CENTRAL GOVERNMENT का बड़ा फैंसला, PMO का नाम बदलकर रखा ‘सेवा तीर्थ’, देशभर में राजभवनों का नाम बदलकर किया लोकभवन

केंद्र सरकार ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक फैंसला लेते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नाम बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ करने का निर्णय लिया है। यह परिवर्तन केवल नाम का नहीं, बल्कि प्रशासनिक संस्कृति और जनसेवा की दिशा में एक नई कार्यशैली का संकेत माना जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही अपने पुराने साउथ ब्लॉक से निकलकर ‘सेवा तीर्थ’ नाम वाले एक आधुनिक, अत्याधुनिक और हाई-सिक्योरिटी कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट होने जा रहा है।इस निर्णय के साथ ही केंद्र सरकार ने केंद्रीय सचिवालय का नाम ‘कर्तव्य भवन’ और देशभर के राजभवनों का नाम ‘लोक भवन’ रखने का भी एलान किया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों के बाद कई राज्यों ने अपने राजभवनों का नाम बदलना भी शुरू कर दिया है।

सेवा तीर्थ1 में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO),सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ 3 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) का कार्यालय व इंडिया हाउस में विदेशी मेहमानों के साथ हाई-लेवल बातचीत का नया स्थल,नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट में होंगे।‘सेवा तीर्थ’ को एक ऐसे वर्कप्लेस के रूप में डिजाइन किया गया है जहाँ से राष्ट्रीय प्राथमिकताएँ आकार लेंगी, और जहाँ हर निर्णय में सेवा की भावना प्राथमिकता होगी।1947 के बाद से प्रधानमंत्री कार्यालय 78 साल पुराने साउथ ब्लॉक से ही संचालित होता रहा है। लेकिन नई जरूरतों, सुरक्षा आवश्यकताओं और आधुनिक टेक्नोलॉजी के मद्देनजर अब PMO को नए परिसर में स्थानांतरित किया जा रहा है।

राजभवन का नाम अब लोक भवन

 केंद्र सरकार ने बताया कि ‘राजभवन’ शब्द औपनिवेशिक मानसिकता की याद दिलाता है। इसलिए राज्यपालों और उपराज्यपालों के निवासों के नाम बदलकर लोक भवन और लोक निवास करने का निर्देश जारी किया गया।गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद कुछ राज्यों ने तुरंत नाम बदलने शुरू कर दिए।

केंद्रीय सचिवालय का नाम कर्तव्य भवन

केंद्र सरकार ने कहा कि सचिवालय देश के संचालन का मुख्य केंद्र है, इसलिए इसका नाम ‘कर्तव्य भवन’ रखा गया है, ताकि सरकारी कार्यों में कर्तव्य, जिम्मेदारी और सेवा की भावना स्पष्ट दिखाई दे।यह कदम 2022 में राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किए जाने की प्रक्रिया का ही विस्तार है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में कई प्रतीकात्मक और संरचनात्मक बदलाव देखने को मिले हैं, जिनका उद्देश्य है -औपनिवेशिक प्रभाव को खत्म करना और भारतीयता को प्रमुखता देना।

अब तक सरकार ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ व रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग (PM का आधिकारिक निवास),सरकारी वेबसाइटों में हिंदी को प्राथमिकता बदलाव किए हैं।और अब PMO  का नाम  सेवा तीर्थ, राजभवन का नाम लोक भवन, सचिवालय का नाम कर्तव्य भवन रख दिया गया है।सरकार का कहना है कि यह “पद की नहीं, सेवा की राजनीति” का संदेश देने वाली प्रक्रिया है।

कुछ विशेषज्ञों के अनुसार यह एक सशक्त प्रतीकात्मक बदलाव है जो आधुनिक भारत की नई पहचान को दर्शाता है। वहीं कुछ लोग इसे राजनीतिक ब्रांडिंग का भी प्रयास मानते हैं।लेकिन यह साफ है कि ‘सेवा तीर्थ’ का विचार लोगों और सरकार के बीच निकटता और विश्वास बढ़ाने की दिशा में कदम है।

 

 

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