राजधानी दिल्ली में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून की एंट्री हो गई है। मानसून के पहुंचते ही मौसम ने करवट ली और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने लगी। पिछले कुछ दिनों से बढ़ी हुई नमी और तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी, लेकिन बारिश के बाद मौसम काफी सुहावना हो गया है। इस वर्ष मानसून सामान्य तिथि से कुछ दिनों की देरी से दिल्ली पहुंचा है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के आगमन में कुछ दिनों का अंतर कोई असामान्य बात नहीं है। हर साल मौसम की परिस्थितियों और हवाओं की दिशा के अनुसार मानसून की प्रगति में बदलाव देखने को मिलता है। मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले कई वर्षों में मानसून के दिल्ली पहुंचने की तारीख अलग-अलग रही है। कुछ वर्षों में मानसून समय से पहले पहुंचा, जबकि कई बार इसे राजधानी तक पहुंचने में अधिक समय लगा। यही वजह है कि इस बार हुई देरी को सामान्य मौसमीय प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। मानसून के आगमन के साथ ही दिल्ली के कई इलाकों में बादलों का डेरा देखने को मिला और वातावरण में ठंडक घुल गई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को दिनभर की चिपचिपी गर्मी से काफी राहत मिली। पार्कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दी। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। यदि मानसून इसी तरह सक्रिय बना रहता है तो राजधानी में तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है और लोगों को गर्मी से लगातार राहत मिलती रहेगी।


दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश
मानसून के आगमन के साथ दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई. तुगलकाबाद में 20 मिमी बारिश का सर्वाधिक रिकॉर्ड किया गया, जबकि छतरपुर में वर्षा 18.5 मिमी हुई. इसके अतिरिक्त सफदरजंग, लोधी रोड, मेहरौली, मयूर विहार और जनकपुरी समेत अनेक क्षेत्रों में भी वर्षा हुई। हालांकि कुछ क्षेत्रों में वर्षा बहुत कम या लगभग नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में दिल्ली-एनसीआर में वर्षा की गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है. इससे लोगों को गर्मी और नमी से आराम मिलने के साथ तापमान में भी कमी देखी जा सकती है. मौसम विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को संकेत दिया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थिति अनुकूल बनी हुई है। विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में पहुँच सकता है. आईएमडी ने यह भी बताया कि बुधवार को मानसून उत्तर अरब सागर और गुजरात के अधिकांश हिस्सों में आगे बढ़ते हुए पूरे दमन और दीव को प्रभावित कर चुका है। इसके अतिरिक्त, यह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के व्यापक क्षेत्रों, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के अन्य हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर तथा हरियाणा और पंजाब के कुछ स्थानों तक फैल चुका है। मानसून की पहली बारिश के बाद राजधानी के विभिन्न हिस्सों में मौसम आकर्षक हो गया। सुबह से ही आसमान में बादलों का राज रहा और कई स्थलों पर हल्की से मध्यम बारिश देखी गई। वर्षा के कारण लोगों ने गर्म हवाओं और चिपचिपी नमी से राहत पाई। दिल्ली के दक्षिणी और पूर्वी भागों में बारिश का प्रभाव ज्यादा नजर आया। कई जगहों पर सड़कों पर पानी भरने की स्थिति बनी, फिर भी बारिश के चलते वातावरण में ठंडक बनी रही।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले दिनों में राजधानी और आसपास के क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बादलों की लगातार हलचल और नमी की मौजूदगी के कारण कई क्षेत्रों में रुक-रुक कर वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। बारिश के परिणामस्वरूप वायु गुणवत्ता में सुधार देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्षा से वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषण के कण नीचे गिर जाते हैं, जिससे हवा अपेक्षाकृत साफ हो जाती है। इससे सांस संबंधी समस्याओं में भी कुछ राहत मिल सकती है। कृषि क्षेत्र के लिए मानसून का आगमन काफी महत्वपूर्ण समझा जा रहा है। उत्तर भारत के कई राज्यों के किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे। मानसून की गतिविधियों के बढ़ने से खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में तेजी आने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में निवासियों के लिए आने वाले कुछ दिन मौसम के नजरिए से आरामदायक रह सकते हैं। तापमान में गिरावट और बादलों की मौजूदगी के कारण दिन के समय भी ठंडक बने रहने की उम्मीद जताई गई है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सुझाव दिया है कि बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहें और मौसम से संबंधित अपडेट पर ध्यान दें। वर्तमान में मानसून का आगमन राजधानी में मौसम को सुहावना बना दिया है और लोगों को गर्मी से राहत पहुंचाई है।