अवैध रूप से भारतीय युवाओं को विदेश भेजने और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े ‘डंकी रूट’ रैकेट के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की जालंधर जोनल टीम ने दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में एक साथ 13 ठिकानों पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये की नकदी और कीमती धातुएं जब्त की हैं।जिसमें₹19.13 करोड़ की संपत्ति बरामद की गई।ईडी के अनुसार, दिल्ली स्थित एक ट्रैवल एजेंट के ठिकाने से ₹4.62 करोड़ नकद व 313 किलो चांदी और 6 किलो सोने के बिस्किट बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹19.13 करोड़ बताई जा रही है।
डिजिटल सबूत और आपत्तिजनक चैट्स मिलीं
छापेमारी के दौरान ईडी को मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी मिले हैं। इनमें बरामद चैट्स में टिकट बुकिंग, रूट प्लानिंग और पैसों की डील से जुड़ी बातचीत सामने आई है, जो पूरे ‘डंकी रूट’ नेटवर्क की पुष्टि करती है।जांच में यह भी सामने आया है कि हरियाणा के एक प्रमुख आरोपी ने अवैध रूप से अमेरिका भेजे जाने वाले लोगों से जमीन और प्रॉपर्टी के कागजात गिरवी रखवाए थे, ताकि कमीशन की रकम सुरक्षित रहे और कोई बीच रास्ते से पीछे न हटे।
फरवरी 2025 डिपोर्टेशन से जुड़ा मामला
यह कार्रवाई फरवरी 2025 में अमेरिकी सरकार द्वारा 330 भारतीय नागरिकों को सैन्य कार्गो विमानों से भारत डिपोर्ट किए जाने से जुड़े मामलों की जांच के तहत की गई है। इस संबंध में पंजाब और हरियाणा पुलिस ने कई एफआईआर दर्ज की थीं, जिनके आधार पर ईडी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।
खतरनाक रास्तों से भेजने का आरोप
ईडी का आरोप है कि एजेंटों ने लोगों को कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का झांसा देकर भारी रकम वसूली, लेकिन बाद में उन्हें दक्षिण अमेरिकी देशों के जरिए खतरनाक रास्तों से भेजा गया। पूरी यात्रा के दौरान यात्रियों से मारपीट, अतिरिक्त पैसे की वसूली और गैर-कानूनी काम कराने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं।
ईडी अब जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य ट्रैवल एजेंट, बिचौलिए और हवाला ऑपरेटर्स पर भी जल्द कार्रवाई की जा सकती है।
