मंगलवार देर शाम जब अजायब सिंह गांव के बाहर एक पोल्ट्री फार्म के पास सैर कर रहे थे, तभी आरोपी ने पीछा करते हुए उनके सिर में गोली मार दी। मौके पर ही दम तोड़ने के बाद आरोपी का गुस्सा शांत नहीं हुआ; वह तुरंत भाई के घर पहुंचा और वहां मौजूद अपनी भाभी कमल कौर पर भी गोलियां बरसा दीं। घर के भीतर हुई इस अचानक फायरिंग में कमल कौर को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना के समय दंपती के दोनों बेटे घर पर मौजूद नहीं थे, जिनमें से एक ऑस्ट्रेलिया और दूसरा बिहार में कार्यरत है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी वारदात की सूचना मिलते ही थाना भैणी मियां खां की पुलिस और डीएसपी कुलवंत सिंह मान भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी अमरजीत सिंह को उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया और हत्या में इस्तेमाल हथियार को भी कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है और परिजनों के बयानों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जमीनी विवाद में उजड़े इस परिवार की कहानी ने एक बार फिर संपत्ति विवाद के हिंसक परिणामों को उजागर कर दिया है।
जांच में सामने आया है कि यह विवाद तीन भाइयों के बीच पिछले लंबे समय से चली आ रही 9 किल्ले पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर था। यह परिवार मूल रूप से टाटा नगर (झारखंड) में रहता था, लेकिन कुछ समय पहले ही अपने पैतृक गांव नैनेकोट आकर रहने लगा था। यहां आकर भाई अलग-अलग मोहल्लों में बस गए थे, लेकिन जमीन का विवाद उनके साथ ही रहा। परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि जमीन के बंटवारे को सुलझाने के लिए पिछले एक साल में कई बार पंचायतें बुलाई गईं। गांव के मौजिज व्यक्तियों ने भी बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन हर बार कोई न कोई पक्ष समझौते से मुकर जाता था। यही रंजिश धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि बड़े भाई ने खौफनाक कदम उठा लिया। इस त्रासदी का एक पहलू यह भी है कि जब यह हत्याकांड हुआ, तब मृतक दंपती के दोनों बेटे घर पर नहीं थे। उनका एक बेटा ऑस्ट्रेलिया में रहता है, जबकि दूसरा बेटा बिहार में नौकरी करता है। माता-पिता की अचानक मौत की खबर ने दोनों बेटों को झकझोर कर रख दिया है और वे गांव के लिए रवाना हो चुके हैं। वारदात की सूचना मिलते ही थाना भैणी मियां खां के प्रभारी गुरनाम सिंह और डीएसपी कुलवंत सिंह मान भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी अमरजीत सिंह को उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल की गई रिवॉल्वर को भी कब्जे में लेने की प्रक्रिया जारी है। डीएसपी कुलवंत सिंह मान ने पुष्टि की है कि मामला पूरी तरह से जमीन विवाद से जुड़ा है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। फिलहाल पुलिस परिवार के अन्य सदस्यों और चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह वारदात थाना काहनूवान के अधीन पड़ते गांव नैनेकोट में मंगलवार रात हुई। मृतकों की पहचान अजायब सिंह (52) और उनकी पत्नी कमल कौर (50) के रूप में हुई है। इनके कत्ल के आरोप में बड़े भाई अमरजीत सिंह उर्फ अंबा को गिरफ्तार किया गया है।

रिवॉल्वर से दिया वारदात को अंजाम
अजायब सिंह के बड़े भाई अमरजीत सिंह उर्फ अंबा ने अपनी रिवॉल्वर से इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। मृतकों के रिश्तेदार हरजीत सिंह ने बताया कि इन 3 भाइयों के बीच जमीन-जायदाद को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह परिवार टाटा नगर (झारखंड) से अपने पैतृक गांव नैनेकोट आकर अलग-अलग मोहल्लों में रह रहे थे। पिछले एक साल से गांव की 9 किल्ले जमीन के बंटवारे को लेकर कई बार पंचायत बुलाई गई, लेकिन एक पक्ष के मुकर जाने के कारण समझौता सिरे नहीं चढ़ सका।
दुस्साहस और कत्ल की खौफनाक पटकथा
