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Mohali मर्डर केस 6 आरोपी गिरफ्तार

Mohali के नयागांव क्षेत्र में हुए करनप्रीत सिंह हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 18 वर्षीय युवक की हत्या के मामले में नाबालिग समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पंजाब से फरार होकर उत्तराखंड पहुंच गए थे, लेकिन विशेष टीमों ने उनका पीछा कर उन्हें दबोच लिया। जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने लगातार कार्रवाई जारी रखी। करीब 400 किलोमीटर दूर तक पीछा करने के बाद फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई को मामले की जांच में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। घटना में करनप्रीत सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उसका साथी हरप्रीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। हरप्रीत का इलाज चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में चल रहा है। उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसे लगातार निगरानी में रखा गया है पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमले के दौरान धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। घटना के कारणों और इसके पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने के लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मोहाली पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इस हत्याकांड से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ  वहीं, करनप्रीत के परिवार ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।

चाकुओं और कृपाणों से किया था हमला

नयागांव क्षेत्र में हुई एक हिंसक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार 26 जून को दो युवकों पर कुछ हमलावरों ने अचानक हमला कर दिया। घटना उस समय हुई जब दोनों युवक इलाके से गुजर रहे थे और आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों की संख्या कई थी और उनके पास लाठियां तथा धारदार हथियार मौजूद थे। देखते ही देखते विवाद हिंसक रूप ले गया और दोनों युवकों पर ताबड़तोड़ वार किए गए। आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और हमलावर मौके से फरार हो गए। हमले में घायल हुए दोनों युवकों को गंभीर अवस्था में तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल उपचार देना शुरू किया। घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चंडीगढ़ स्थित पीजीआई रेफर किया गया। इलाज के दौरान 18 वर्षीय करनप्रीत सिंह की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और उसकी मौत हो गई। इस दुखद खबर के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और इलाके में शोक का माहौल बन गया। दूसरी ओर, हमले में घायल हरप्रीत सिंह का अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम उसकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और हमले में शामिल सभी आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

दोनों साथ करते थे नशा

नयागांव में हुए खूनी हमले को लेकर जांच के दौरान कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस इलाके में यह घटना हुई, वहां लंबे समय से कुछ युवकों का जमावड़ा लगा रहता था। इस स्थान को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें सामने आ चुकी थीं। घटना वाली रात कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। शुरुआती बहस धीरे-धीरे बढ़ती गई और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था। रात करीब साढ़े दस बजे विवाद ने खतरनाक रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ युवकों ने धारदार हथियारों के साथ हमला कर दिया, जिससे दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। अचानक हुए इस हमले से आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय निवासी भी इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध हैं। मृतक की मां का विलाप देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और घटना के पीछे की पूरी वजह जानने के लिए सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

मृतक के भाई के बयान पर दर्ज हुई FIR

करनप्रीत सिंह हत्याकांड में पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच को आगे बढ़ा दिया है। घटना के बाद परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके। मृतक के भाई द्वारा दिए गए बयान के आधार पर पुलिस ने कई संदिग्ध व्यक्तियों को जांच के दायरे में लिया है। शिकायत में कुछ आरोपियों की पहचान स्पष्ट रूप से बताई गई है, जबकि अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि घटना में कई लोगों की संलिप्तता हो सकती है। करनप्रीत अपने एक दोस्त के साथ घर से बाहर गया था। जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटा तो परिवार के सदस्यों को चिंता होने लगी। कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। तलाश के दौरान परिवार को पता चला कि करनप्रीत और उसके दोस्त पर हमला हुआ है। यह खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां दोनों का इलाज चल रहा था। दुर्भाग्यवश करनप्रीत की हालत गंभीर होने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी सबूत एकत्र कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे हुई आरोपियों की गिरफ्तारी

करनप्रीत सिंह हत्याकांड की जांच में मोहाली पुलिस को लगातार महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शुरुआत से ही कई विशेष टीमों का गठन किया और संदिग्धों की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी अभियान शुरू कर दिया। अधिकारियों का लक्ष्य घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना था। जांच के शुरुआती चरण में पुलिस ने एक नाबालिग समेत दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आईं, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया। पुलिस को वारदात में शामिल अन्य लोगों के नाम और संभावित ठिकानों की जानकारी भी मिली। इसी दौरान जांच अधिकारियों को एक अन्य आरोपी के बारे में पता चला, जो उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती था। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। आगे की जांच में पता चला कि कुछ आरोपी गिरफ्तारी के डर से राज्य छोड़कर दूसरे क्षेत्र में चले गए हैं। इसके बाद पुलिस टीमों ने तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन और खुफिया सूचनाओं की मदद से उनकी तलाश तेज कर दी। कई दिनों तक लगातार प्रयास के बाद फरार आरोपियों का पता लगाया गया। पुलिस ने लंबी पीछा कार्रवाई के बाद तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे की पूरी साजिश, हमले के कारण और अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाई जा रही है।

पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव

पुलिस ने करनप्रीत सिंह के शव का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को दे दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ चल रही है ताकि हत्या के असली कारण और अन्य संलिप्त लोगों की पहचान की जा सके। घायलों को तुरंत चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करनप्रीत सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं हरप्रीत सिंह का उपचार अभी भी जारी है और उसकी स्थिति चिंताजनक बतई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हमले में शामिल युवक एक-दूसरे को पहले से जानते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जगह वारदात हुई, वहां अक्सर युवकों का जमावड़ा होता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे पुरानी रंजिश, विवाद या कोई और कारण था। मृतक के भाई हरिंदर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने हत्या और जानलेवा हमले सहित कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। एफआईआर में कुछ आरोपियों के नाम शामिल हैं, जबकि अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मोहाली पुलिस ने कई विशेष टीमें गठित कीं। जांच के दौरान सबसे पहले एक नाबालिग और एक अन्य आरोपी को हिरासत में लिया गया। उनसे पूछताछ के बाद पुलिस को अन्य आरोपियों के ठिकानों की जानकारी मिली, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
जांच में यह सामने आया कि घटना के बाद कुछ आरोपी राज्य को छोड़कर उत्तराखंड चले गए हैं। इसके बाद पुलिस टीमों ने तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं की सहायता से लगभग 400 किलोमीटर की दूरी तक पीछा किया और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफल हुई। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि हमले की साजिश कैसे रची गई और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे। मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद करनप्रीत सिंह का शव उसके परिवार वालों को सौंप दिया गया। परिवार और स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा और सभी दोषियों को कानून के तहत सजा दी जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर युवाओं में बढ़ती हिंसा और आपराधिक गतिविधियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलए जाएंगे।

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