कार लेकर भागने की फिराक में था
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
मोहाली के खरड़ इलाके में स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी में हुई ED की कार्रवाई के दौरान अचानक हुए घटनाक्रम ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। जैसे ही 9वीं मंजिल से कैश से भरा बैग नीचे गिरा, नीचे अफरातफरी का माहौल बन गया और कुछ ही मिनटों में वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस अप्रत्याशित घटना को देखकर सोसाइटी के निवासी अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। देखते ही देखते परिसर में सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। लोग यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में नकदी कहां से आई और क्या पूरा मामला है। भीड़ बढ़ने के साथ ही मौके पर अव्यवस्था फैलने लगी और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। कुछ लोग घटना का वीडियो बनाने में जुट गए, जबकि कई लोग इस पूरे घटनाक्रम पर हैरानी जताते नजर आए। माहौल को नियंत्रित करना पुलिस के लिए तुरंत जरूरी हो गया। सूचना मिलते ही खरड़ के डीएसपी ईशांत सिंगला ने तुरंत स्थानीय पुलिस को मौके पर रवाना होने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीम तेजी से घटनास्थल पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया गया। कुछ ही देर में अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में खरड़ सिटी थाने की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सबसे पहले सोसाइटी के प्रवेश द्वार को नियंत्रित किया और अनावश्यक भीड़ को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए इलाके को आंशिक रूप से सील कर दिया ताकि जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए। साथ ही लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की हिदायत दी गई ताकि कोई दुर्घटना न हो और जांच प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सके। जांच एजेंसियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी। अधिकारियों का मानना है कि इन फुटेज से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलेगी। इस बीच ED की टीम भी मौके पर मौजूद रही और बरामद कैश व संदिग्ध गतिविधियों की जांच जारी रखी गई। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पूरा मामला किस वित्तीय या आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में स्थिति बनी हुई है। पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं और सोसाइटी के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। आने वाले समय में इस मामले से जुड़े और भी बड़े खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।


टावर में रहने वाला 4 महीने पहले आया
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह कार्रवाई सोसाइटी के फ्लैट नंबर 906 में रेड हुई है। यहां रहने वाले व्यक्ति की पहचान नितिन कुमार गोहिल के रूप में हुई है, जो IT सेक्टर में कार्यरत बताया जा रहा है। नितिन कुमार गोहिल के कुछ राजनीतिक संपर्क होने की भी चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोसाइटी के लोगों ने बताया कि नितिन कुमार करीब 4 महीने पहले ही यहां रहने आया था। इसलिए, लोगों को भी उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। मोहाली में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की टीम ने आईटी सेक्टर से जुड़े एक कारोबारी के फ्लैट पर बड़ी रेड की। खरड़ स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी में हुई इस कार्रवाई ने पूरे इलाके को चर्चा का केंद्र बना दिया। सुबह से ही केंद्रीय एजेंसी की टीम टावर के अंदर जांच में जुटी रही और देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। ED की टीम जैसे ही फ्लैट नंबर 906 तक पहुंची, उसी दौरान नौवीं मंजिल से एक बैग नीचे फेंका गया। बताया जा रहा है कि बैग में भारी मात्रा में नकदी भरी हुई थी। बैग नीचे गिरते ही फट गया और उसमें से 500-500 रुपये के नोट जमीन पर बिखर गए। यह नजारा देखकर आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। नीचे पहले से एक व्यक्ति कार के पास खड़ा था। जैसे ही बैग नीचे गिरा, उसने तुरंत नोटों से भरा बैग उठाया और कार में बैठकर भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन मौके पर मौजूद ED अधिकारियों ने तेजी दिखाते हुए उसका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे पकड़ लिया। जांच टीम ने उसके पास से करीब 21 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कैश को पहले लाल रंग के बैग में रखा था और फिर उसे सफेद रंग के बैग में पैक कर नीचे फेंका गया। बावजूद इसके, ऊंचाई से गिरने के कारण बैग फट गया और नोट सड़क पर फैल गए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी आसपास के लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
