दिल्ली-NCR में प्रदूषण का संकट लगातार गहराता जा रहा है। मंगलवार सुबह भी राजधानी ज़हरीले स्मॉग की मोटी परत से ढकी रही। आसमान में धुंध इतनी घनी थी कि इंडिया गेट जैसे प्रमुख स्मारक तक नज़र नहीं आ रहे थे। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और पर्यावरण विभाग के अनुसार, शहर की हवा ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी के बीच झूल रही है और राहत की कोई उम्मीद फिलहाल नहीं दिख रही।केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के SAFAR और समीर ऐप के मुताबिक, मंगलवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 363 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ कैटेगरी में आता है।दिल्ली के कई क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ स्तर तक पहुँच चुकी है।
रोहिणी का AQI 416 (खतरनाक स्तर),आनंद विहार का AQI 402 व जहांगीरपुरी का AQI 400 और वजीरपुर का 400,चांदनी चौक का AQI 354 दर्ज किया गया।हवा में PM2.5 और PM10 की मात्रा लगातार बढ़ रही है, जो सांस और फेफड़ों की बीमारियों के लिए बेहद हानिकारक है।
NCR शहरों की स्थिति भी बेहद खराब
दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।नोएडा का AQI 390 व ग्रेटर नोएडा का 382,गाजियाबाद का 348,गुरुग्राम का AQI 311 तक पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सर्द हवाओं की गति कम होने, धूल, वाहन प्रदूषण, पराली धुएँ और लो-प्रेशर सिस्टम के कारण प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है।
GRAP-3 लागू
वायु गुणवत्ता के लगातार बिगड़ने के मद्देनज़र CAQM ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-3) के तहत कई कड़े कदम उठाए हैं।दिल्ली सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में केवल 50% कर्मचारियों को ही कार्यालय बुलाने का आदेश दिया है।बाकी 50% कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से वर्क फ्रॉम होम (WFH) करना होगा।अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाएँ में छूट दी गई है।अग्निशमन सेवाएँ,सार्वजनिक परिवहन व जल आपूर्ति और सफाई एवं कचरा प्रबंधन ,आपातकालीन विभाग को भी छूट दी गई है।पर्यावरण विभाग ने यह आदेश पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत जारी किया है, जिसके तहत पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई संभव है।
वाहन प्रदूषण पर विशेष अंकुश
CAQM की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के कुल प्रदूषण में वाहन 38-42% तक का योगदान देते हैं। इस कारण निम्न फैसले लिए गए।निजी प्रतिष्ठानों को स्टैगर्ड वर्किंग आवर्स लागू करने का निर्देश दिया गया है।कर्मचारियों के आने-जाने के समय को अलग-अलग करने की अपील की गई है।निजी वाहनों के चलने पर अप्रत्यक्ष अंकुश लगाया गया है। इस बार पहली बार निजी दफ्तरों को भी WFH अनिवार्य किया गया है। इससे पहले केवल सलाह दी जाती थी।
डॉक्टरों की चेतावनी
डॉक्टरों के अनुसार, लगातार खराब AQI आने वाले दिनों में कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।जिससे सांस लेने में तकलीफ,आँखों में जलन और अस्थमा के मरीजों में अटैक का खतरा बना रहता है।दिल और फेफड़े की बीमारियों का जोखिम बढ़ता है।बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।लोगों को बाहर निकलने पर N95 मास्क पहनने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
