Delhi के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच एक अलग तरह का समर्थन देखने को मिल रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से लोग ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के जरिए प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन भेज रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर लगातार खाने के पैकेट पहुंचने से यह पहल सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई है। प्रदर्शन स्थल पर हर कुछ मिनट में फूड डिलीवरी पार्टनर पिज्जा, बर्गर, मोमोज, बिरयानी, थाली, चाय और अन्य खाद्य पदार्थ लेकर पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन ऑर्डर का उद्देश्य किसी एक व्यक्ति तक खाना पहुंचाना नहीं, बल्कि वहां मौजूद किसी भी जरूरतमंद या भूखे प्रदर्शनकारी को भोजन उपलब्ध कराना है। डिलीवरी निर्देश में भी कई बार यही लिखा जा रहा है कि खाना प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों को दे दिया जाए। मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, जयपुर और अन्य शहरों से लोग ऑनलाइन ऑर्डर कर अपना समर्थन जता रहे हैं। कई लोग खुद प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, इसलिए डिजिटल माध्यम से भोजन भेजकर आंदोलन में अपनी भागीदारी दर्ज करा रहे हैं। इस पहल को कई लोग सामाजिक सहयोग और एकजुटता का प्रतीक मान रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर फूड डिलीवरी से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं। खासकर बारिश के दौरान डिलीवरी पार्टनर द्वारा प्रदर्शन स्थल तक खाना पहुंचाने के वीडियो को लोगों ने काफी साझा किया है। कई यूजर्स ने डिलीवरी पार्टनर्स की मेहनत की सराहना करते हुए इसे इंसानियत और सेवा भावना का उदाहरण बताया है। जंतर-मंतर पर CJP का विरोध प्रदर्शन जारी है और ऑनलाइन फूड ऑर्डर के जरिए मिल रहा सहयोग लगातार चर्चा में बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देशभर से मिल रहा यह समर्थन उनके मनोबल को बढ़ा रहा है, जबकि सोशल मीडिया पर भी इस पहल को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
देशभर से आ रहे ऑनलाइन फूड ऑर्डर
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को देश के अलग-अलग हिस्सों से अनोखा समर्थन मिल रहा है। कई लोग ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन भेज रहे हैं। खास बात यह है कि इन ऑर्डर का उद्देश्य किसी विशेष व्यक्ति तक खाना पहुंचाना नहीं, बल्कि वहां मौजूद किसी भी जरूरतमंद प्रदर्शनकारी तक भोजन उपलब्ध कराना है। मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, जयपुर समेत कई शहरों से लोग लगातार ऑनलाइन ऑर्डर कर रहे हैं। डिलीवरी एड्रेस में केवल “जंतर-मंतर प्रोटेस्ट साइट” लिखा जा रहा है और साथ में यह निर्देश दिया जा रहा है कि भोजन वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों में वितरित कर दिया जाए। इससे दूर-दराज के शहरों में बैठे लोग भी इस अभियान में अपनी भागीदारी दर्ज करा रहे हैं। ऑनलाइन भेजे जा रहे भोजन में पिज्जा, बर्गर, मोमोज, बिरयानी, थाली, चाय, कॉफी और विभिन्न प्रकार के स्नैक्स शामिल हैं। दिनभर अलग-अलग समय पर फूड डिलीवरी पार्टनर प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रहे हैं और स्वयंसेवकों की मदद से खाने के पैकेट जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं। इससे लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे लोगों को भोजन की व्यवस्था में भी सहायता मिल रही है। सोशल मीडिया पर इस पहल को लेकर भी व्यापक चर्चा हो रही है। कई यूजर्स का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ने लोगों को दूर रहकर भी सामाजिक अभियानों में सहयोग करने का नया माध्यम दिया है। वहीं, कई लोगों ने इसे एकजुटता और मानवीय सहयोग की मिसाल बताया है। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी है और देशभर से ऑनलाइन फूड ऑर्डर के जरिए मिल रहा समर्थन लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। इस पहल ने यह दिखाया है कि तकनीक के माध्यम से लोग बिना मौके पर पहुंचे भी किसी आंदोलन या सामाजिक अभियान में अपनी भागीदारी और सहयोग दर्ज करा सकते हैं।

बारिश में जोमैटो डिलीवरी बॉय का VIDEO हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तेज बारिश के बावजूद एक फूड डिलीवरी पार्टनर जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल तक भोजन पहुंचाते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो को कई लोगों ने साझा किया है और इसे मानवीय सहयोग तथा जिम्मेदारी की मिसाल बताया जा रहा है। वीडियो में डिलीवरी पार्टनर बताता है कि यह ऑर्डर मुंबई के एक व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन कराया गया है। ऑर्डर के साथ यह निर्देश भी दिया गया था कि भोजन किसी विशेष व्यक्ति को नहीं, बल्कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद किसी भी जरूरतमंद या भूखे व्यक्ति को दे दिया जाए। इस संदेश ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। भोजन पहुंचने के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद स्वयंसेवकों ने ऑर्डर भेजने वाले व्यक्ति का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने खराब मौसम के बावजूद समय पर डिलीवरी पूरी करने वाले डिलीवरी पार्टनर की भी सराहना की। मौके पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया और उनके प्रयास की प्रशंसा की। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने लिखा कि आधुनिक तकनीक और ऑनलाइन सेवाओं के जरिए दूर बैठे लोग भी जरूरतमंदों तक मदद पहुंचा सकते हैं। कुछ लोगों ने इसे इंसानियत, सहयोग और सामाजिक भागीदारी का सकारात्मक उदाहरण बताया। यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। कई लोग इसे कठिन परिस्थितियों में भी सेवा भावना और मानवीय सहयोग की मिसाल मान रहे हैं, जबकि ऑनलाइन माध्यम से जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने की इस पहल की भी सराहना की जा रही है।