ED अधिकारियों ने फिलहाल पूरे टावर को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। बिल्डिंग के अंदर और बाहर केंद्रीय एजेंसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं। सीढ़ियों से लेकर छत तक सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति मौके से फरार न हो सके। वहीं स्थानीय लोगों की एंट्री भी अस्थायी रूप से रोक दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। खरड़ सिटी थाना पुलिस ने DSP ईशांत सिंगला के निर्देश पर जांच शुरू कर दी है। SHO अमरिंदर सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। पुलिस और ED दोनों मिलकर अब फ्लैट के अंदर मौजूद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। प्राथमिक जांच में फ्लैट में रहने वाले व्यक्ति की पहचान नितिन कुमार गोहिल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह आईटी सेक्टर से जुड़ा हुआ है और करीब चार महीने पहले ही इस सोसाइटी में रहने आया था। उसके फ्लैट पर रोजाना कई कूरियर आते थे, जिन्हें अक्सर उसका ड्राइवर रिसीव करता था। इससे अब जांच एजेंसियों को वित्तीय लेनदेन पर शक गहरा गया है। सूत्रों का दावा है कि नितिन गोहिल के कुछ राजनीतिक संपर्क भी हो सकते हैं, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ED अब इस बात की जांच कर रही है कि बरामद नकदी का संबंध किसी बड़े वित्तीय घोटाले, हवाला नेटवर्क या रियल एस्टेट फ्रॉड से तो नहीं है। जांच एजेंसियां मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंक दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं। यह कार्रवाई केवल एक फ्लैट तक सीमित नहीं है। प्रवर्तन निदेशालय ने मोहाली और चंडीगढ़ में करीब 12 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि सनटेक सिटी प्रोजेक्ट और कुछ बिल्डर कंपनियों पर जमीन और लाइसेंस से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही है। फिलहाल पूरे मामले ने पंजाब और चंडीगढ़ के कारोबारी जगत में सनसनी फैला दी
रोजाना कूरियर आते थे
मोहाली-चंडीगढ़ में 12 स्थानों पर रेड चल रही
मोहाली और चंडीगढ़ में रियल एस्टेट और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एजेंसी ने सनटेक सिटी प्रोजेक्ट में कथित धोखाधड़ी के मामले में 12 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। जांच के दायरे में कई नामी बिल्डर और प्रोजेक्ट शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें ABS टाउनशिप, ऑल्टस बिल्डर्स और धीर कंस्ट्रक्शन्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने आम जनता को गुमराह कर निवेश कराया और तय नियमों का उल्लंघन किया। इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने सरकारी अनुमति और लाइसेंस का गलत इस्तेमाल किया। खासकर GMADA से मिले CLU (Change of Land Use) लाइसेंस के दुरुपयोग की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां अब इन अनुमतियों की वैधता और उपयोग की पूरी जांच कर रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने इन छापों के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत जब्त किए हैं। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों से पूरे प्रोजेक्ट में हुए निवेश और पैसों के प्रवाह की कड़ियां जुड़ सकती हैं। इसी जांच के सिलसिले में नितिन कुमार गोहिल का नाम भी सामने आया है। उन पर कथित राजनीतिक संपर्कों और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर जांच चल रही है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या उनका संबंध इस पूरे प्रोजेक्ट नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल एक रियल एस्टेट विवाद नहीं बल्कि एक बड़े वित्तीय नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। इसमें निवेशकों के पैसे के गलत इस्तेमाल और फंड डायवर्जन की आशंका भी जताई जा रही है, जिसकी गहन जांच की जा रही है। छापेमारी के दौरान कई प्रोजेक्ट साइट्स और ऑफिसों को सील भी किया गया है। अधिकारियों ने वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की और रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया है। कुछ जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और विदेशी फंडिंग की भी जांच कर रही है। एजेंसियों को शक है कि इसमें कई स्तरों पर मनी लॉन्ड्रिंग और हेराफेरी की गई हो सकती है। पूरे मामले ने रियल एस्टेट सेक्टर में हलचल मचा दी है। निवेशक भी चिंतित हैं और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और बड़े नामों और वित्तीय खुलासों की संभावना जताई जा रही है।