नैनेकोट गांव में मंगलवार की शाम किसी सामान्य शाम की तरह ही ढल रही थी, लेकिन आरोपी अमरजीत सिंह के मन में प्रतिशोध और नफरत का तूफान चल रहा था। अपनी रंजिश को अंजाम देने के लिए उसने एक बेहद खौफनाक योजना बनाई। जब उसका छोटा भाई अजायब सिंह बेखौफ होकर गांव के बाहर ताजी हवा में सैर कर रहा था, तब आरोपी साये की तरह उसका पीछा कर रहा था। पोल्ट्री फार्म के पास सुनसान रास्ते का फायदा उठाते हुए उसने रिवॉल्वर निकाली और अजायब सिंह के सिर में गोली दाग दी, जिससे उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। इसके बाद आरोपी का जुनून यहीं शांत नहीं हुआ; वह खून से लथपथ इरादों के साथ भाई के घर की ओर दौड़ा। घर की दहलीज लांघते ही उसने अपनी भाभी कमल कौर को निशाना बनाया और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस दोहरे हमले की क्रूरता ने न केवल दो जिंदगियां खत्म कर दीं, बल्कि पूरे गांव को सदमे में डाल दिया, क्योंकि यह हमला न केवल घर के बाहर बल्कि सुरक्षित माने जाने वाले घर के भीतर घुसकर किया गया था।
घर पर नहीं थे दोनों बेटे
इस खौफनाक वारदात ने न केवल दो जिंदगियों को खत्म किया, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार के भविष्य को भी गहरे अंधेरे में धकेल दिया है। घटना के समय अजायब सिंह और कमल कौर के दोनों बेटे घर पर मौजूद नहीं थे, जिससे उनकी जान तो बच गई, लेकिन अब उनके सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है। मृतकों का एक बेटा सात समंदर पार ऑस्ट्रेलिया में अपने भविष्य की नींव रख रहा था, जबकि दूसरा बेटा बिहार में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहा था। जिस घर को संवारने के लिए बच्चे प्रदेश और विदेश में मेहनत कर रहे थे, आज वही घर अपनों के खून से लाल हो गया है। माता-पिता की अचानक और हिंसक मौत की खबर ने दोनों बेटों को पूरी तरह तोड़ दिया है, और इस त्रासदी ने गांव के लोगों की आंखों को भी नम कर दिया है कि कैसे एक ही पल में बरसों के रिश्ते और संजोए हुए सपने राख में तब्दील हो गए।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शुरू की जांच
नैनेकोट गांव में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड की गूंज सुनते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। सूचना मिलते ही थाना भैणी मियां खां के प्रभारी गुरनाम सिंह और डीएसपी कुलवंत सिंह मान भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और साक्ष्य जुटाए जा सकें। डीएसपी कुलवंत सिंह मान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वयं कमान संभाली और शुरुआती जांच के बाद यह स्पष्ट किया कि इस खूनी संघर्ष की जड़ें पुश्तैनी जमीन के पुराने विवाद में गहरी धंसी हुई थीं। पुलिस की मुस्तैदी का ही परिणाम था कि आरोपी को भागने का मौका नहीं मिला और उसे जल्द ही हिरासत में ले लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या इस वारदात के पीछे कोई और उकसावा या साजिश भी शामिल थी, ताकि पीड़ितों को उचित न्याय मिल सके।
आरोपी को किया गया गिरफ्तार
गुरदासपुर पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड की संवेदनशीलता को समझते हुए बेहद पेशेवर और त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया है। वारदात के चंद घंटों के भीतर ही मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह को उसके ठिकाने से दबोच लेना पुलिस की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, जिससे गांव में और अधिक हिंसा भड़कने की आशंका टल गई। फिलहाल, पुलिस अधिकारियों की एक विशेष टीम शोकाकुल परिवार और प्रत्यक्षदर्शियों के विस्तृत बयान दर्ज करने में जुटी है, ताकि अदालत में आरोपी के खिलाफ एक मजबूत केस तैयार किया जा सके। कानून के जानकारों का कहना है कि पुलिस अब कत्ल में प्रयुक्त रिवॉल्वर की बैलेस्टिक जांच और घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। प्रशासन की इस सक्रियता ने पीड़ित पक्ष को यह भरोसा दिलाया है कि न्याय की प्रक्रिया सही दिशा में बढ़ रही है और समाज में यह कड़ा संदेश गया है कि आपसी विवाद का समाधान हिंसा में तलाशने वालों के लिए कानून में कोई जगह नहीं है।