Ram Rahim को 16वीं बार पैरोल, 30 दिन की मिली मंजूरी, जेल से पुलिस काफिले के साथ निकला हरियाणा सरकार ने गुरमीत राम रहीम को 30 दिनों की पैरोल मंजूर की है, जिसके बाद उसे रोहतक की सुनारिया जेल से रिहा कर दिया गया. ये उसकी 16वीं बार पैरोल है. सुरक्षा कारणों से उसे भारी पुलिस सुरक्षा के बीच डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय भेजा गया. डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर बड़ी राहत मिली है. हरियाणा सरकार ने राम रहीम को इस बार 30 दिनों की पैरोल मंजूर की है. पैरोल की कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद, आज सुबह ठीक 6 बजकर 30 मिनट पर राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आ गया. जेल से बाहर आते ही राम रहीम को पंजाब और हरियाणा पुलिस के भारी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया. सुरक्षा कारणों और स्थानीय कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, राम रहीम को पुलिस के एक बहुत बड़े और कड़े काफिले के साथ सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना किया गया है. बताया जा रहा है कि राम रहीम को अब तक 16 वीं बार पैरोल या फरलो का फायदा मिला है. इससे पहले 5 जनवरी 2026 को उसे 40 दिन की पैरोल मिली थी. उस दौरान वो सिरसा त डेरा सच्चा सौदा आश्रम में रहा था. पैरोल अवधि पूरी होने के बाद उसे वापस सुनारिया जेल भेज दिया गया था.
Gurmeet Ram Rahim Singh को एक बार फिर हरियाणा सरकार से बड़ी राहत मिली है। रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहे राम रहीम को 30 दिनों की पैरोल मंजूर की गई है। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मंगलवार सुबह उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सुबह करीब 6:30 बजे जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच राम रहीम को बाहर निकाला। जेल के बाहर पहले से ही पंजाब और हरियाणा पुलिस की टीम तैनात थी। भारी पुलिस सुरक्षा के बीच उन्हें सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना किया गया। पूरे रास्ते सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर दिखाई दीं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पहले से विशेष इंतजाम किए थे। सिरसा और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है। प्रशासन नहीं चाहता कि पैरोल के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था या भीड़भाड़ की स्थिति पैदा हो। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब राम रहीम को पैरोल मिली हो। जानकारी के मुताबिक, अब तक उन्हें 16वीं बार पैरोल या फरलो का लाभ दिया जा चुका है। इससे पहले जनवरी 2026 में उन्हें 40 दिनों की पैरोल मिली थी, जिसके दौरान वे सिरसा आश्रम में ही रहे थे। राम रहीम की पैरोल को लेकर अक्सर राजनीतिक बहस भी छिड़ जाती है। विपक्षी दल कई बार सवाल उठाते रहे हैं कि चुनावी माहौल या विशेष अवसरों के दौरान उन्हें राहत क्यों दी जाती है। वहीं सरकार का कहना है कि पैरोल पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया और नियमों के तहत दी जाती है।


डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों में इस खबर के बाद उत्साह का माहौल देखने को मिला। सिरसा स्थित मुख्यालय के आसपास समर्थकों की हलचल बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन ने किसी भी तरह की भीड़ जुटाने से बचने की अपील की है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। राम रहीम फिलहाल हत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में सजा काट रहा है। अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद उसे रोहतक की सुनारिया जेल में रखा गया था। इसके बावजूद समय-समय पर उसे पैरोल और फरलो मिलती रही है, जिस पर सार्वजनिक बहस जारी रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में प्रशासन को बेहद संतुलित रवैया अपनाना पड़ता है। एक तरफ कानूनी अधिकारों का पालन करना जरूरी होता है, वहीं दूसरी तरफ सामाजिक और राजनीतिक प्रभावों को भी ध्यान में रखना पड़ता है। इसलिए हर पैरोल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाता है। राम रहीम अगले 30 दिनों तक सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में रहेगा। पैरोल अवधि पूरी होने के बाद उसे दोबारा सुनारिया जेल लौटना होगा। प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि पैरोल के दौरान उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और सभी शर्तों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।










