राजधानी दिल्ली एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में आ गई है। हवा की बेहद सुस्त रफ्तार और प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों के चलते दिल्ली-NCR पूरी तरह से स्मॉग की मोटी चादर में ढक गया है। सोमवार को लगातार तीसरे दिन दिल्ली की हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई और कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 480 से 500 के पार पहुंच गया। हालात इतने खराब हो गए हैं कि दिल्ली को एक बार फिर ‘गैस चैंबर’ कहा जाने लगा है।
सुबह घने कोहरे और स्मॉग से ढकी रही राजधानी
सोमवार सुबह 7 बजे से ही राजधानी के अधिकांश इलाकों में घना कोहरा और स्मॉग छाया रहा।सड़कों, मेट्रो स्टेशनों और हाईवे पर दृश्यता बेहद कम हो गई। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क, यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-NCR को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहन बेहद धीमी गति से चलते नजर आए।हवाई यातायात पर भी असर पड़ा। सफदरजंग एयरपोर्ट पर दृश्यता घटकर 200 मीटर और पालम एयरपोर्ट पर 350 मीटर दर्ज की गई, जिससे कई उड़ानों के संचालन में बाधा आई।
AQI 500 के करीब
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार राजधानी का औसत AQI 456 दर्ज किया गया। वहीं, कई इलाकों में यह स्तर 500 के आसपास पहुंच गया।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों में AQI स्तर
आनंद विहार में 493,अशोक विहार में 500, पंजाबी बाग में 480 व अक्षरधाम क्षेत्र में 493 और रोहिणी में 500 दर्ज किया गया।इन आंकड़ों के अनुसार राजधानी के अधिकांश हिस्से ‘गंभीर’ श्रेणी में बने हुए हैं।
NCR में भी हालात चिंताजनक
दिल्ली के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में भी प्रदूषण का कहर जारी है।NCR के शहरों में नोएडा में AQI 466 (सबसे प्रदूषित),गाजियाबाद में AQI 459 व ग्रेटर नोएडा में AQI 435 दर्ज किया गया। गाजियाबाद के वसुंधरा में AQI 490, इंदिरापुरम में 477 और संजय नगर में 424 दर्ज किया गया। नोएडा के सेक्टर-116 में AQI 486 तक पहुंच गया।
सांस लेना हुआ मुश्किल
प्रदूषण के चलते लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी, सिरदर्द और सांस लेने में परेशानी की शिकायत हो रही है। दमा और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।जहरीली हवा से बचने के लिए लोग घर से बाहर निकलते समय N95 मास्क का इस्तेमाल करते नजर आए।
GRAP-IV लागू, निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक
दिल्ली-NCR में AQI 497 तक पहुंचने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने सख्ती बढ़ाते हुए GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) का सबसे सख्त स्तर स्टेज IV लागू कर दिया है।इसके तहत सभी निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।केवल आवश्यक सेवाओं और जरूरी सामान ढोने वाले ट्रकों को प्रवेश दिल्ली में किया जाएगा।स्कूलों और संस्थानों में आउटडोर खेल गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।CAQM ने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के 19 नवंबर के आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
राहत के आसार नहीं
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक हवा के बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में बने रहने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि फिलहाल दिल्लीवासियों को प्रदूषित हवा से राहत मिलने की कोई खास उम्मीद नहीं है।
धीमी हवा, ठंडा मौसम और बढ़ते प्रदूषण ने दिल्ली-एनसीआर को एक बार फिर सांस लेने लायक नहीं छोड़ा है। प्रशासनिक सख्ती के बावजूद हालात गंभीर बने हुए हैं और आने वाले कुछ दिन दिल्लीवासियों के लिए और मुश्किल भरे हो सकते हैं।
