नौवीं पातशाही और हिंद की चादर, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व को समर्पित नगर कीर्तन यात्रा का आज अंबाला छावनी में भव्य और उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा के लिए प्रशासन और सामाजिक संगठनों की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं, ताकि श्रद्धालुओं के लिए यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित हो।नगर कीर्तन यात्रा का शुभारंभ श्री गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब से किया गया। यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरते हुए शाम को पुन श्री गुरूद्वारा पंजोखरा साहिब में संपन्न होगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर और धार्मिक गीतों एवं भजनों के साथ इस ऐतिहासिक अवसर को और भी भव्य बनाया।

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने इस अवसर पर विशेष रूप से हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि वे स्वयं यात्रा की तैयारियों से जुड़ी सभी बैठकों में उपस्थित रहे हैं ताकि किसी प्रकार की कमी न रह जाए। मंत्री विज ने स्वयं पूरे नगर कीर्तन यात्रा में भाग लेकर श्रद्धालुओं के बीच उपस्थित रहे।यात्रा की शुरुआत में मंत्री विज ने माथा टेका और गुरुजी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने पंज प्यारे को सिरोपा पहनाकर सम्मानित किया और पूरे नगर में “बोले सो निहाल” के जयकारे लगाए। उनका उत्साह और श्रद्धा देखते ही बन रही थी।नगर कीर्तन यात्रा में स्थानीय नागरिकों, धार्मिक गुरुद्वारों के प्रतिनिधियों और समाजिक संगठनों के सदस्यों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने फूलों और लाइट्स से यात्रा का स्वागत किया।

इस यात्रा का उद्देश्य न केवल श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी पर्व को श्रद्धांजलि देना है, बल्कि समाज में भाईचारा, एकता और धार्मिक सहिष्णुता का संदेश भी फैलाना है। इस अवसर पर नगर के प्रमुख बाजार और गलियों में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।यात्रा के आयोजन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और मार्ग संचालन सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और शांति के साथ नगर कीर्तन में भाग ले सकें।