सोशल मीडिया पर लोग बोले- यही है इंसानियत
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए ऑनलाइन भोजन भेजने की पहल को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है। विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लोग इस अभियान की चर्चा कर रहे हैं और इसे मानवीय सहयोग का एक सकारात्मक उदाहरण बता रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि तकनीक ने अब लोगों को दूर रहकर भी जरूरतमंदों की मदद करने का नया माध्यम उपलब्ध कराया है। सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे पोस्ट और वीडियो में लोग इस बात की सराहना कर रहे हैं कि देश के अलग-अलग शहरों में बैठे नागरिक भी ऑनलाइन माध्यम से प्रदर्शन स्थल तक भोजन पहुंचाने में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। कई लोगों ने इसे एकजुटता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बताया है। कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाओं में लिखा कि इस तरह की पहल यह साबित करती है कि मदद करने के लिए किसी स्थान पर शारीरिक रूप से मौजूद होना जरूरी नहीं है। यदि इच्छा हो तो डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सकती है। लोगों का मानना है कि ऐसे प्रयास समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करते हैं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने वायरल वीडियो पर भावुक प्रतिक्रियाएं भी दीं। एक यूजर ने लिखा कि वीडियो देखकर मानवीय संवेदनाओं पर विश्वास और मजबूत हुआ, जबकि कई अन्य लोगों ने इसे इंसानियत और आपसी सहयोग की सच्ची मिसाल बताया। इन प्रतिक्रियाओं ने इस पहल को सोशल मीडिया पर और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है ऑनलाइन भोजन भेजने की यह पहल लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। सोशल मीडिया पर मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रियाएं यह संकेत देती हैं कि डिजिटल माध्यमों के जरिए लोग सामाजिक और मानवीय अभियानों में सक्रिय रूप से सहयोग करने के नए तरीके अपना रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर से संसद मार्च का आह्वान किया गया था। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक और छात्र राजधानी पहुंचे। आंदोलन को उस समय और अधिक चर्चा मिली जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इस मुद्दे पर आमरण अनशन शुरू किया और बाद में उन्हें पुलिस हिरासत में लेकर अस्पताल ले जाया गया। प्रदर्शन के बीच एक अलग तस्वीर भी देखने को मिली, जब देश के विभिन्न राज्यों से लोगों ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन भेजना शुरू किया। कई लोगों ने बिना किसी व्यक्तिगत पहचान के केवल प्रदर्शन स्थल का पता देकर भोजन पहुंचाने की व्यवस्था की, ताकि वहां मौजूद जरूरतमंद लोगों को खाने की सुविधा मिल सके। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें तेज बारिश के बावजूद एक फूड डिलीवरी पार्टनर जंतर-मंतर पहुंचकर भोजन सौंपता नजर आया। वीडियो में बताया गया कि यह ऑर्डर दूसरे शहर से भेजा गया था और विशेष निर्देश दिए गए थे कि खाना वहां मौजूद किसी भी भूखे या जरूरतमंद प्रदर्शनकारी को दे दिया जाए। इस वीडियो को बड़ी संख्या में लोगों ने साझा किया और डिलीवरी पार्टनर की प्रतिबद्धता की सराहना की। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद स्वयंसेवकों ने भी ऑनलाइन सहयोग करने वाले लोगों का धन्यवाद किया। उनका कहना है कि देशभर से मिल रहे इस तरह के सहयोग ने आंदोलन में शामिल लोगों का मनोबल बढ़ाया है। साथ ही लंबे समय तक प्रदर्शन में शामिल रहने वाले लोगों के लिए भोजन जैसी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने में भी यह मददगार साबित हो रही है। सोशल मीडिया पर इस पहल को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने इसे मानवीय सहयोग और सामाजिक एकजुटता का उदाहरण बताया है। लोगों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन सेवाओं के जरिए अब दूर बैठे नागरिक भी किसी सामाजिक अभियान या जनआंदोलन में अपनी भागीदारी निभा सकते हैं। यही वजह है कि यह पहल इंटरनेट पर चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।
NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन लगातार चर्चा में बना हुआ है। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने, परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से जंतर-मंतर से संसद मार्च का आह्वान किया गया था। आंदोलन को उस समय और अधिक राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान मिला जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इस मुद्दे पर अनशन शुरू किया। बाद में स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई। इसके बाद विभिन्न राज्यों से लोगों ने भी इस आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान देशभर से लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से अपना समर्थन भी जताया। कई नागरिकों ने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के जरिए प्रदर्शन स्थल पर भोजन भेजा, जबकि सोशल मीडिया पर भी आंदोलन से जुड़े वीडियो और तस्वीरें तेजी से साझा की गईं। इससे यह मुद्दा इंटरनेट पर भी व्यापक चर्चा का विषय बन गया। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद स्वयंसेवकों का कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से मिल रहे सहयोग ने आंदोलन में शामिल लोगों का उत्साह बढ़ाया है। उनका मानना है कि इस तरह का समर्थन केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि लंबे समय तक प्रदर्शन कर रहे लोगों की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में भी मददगार साबित हो रहा है। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच किसी तरह का संवाद स्थापित होता है या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि परीक्षा सुधार और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।