DELHI-NCR में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, स्कूलों के स्पोर्ट्स इवेंट्स पर लगी रोक, सांस की बीमारियों में 15% का इजाफा

राजधानी दिल्ली और NCR क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और गुरुवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 455 तक पहुंच गया, जो खतरनाक श्रेणी में आता है।दिल्ली सरकार ने बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर स्कूलों में नवंबर-दिसंबर के दौरान सभी स्पोर्ट्स इवेंट्स पर रोक लगा दी है। इससे पहले, 18 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली-NCR के स्कूलों में स्पोर्ट्स फंक्शंस पर रोक लगाने की सिफारिश की थी।वर्तमान में दिल्ली की एयर क्वालिटी खतरनाक स्तर तक गिर गई है। शुक्रवार सुबह 7 बजे दिल्ली का AQI 455 रिकॉर्ड किया गया, जो WHO की सीमा से लगभग 20 गुना अधिक PM2.5 प्रदूषण दर्शाता है।

NCR के अन्य शहरों में हालात और भी खराब हैं, जहां GRAP-3 लागू किया गया है।कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान स्टेज-III (GRAP-3) लागू किया है, जो तब लागू होता है जब AQI 401–450 की रेंज में होता है या इसके बढ़ने का खतरा होता है।

स्मॉग और मौसम की स्थिति

दिल्ली के कई हिस्सों में मौसम बेहद ठंडा और धुंधलE रहा। मौसम विज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति अगले छह दिनों तक जारी रह सकती है। मेडिकल अलर्ट और सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले महीने दिल्ली-NCR के लगभग 80% घरों में कम से कम एक सदस्य वायु प्रदूषण के कारण बीमार पड़ा है।नई दिल्ली में यमुना नदी के किनारे भारी स्मॉग के बीच लोग टहलते दिखाई दे रहे हैं। विशेषज्ञ इसे ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी’ का मामला मान रहे हैं।AIIMS के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वायु प्रदूषण “मेडिकल इमरजेंसी” की स्थिति में पहुँच गया है। अस्पतालों में सांस और प्रदूषण से जुड़े मामलों में 10–15% की बढ़ोतरी देखी गई है।

दिल्ली की एयर क्वालिटी का हाल

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में AQI लगातार सातवें दिन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना हुआ है। शहर के प्रमुख इलाकों की स्थिति बहुत ही भयानक रहा। आनंद विहार का AQI 418,अशोक विहार का AQI 411 और रोहिणी का AQI 424 व IGI एयरपोर्ट T3 का AQI 307 रहा।कईं इलाकों में हवा की स्थिति ‘गंभीर’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है।

आम जनता के लिए सलाह

विशेषज्ञों ने नागरिकों से सलाह दी है कि घरों के अंदर रहें, मास्क पहनें और एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें। छोटे बच्चों, बुज़ुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

 

 

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