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Delhi-NCR AQI Today: राजधानी में जहरीली धुंध का कहर, हवा हुई खतरनाक

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर जहरीली धुंध की मोटी चादर में कैद हो गई है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु गुणवत्ता में गिरावट तेज़ी से बढ़ने लगी है और अब शहर के कई हिस्सों में एक्यूआई (Air Quality Index) 400 के करीब पहुँच गया है, जो ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में आता है। यह स्थिति स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक खतरनाक है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोग से पीड़ित लोगों के लिए।

दिल्ली की हवा बहुत खराबसे गंभीरश्रेणी में

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता तेजी से बिगड़ी है। आईटीओ, गाजीपुर, आनंद विहार, धौला कुआं और रोहिणी जैसे इलाकों में AQI 350 से 400 के बीच रिकॉर्ड किया गया, जो हवा में जहरीले कणों (PM 2.5 और PM 10) की अत्यधिक मात्रा को दर्शाता है।

दिल्ली के विभिन्न इलाकों का औसत AQI

  • आईटीओ: 395
  • गाजीपुर: 380
  • आनंद विहार: 410
  • धौला कुआं: 375
  • रोहिणी: 360
  • मयूर विहार: 345

यह स्थिति केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। दिल्ली का समग्र AQI भी ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ की ओर बढ़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

दिल्ली में स्मॉग की मोटी चादर दृश्यता घटी, स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा

दिल्ली की सड़कों पर सुबह और शाम के समय गहरी धुंध साफ देखी जा सकती है। जिस वजह से

  • दृश्यता सामान्य से काफी कम हो गई है,
  • वाहन चालकों को परेशानी हो रही है,
  • और सबसे अधिक चिंता का विषय है — लोगों की सांस लेने में दिक्कत।

शहर की तस्वीरें साफ बताती हैं कि हवा में मौजूद जहरीले कणों ने वातावरण को पूरी तरह ढक लिया है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से अस्पतालों में सांस और आंखों की जलन से आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।

प्रदूषण के बढ़ने के मुख्य कारण

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर हर वर्ष सर्दियों में तेजी से बढ़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार प्रदूषण के मुख्य कारण वही हैं, जो हर साल दिल्ली की हवा को जहरीली बनाते आए हैं—

  • पंजाब और हरियाणा से पराली जलाने का धुआं
  • ठंडी हवा और कम हवा की गति
  • वाहन प्रदूषण
  • औद्योगिक धुआं
  • निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल
  • शहर की संरचना, जिससे प्रदूषक ऊपर नहीं उठ पाते

इन सबके मिलकर हवा में जहरीले कणों का घोल तैयार कर दिया है।

NCR का हाल भी गंभीर नोएडा, गुरुग्राम में भी AQI खराब

दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के अन्य शहरों में भी हालात बेहतर नहीं हैं।

NCR AQI स्थिति:

  • नोएडा: 350–380 (बहुत खराब)
  • ग्रेटर नोएडा: 360–390 (बहुत खराब से गंभीर)
  • गुरुग्राम: 320–350 (बहुत खराब)
  • फरीदाबाद: 340–370 (बहुत खराब)

दिल्ली और NCR में हवा की गुणवत्ता तेजी से गिर रही है, जो पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का संकेत है।

स्वास्थ्य पर खतरा किन्हें सबसे ज्यादा नुकसान?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि AQI 400 के आसपास होने पर हवा अत्यधिक जहरीली हो जाती है। इससे

  • सांस की तकलीफ,
  • छाती में दर्द,
  • आंखों में जलन,
  • सिरदर्द,
  • फेफड़ों पर दबाव
    जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

सबसे ज्यादा जोखिम में हैं:

  • बच्चे
  • बुजुर्ग
  • गर्भवती महिलाएं
  • दमा और एलर्जी के मरीज

इन सभी को घर से बाहर कम निकलने की सलाह दी जा रही है।

सरकार और एजेंसियों की तैयारी

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं—

  • निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध
  • पानी के छिड़काव
  • स्मॉग टावरों का संचालन
  • ग्रैप (GRAP) के तहत कड़े दिशानिर्देश
  • एनसीआर में उद्योगों और वाहनों पर नियंत्रण

लेकिन प्रदूषण का स्तर अभी भी खतरनाक बना हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार, हल्की हवा चलने से कुछ सुधार हो सकता है, लेकिन अगले एक-दो दिनों तक प्रदूषण में भारी कमी की उम्मीद नहीं है। तापमान गिरने से हवा में नमी बढ़ेगी, जिससे स्मॉग और अधिक घना हो सकता है।

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