DEHLI BLAST: और अयोध्या साजिश: जैश-ए-मोहम्मद का बड़ा आतंकी प्लान पकड़ा गया

दिल्ली में हुए लाल किला धमाके की जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ा खुलासा किया है। अधिकारियों का दावा है कि यह धमाका एक व्यापक आतंकी साजिश का पहला चरण था। पूछताछ के दौरान सामने आया है कि आतंकी समूह ने 25 नवंबर को अयोध्या और 6 दिसंबर को दिल्ली को निशाना बनाने की योजना तैयार की थी।

25 नवंबर को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के राम मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम के कारण सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट मोड पर थीं

चार चरणों में रची गई साजिश: 2022 में विदेश में हुआ ब्लूप्रिंट तैयार

जांच में सामने आया है कि यह साजिश 2022 में तैयार की गई थी।

इसी दौरान आईईडी से बड़े धमाके, विशेष रूप से वाहनों में विस्फोटक लगाने की रणनीति पर फैसला किया गया।

दो साल तक की गई रेकी लक्ष्य थे राष्ट्रीय प्रतीक और महत्वपूर्ण तिथियां

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार:

विस्फोटकों का बड़ा जखीरा — 2900 किलो रॉ मैटेरियल बरामद

जांच में उजागर हुआ कि आरोपी पिछले दो सालों से लगातार संसाधन जुटा रहे थे।

एजेंसियों के अनुसार यह सामग्री 50 से अधिक आईईडी बनाने के लिए पर्याप्त थी।

होस्टल रूम से मिले सबूत: नोटबुक, कोड और 25–30 नाम

अल-फलाह विश्वविद्यालय के परिसर में स्थित कमरों की तलाशी में कई अहम सुराग मिले:

इन दस्तावेजों से पुष्टि होती है कि यह एक संगठित मॉड्यूल था जो लंबे समय से सक्रिय था।

मुज़म्मिल की गिरफ्तारी के बाद उमर फरार — 16 घंटे तक पीछा और फिर धमाका

एजेंसियों के अनुसार कई लोग—जिनमें वाहन उपलब्ध कराने वाले, किराए पर मकान दिलाने वाले और स्थानीय परिचित शामिल हैं—पूछताछ के दायरे में हैं।

हरियाणा से खरीदे गए विस्फोटक, अयोध्या में गतिविधियों की धमकियाँ

जांच में यह भी पता चला है कि:

समय रहते साजिश का पर्दाफाश, सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट

दिल्ली धमाके की जांच ने एक ऐसी योजना को उजागर किया है जो कई महीनों से तैयार की जा रही थी।
कई संसाधन जुटाए गए, रेकी की गई और राष्ट्रीय महत्व के दिनों को निशाना बनाया गया।
समय रहते यह मॉड्यूल उजागर हो जाने से कई संभावित हमलों को टाला जा सका।

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