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VANDE MATARAM के 150 वर्ष पूरे, अंबाला में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम,मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जताया मातृभूमि के प्रति सम्मान

अंबाला पुलिस लाइन मैदान में शुक्रवार को एक ऐसा भव्य और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने हर नागरिक के दिल में देशभक्ति की लौ को प्रज्वलित कर दिया। इस अवसर का कारण था ‘वंदे मातरम’ गीत के 150 वर्ष पूरे होने का समारोह, जिसके तहत राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने मां अंबिका का नाम लेकर अपने संबोधन से की। उन्होंने कहा कि “‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, उसकी धड़कन और पहचान है। इसने स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और हर भारतीय में त्याग, मर्यादा और राष्ट्रप्रेम की भावना को जगाया। यह गीत हमें याद दिलाता है कि हमारी मातृभूमि केवल भूमि नहीं, बल्कि हमारे संस्कार, हमारी सांस्कृतिक धरोहर और हमारी पहचान है।”

मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक

CM नायब सिंह सैनी ने आगे कहा कि ‘वंदे मातरम’ गीत मातृभूमि को मां के रूप में देखने वाली सनातन दृष्टि का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “इस गीत में नदियों की कलकल, खेतों की हरियाली, धरती का गौरव और भारत की विविधता की एकता झलकती है। यह गीत एकता का अमृत मंत्र है, जिसने अंग्रेजों की नींव हिला दी और हर भारतवासी में आत्मबल जगाया।”उन्होंने इस अवसर पर हरियाणा वासियों को देशभक्ति और अनुशासन की भावना बनाए रखने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि यह गीत केवल अतीत की धरोहर नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। हर व्यक्ति को अपने कार्य और आचरण से इस भावना को जीवित रखना चाहिए।

‘वंदे मातरम’ का ऐतिहासिक महत्व

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह गीत सन् 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखा गया था। उन्होंने कहा कि इस गीत ने हर जाति, धर्म और क्षेत्र के लोगों में एक नई ऊर्जा और जोश पैदा किया। राष्ट्रगीत ने विभिन्नता में एकता की अवधारणा को जागृत किया और भारतवासियों के मन में स्वतंत्रता की भावना को प्रज्वलित किया।CM सैनी ने अंबाला की ऐतिहासिक भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि स्वतंत्रता की पहली लड़ाई की चिंगारी 1857 में अंबाला से ही शुरू हुई थी। इस संदर्भ में अंबाला छावनी में शहीदों की याद में एक शहीदी स्मारक भी निर्माणाधीन है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई गरिमा

कार्यक्रम के दौरान पुलिस बैंड ने ‘वंदे मातरम’ की स्वर लहरियों से पूरे मैदान को गूँज उठाया। इसके अलावा, मंच पर बच्चों और छात्रों ने वंदे मातरम् पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। स्कूली छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य और समूहगान ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

संस्कृति और देशभक्ति को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार देशभक्ति और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाले आयोजनों को प्रोत्साहित कर रही है। स्कूलों और कॉलेजों में भी ऐसे आयोजनों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी राष्ट्र की जड़ों से जुड़ सके।कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के योगदान को याद किया और कहा कि जिस भावना से उन्होंने यह गीत लिखा था, वही आज भी भारतवासियों के हृदय में जीवंत है।

 

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