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IMDb से गायब हुई ‘सतलुज’ की रेटिंग, बढ़ा विवाद

Diljit Dosanjh की चर्चित फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 से अचानक हटाए जाने की खबर ने सुर्खियां बटोरी थीं और अब फिल्म की IMDb पर दिखाई देने वाली रेटिंग भी गायब होने से नया विवाद खड़ा हो गया है। इस घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर बहस तेज कर दी है और फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। फिल्म के ओटीटी से हटने के बाद दर्शकों के बीच पहले ही कई सवाल उठ रहे थे। इसी बीच लोगों ने देखा कि IMDb पर फिल्म की पहले दिखाई देने वाली 9.5 रेटिंग अब नजर नहीं आ रही है। रेटिंग गायब होने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस पर सवाल उठाए और पारदर्शिता की मांग की। कई लोगों का कहना है कि इस तरह के बदलाव की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। बॉलीवुड निर्देशक संजय गुप्ता ने भी इस पूरे मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि एक दिन पहले तक फिल्म की रेटिंग दिखाई दे रही थी, लेकिन अब उसे हटा दिया गया है। उन्होंने IMDb की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं रेटिंग सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं। फिल्म से जुड़े लोगों का कहना है कि उन्हें अब तक यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से क्यों हटाया गया और अब IMDb पर रेटिंग क्यों दिखाई नहीं दे रही है। यदि किसी स्तर पर कोई तकनीकी या अन्य कारण है तो उसके बारे में आधिकारिक जानकारी साझा की जानी चाहिए, ताकि दर्शकों के बीच भ्रम की स्थिति न बने।  ‘सतलुज’ को लेकर विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है। फिल्म के ओटीटी से हटने और IMDb पर रेटिंग गायब होने के बाद दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित प्लेटफॉर्म या फिल्म से जुड़े पक्ष इस पूरे मामले पर आगे क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण देते हैं।

अचानक गायब हुई ‘सतलुज’ की रेटिंग

दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज को लेकर नया विवाद सामने आया है। फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 से हटाए जाने के बाद अब IMDb पर दिखाई देने वाली इसकी रेटिंग भी नजर नहीं आ रही है। इस बदलाव ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है और फिल्म के समर्थकों के साथ-साथ इंडस्ट्री के कई लोग भी इस पर सवाल उठा रहे हैं। फिल्म ZEE5 पर करीब 48 घंटे तक उपलब्ध रही। इस दौरान दर्शकों ने फिल्म को सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कई लोगों ने इसकी कहानी, निर्देशन और अभिनय की सराहना की। इसी समय IMDb पर भी फिल्म को 10 में से 9.5 की रेटिंग दिखाई दे रही थी, जिससे यह चर्चा का विषय बन गई थी। कुछ समय बाद यूजर्स ने देखा कि IMDb के पेज पर फिल्म की रेटिंग दिखाई नहीं दे रही है। मंगलवार तक मौजूद रेटिंग बुधवार को अचानक गायब होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। यूजर्स का कहना है कि बिना किसी सार्वजनिक जानकारी के इस तरह का बदलाव भ्रम की स्थिति पैदा करता है। बॉलीवुड निर्देशक संजय गुप्ता ने भी इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फिल्म के IMDb पेज का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा कि एक दिन पहले तक फिल्म की 9.5 रेटिंग दिखाई दे रही थी, लेकिन अब वह गायब हो गई है। उन्होंने IMDb की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि इस तरह की घटनाएं रेटिंग सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं। संजय गुप्ता की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस और तेज हो गई। कई यूजर्स ने भी रेटिंग हटाए जाने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की, जबकि कुछ लोगों ने इस बदलाव के पीछे आधिकारिक स्पष्टीकरण की मांग की। IMDb या संबंधित पक्ष की ओर से रेटिंग गायब होने के कारणों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

‘सिस्टम में किसी को इस फिल्म से बहुत दिक्कत है’

