HIMACHAL:में बोलीं कंगना रणौत– राहुल गांधी के कारण देश की छवि हो रही धूमिल

 हिमाचल प्रदेश: बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रणौत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयानों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार संविधान और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर देश की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

कंगना रणौत ने कहा, “राहुल गांधी ने झूठ बोलने की सारी हदें पार कर दी हैं। वह हर बार अपने बयानों से भारत की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। उनके कारण आज भारत का मजाक दुनिया भर में बन रहा है।”उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी ने हाल ही में विदेशी मॉडल की तस्वीर दिखाकर जिस तरह से चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए, वह बेहद शर्मनाक है। कंगना के अनुसार, “अब वह विदेशी मॉडल भी भारत से नाराज़ है, क्योंकि उसकी तस्वीर का इस्तेमाल गलत तरीके से किया गया।”

“सत्ता में नहीं आने के कारण राहुल गांधी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया”

कंगना रणौत ने आरोप लगाया कि सत्ता से लगातार दूर रहने के कारण राहुल गांधी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। उन्होंने कहा, “वह हर बार नई-नई बातें कहकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं, लेकिन देश अब सच जानता है।”

सांसद फंड और विकास कार्यों पर बोलीं कंगना

किन्नौर दौरे के दौरान सांसद कंगना रणौत से जब सांसदीय फंड (MP Fund) के उपयोग को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि आने वाले समय में फंड जारी किया जाएगा।
कंगना ने बताया, “कई विकास कार्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं क्योंकि प्रशासनिक स्तर पर कुछ देरी हो जाती है। ऐसे में मैं खुद समय-समय पर समीक्षा बैठक करती हूं ताकि रुकावटें दूर की जा सकें।”

स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग पर जताई चिंता

कंगना रणौत ने हिमाचल के स्थानीय उत्पादों की पहचान और बाजार में उनकी स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि “हमारे प्रदेश के पास प्राकृतिक संपदा और बेहतरीन स्थानीय उत्पाद हैं, लेकिन उनकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग के अभाव में उन्हें वह पहचान नहीं मिल पा रही है जो मिलनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगी ताकि हिमाचल के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दिया जा सके।

कंगना रणौत ने अपने बयान के माध्यम से जहां राहुल गांधी को घेरा, वहीं प्रदेश के विकास और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की बात भी दोहराई। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई है।

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