NEET-UG 2026 Paper Leak: CBI ने दबोचे दो और आरोपी, 5 राज्यों तक फैला ‘एजुकेशन माफिया’ का नेटवर्क

देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा पर सबसे बड़ा दाग!
देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में अब हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने बुधवार को इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह सिर्फ एक पेपर लीक नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के खेल वाला संगठित नेटवर्क है, जिसने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पूरी विश्वसनीयता को झकझोर कर रख दिया।
अब तक की जांच में सामने आया है कि लीक हुआ पेपर महाराष्ट्र, राजस्थान समेत 5 राज्यों तक बेचा गया था। CBI को शक है कि इस घोटाले में कई कोचिंग सेंटर, एजुकेशन एजेंट, टेक्निकल एक्सपर्ट और कुछ अंदरूनी लोग भी शामिल हो सकते हैं।
कौन हैं नए गिरफ्तार आरोपी?
CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए पहले आरोपी की पहचान डॉ. मनोज शिरूरे के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है। जांच में सामने आया कि उसने एक कोचिंग सेंटर मालिक के बेटे सहित तीन छात्रों को आरोपी पी.वी. कुलकर्णी के जरिए केमिस्ट्री का लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था।
दूसरा आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह है, जो पुणे स्थित मशहूर कोचिंग संस्थान डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (APMA) में फिजिक्स फैकल्टी के तौर पर काम करता था। CBI के मुताबिक उसे फिजिक्स का लीक पेपर पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवलदार के जरिए मिला था।
अब तक 13 गिरफ्तार, 49 ठिकानों पर छापेमारी
CBI इस मामले की जांच कई राज्यों में फैला चुकी है। एजेंसी अब तक:
- 49 अलग-अलग लोकेशनों पर छापेमारी कर चुकी है
- कई लैपटॉप, मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं
- बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं
- अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है
जांच एजेंसी का कहना है कि यह नेटवर्क सिर्फ परीक्षा लीक तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें “रिजल्ट मैनेजमेंट” और “सीट सेटिंग” जैसे एंगल भी हो सकते हैं।
5 राज्यों में बिके पेपर, महाराष्ट्र बना सबसे बड़ा सेंटर
CBI जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि NEET-UG 2026 का पेपर कम से कम 5 राज्यों में बेचा गया।
जांच में सामने आए बड़े तथ्य:
- महाराष्ट्र इस पूरे रैकेट का सबसे बड़ा हब था
- राजस्थान दूसरे नंबर पर रहा
- यहीं से दूसरे राज्यों तक “क्वेश्चन बैंक” पहुंचाया गया
- कई छात्रों को परीक्षा से पहले PDF और प्रिंट कॉपी उपलब्ध कराई गई
- लाखों रुपये लेकर छात्रों को “100% सेलेक्शन” का भरोसा दिया गया
सूत्रों के मुताबिक कुछ छात्रों को होटल और फ्लैट्स में बैठाकर रातभर पेपर सॉल्व भी करवाया गया था।
CBI बना रही है पैसों का पूरा ट्रेल
अब CBI उन पेरेंट्स और छात्रों की पहचान करने में जुटी है, जिनके खातों से आरोपी शिवराज मोटेगांवकर, पी.वी. कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए।
जांच एजेंसी:
- बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच कर रही है
- UPI और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन खंगाल रही है
- संदिग्ध कोचिंग संस्थानों की भूमिका की जांच कर रही है
- NTA से जुड़े कुछ लोगों पर भी नजर रख रही है
सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
छात्रों में गुस्सा, देशभर में विरोध प्रदर्शन
पेपर लीक सामने आने के बाद देशभर में छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। झारखंड की राजधानी रांची में NSUI कार्यकर्ताओं और छात्रों ने सड़कों पर उतरकर विरोध मार्च निकाला।
छात्रों का कहना है कि:
“हम सालों मेहनत करते हैं, लेकिन पैसा और पहुंच रखने वाले लोग सिस्टम खरीद लेते हैं।”
सोशल मीडिया पर भी #NEET_Scam2026 और #JusticeForStudents ट्रेंड कर रहे हैं।
क्या दोबारा होगी परीक्षा?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या NEET-UG 2026 परीक्षा दोबारा करवाई जाएगी?
फिलहाल सरकार और NTA की तरफ से इस पर अंतिम फैसला नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि:
- बड़े पैमाने पर पेपर लीक साबित होने पर री-एग्जाम संभव है
- सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर हो चुकी हैं
- लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है
फीस रिफंड के लिए NTA ने खोला पोर्टल
इस बीच NTA ने NEET-UG 2026 उम्मीदवारों के लिए फीस रिफंड पोर्टल शुरू किया है।
जरूरी जानकारी:
- बैंक डिटेल्स जमा करने की अंतिम तारीख: 27 मई 2026
- समय: रात 11:50 बजे तक
- पोर्टल 22 मई से खुला हुआ है
उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपनी बैंक डिटेल्स अपडेट कर दें।
सवालों के घेरे में पूरा सिस्टम
यह मामला सिर्फ पेपर लीक नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
- आखिर इतने बड़े स्तर पर पेपर कैसे लीक हुआ?
- क्या अंदरूनी मदद के बिना यह संभव था?
- क्या कोचिंग माफिया मेडिकल एंट्रेंस सिस्टम पर हावी हो चुका है?
- लाखों ईमानदार छात्रों की मेहनत का जिम्मेदार कौन?
देश अब जवाब मांग रहा है। क्योंकि यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के सपनों का मामला है।










