले जान देने के लिए रेल की पटरी पर लेटा था, लेकिन ट्रेन नहीं आई। इसके बाद इन्होंने नहर में छलांग लगाई। दंपती ने बच्चों को हाथ-पैर बांधकर फेंका था, जिससे उनकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने दंपती को गिरफ्तार कर लिया है।

बाइक पर सवार होकर नहर पहुंचा था दंपती

यह घटना रविवार की दोपहर को राजपुरा में गांव खेड़ी गंडिया से गुजरने वाली भाखड़ा नरवाना ब्रांच नहर पर गांव नरड़ू वाले पुल के समीप हुई। मोहाली के लांडरां क्षेत्र के गांव मौजपुर के निवासी दंपती अपने बच्चों को बाइक पर लेकर आया था। परिजनों के अनुसार, गांव मौजपुर से हरप्रभजोत सिंह (40) और उनकी पत्नी जसविंदर कौर (35) अपने तीन बच्चों—14 वर्षीय बेटे एकमजोत, 12 वर्षीय बेटी मुस्कान कौर और 8 वर्षीय बेटी रणवीर कौर के साथ बाइक पर रवाना हुए थे। जब वे गांव खेड़ी गंडिया से गुजरती भाखड़ा नरवाना ब्रांच नहर के पास पुल पर पहुंचे, तो उन्होंने बाइक रोकी और बच्चों के हाथ-पैर चुन्नी से बांध दिए। इसके बाद उन्होंने पहले बच्चों को नहर में उठाकर फेंका और फिर खुद भी कूद गए।

लोगों ने दंपती को बचाया, बच्चों की गई जान

हादसे के वक्त नहर के किनारे मौजूद स्थानीय लोगों ने जैसे ही पूरे परिवार को पानी में डूबते देखा तो वहां अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत उन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। वहां उपस्थित नागरिकों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए बेहद कड़ी मशक्कत की और गहरे पानी से हरप्रभजोत सिंह और उनकी पत्नी जसविंदर कौर को सूझबूझ के साथ सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि स्थानीय लोगों की तमाम कोशिशों के बावजूद एक बेहद दर्दनाक मोड़ तब आया जब पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण उनके तीनों मासूम बच्चे लहरों की चपेट में आ गए और देखते ही देखते पानी के तेज प्रवाह में बह गए। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और प्रशासन स्थानीय गोताखोरों की मदद से बच्चों की तलाश में जुटा हुआ है।

गोताखोरों ने 4 बजे निकाले शव

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोर भोले शंकर और राजीव कुमार की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और शाम करीब 4 बजे घटनास्थल से 1 किलोमीटर दूर तीनों बच्चों के शव नहर से बरामद कर लिए। गोताखोर राजीव कुमार ने बताया कि टीम मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन बहाव तेज होने के कारण बच्चों को नहीं बचाया जा सका। शवों को बाहर निकालकर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। सरकारी अस्पताल की डॉ. तरनजीत कौर ने तीनों शवों के अस्पताल लाए जाने की पुष्टि की।

मां बोली- हमसे दिक्कत थी तो हमें मार देते

पुलिस का कहना है कि दंपती ने नहर में कूदने से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। इसमें उन्होंने बताया कि पत्नी जसविंदर कौर की सास गुरमेल कौर के साथ नहीं बनती थी। इस वजह से उनके घर में अक्सर झगड़े होते थे। जब ये जानकारी दंपती के परिजनों को मिली, तो उन्होंने विलाप करना शुरू कर दिया। मौजपुर गांव में रहने वाले हरप्रभजोत सिंह के 70 वर्षीय पिता सरवण सिंह और 65 वर्षीय मां गुरमेल कौर ने कहा– अगर मारना ही था तो हमें ही मार देते। बच्चों का क्या कसूर था?

पुलिस कर रही मामले की जांच

पुलिस ने बच्चों के शवों को राजपुरा अस्पताल की मॉर्च्युरी में रख दिया है और मामले की जांच आरंभ कर दी है। घनौर के डीएसपी दलजीत सिंह विर्क ने कहा कि दंपती इस समय गहरे सदमे में हैं। इसलिए उनके बयान नहीं लिए जा सके हैं।

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