रेटिंग में कमी आने पर सतलुज के सह-लेखक निरेन भट्ट ने प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि उन्हें भी इसके कारण का अंदाजा नहीं है। निरेन ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ से कहा, ‘हमें यह भी पता नहीं था कि फिल्म का रिलीज डेट कब है।’ ये भी नहीं मालूम था कि कब हटा दी जाएगी। और अब IMDb की रेटिंग… हमें नहीं पता किसे इससे समस्या थी, क्या समस्या थी और क्यों। ‘कोई भी बातचीत नहीं हुई।’ इससे पहले निरेन भट्ट सतलुज के हटाने पर भी प्रश्न उठा चुके हैं. वैरायटी इंडिया के साथ चर्चा में उन्होंने कहा था, ‘मेरा मानना है कि इस फिल्म से सिस्टम में किसी को बहुत बड़ी समस्या है।’ लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यह है कि संवाद पूरी तरह से मौजूद नहीं है। हमें वर्षों से केवल खामोशी और टालमटोल ही देखने को मिला है। CBFC (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) की ओर से बिल्कुल कोई प्रतिक्रिया नहीं है। आगे निरेन ने कहा, ‘वे यह भी नहीं बताते कि समस्या क्या है, किस हिस्से पर आपत्ति है या निर्णय कौन कर रहा है? अब भी ज़ी5 केवल ‘मौजूदा घटनाक्रम’ के नाम से बयान जारी करता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं करता कि वह घटनाक्रम असल में क्या है. यदि कोई समस्या है तो चर्चा करनी चाहिए. लेकिन जब आपके काम को बिना कोई सूचना दिए हटा दिया जाए, तो संवाद कैसे संभव होगा? कुछ समय बाद फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। इस निर्णय के पीछे औपचारिक रूप से स्पष्ट कारण नहीं बताएं गए। प्लेटफॉर्म की तरफ से महज इतना कहा गया कि वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फिल्म को हटाया गया है। इस संक्षिप्त बयान के बाद दर्शकों और फिल्म सजुड़े लोगों की जिज्ञासा और बढ़ गई। अब विवाद में नया मोड़ तब आया जब IMDb पर फिल्म की रेटिंग भी दिखाई देना बंद हो गई। जिन यूजर्स ने पूर्व में फिल्म की रेटिंग देखी थी, वे हैरान रह गए।
इस घटनाक्रम पर बॉलीवुड निर्देशक संजय गुप्ता ने बेबाकी से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि पहले फिल्म की रेटिंग दिखायी जा रही थी, लेकिन अब उसे हटा दिया गया है। उन्होंने IMDb की विश्वसनीयता पर सवल उठाते हुए नाराजगी जाहिर की और कहा कि ऐसी घटनाएं रेटिंग सिस्टम की पारदर्शिता पर संदेह उत्पन्न करती हैं। फिल्म के सह-लेखक निरेन भट्ट ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि उन्हें अभी तक स्पष्ट नहीं बताया गया कि फिल्म को पहले पेश करने का कारण क्या था और बद में इसे हटाने का क्या तर्क था। उन्होंने यह भी कहा कि रेटिंग के गायब होने की स्थिति में उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। निरेन भट्ट के अनुसार सबसे बड़ा मुद्दा संवाद की कमी है। उनका कहना है कि फिल्म से जुड़े व्यक्तियों को यह भी नहीं बताया गया कि आपत्ति किस बात पर है। यदि किसी स्तर पर कोई समस्या थी, तो उस पर चर्चा होना आवश्यक था, लेकिन बिना किसी स्पष्ट सूचना के फिल्म को हटाना कई सवाल खड़े करता है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर लोगों की विभिन्न प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ उपयोगकर्ता इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ कर देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि किसी भी प्लेटफॉर्म को अपनी नीतियों के अनुसार कंटेंट से संबंधित निर्णय लेने का अधिकार है। हालांकि अधिकतर लोग इस बात पर सहमत हैं कि यदि कोई बड़ा निर्णय लिया जाता है, तो उसके पीछे के कारणों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए। ‘सतलुज’ को लेकर विवाद शांत होता दिखाई नहीं दे रहा है। फिल्म के ओटीटी से हटने और IMDb पर रेटिंग गायब होने के बाद दर्शकों में कई सवाल उठ रहे हैं।

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