Chandigarh में ₹2 करोड़ की रंगदारी का मामला रोहित गोदारा गैंग के नाम पर धमकी अंबाला में दो शूटर गिरफ्तार

Chandigarh में एक व्यापारी को रोहित गोदारा गैंग के नाम पर ₹2 करोड़ की रंगदारी की धमकी दी गई, जबकि अंबाला पुलिस ने समय रहते दो शूटरों को हथियारों समेत गिरफ्तार कर बड़ी वारदात को टाल दिया। चंडीगढ़ में एक व्यापारी से गैंगस्टर रोहित गोदारा के नाम पर फोन करके 2 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने की घटना सामने आई है। शिकायत के बाद पुलिस स्टेशन 39 ने मंगलवार को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को 22 अप्रैल को सूचना दी थी, जबकि एफआईआर 28 अप्रैल को दर्ज की गई। चंडीगढ़ में हाल ही में सामने आया रंगदारी का मामला न केवल स्थानीय व्यापारियों के लिए चिंता का विषय बन गया है, बल्कि यह भी दिखाता है कि संगठित अपराध का नेटवर्क किस तरह तेजी से डिजिटल माध्यमों के जरिए सक्रिय हो रहा है। इस घटना में एक व्यापारी को कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा के नाम पर फोन करके ₹2 करोड़ की रंगदारी मांगी गई और पैसे न देने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। इस पूरे घटनाक्रम ने शहर में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।

शिकायतकर्ता, जो “प्रिज्म सर्विसेज” नामक कंपनी का मालिक है और मोहाली के खरड़ क्षेत्र के न्यू सनी एन्क्लेव में रहता है, ने पुलिस को बताया कि 22 अप्रैल 2026 की शाम को उसे एक अनजान नंबर से कॉल और वॉयस मैसेज मिलने शुरू हुए। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को रोहित गोदारा गैंग का सदस्य बताया और पहले ₹1 करोड़ की मांग की। जब व्यापारी ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, तो कुछ ही समय में मांग को बढ़ाकर ₹2 करोड़ कर दिया गया। कॉल करने वाले ने यह भी दावा किया कि उसे व्यापारी की हर गतिविधि की जानकारी है और उसके ठिकाने का पता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि आरोपी पहले से उसकी रेकी कर रहे थे। धमकी का स्वर इतना गंभीर था कि आरोपी ने व्यापारी को केवल 24 घंटे का समय दिया और स्पष्ट रूप से कहा कि अगर तय समय के भीतर पैसे नहीं दिए गए, तो उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस चेतावनी के बाद व्यापारी और उसका परिवार मानसिक दबाव और भय के माहौल में आ गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए व्यापारी ने पुलिस से तत्काल सुरक्षा की मांग की और पूरी घटना की जानकारी दी। हालांकि शिकायत 22 अप्रैल को दी गई थी, लेकिन पुलिस ने 28 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर-39 थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

इस बीच हरियाणा पुलिस ने अंबाला में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इस केस से जुड़े दो संदिग्ध शूटरों को गिरफ्तार किया। 27 अप्रैल 2026 को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के पास NH-44 ओवरब्रिज के नीचे चेकिंग कर रही थी, तभी एक मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति अवैध हथियारों के साथ किसी बड़े अपराध को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान भूपेंद्र सिंह उर्फ गुज्जर उर्फ थप्पा (निवासी आगरा, उत्तर प्रदेश) और नितिन उर्फ जट्टा (निवासी भरतपुर, राजस्थान) के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके पास से 32 बोर की एक देसी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे रोहित गोदारा गैंग के लिए काम करते हैं और उन्हें हथियार देकर अंबाला भेजा गया था ताकि वे किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकें।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क में गैंगस्टर रोहित गोदारा के अलावा उसके सहयोगी जयप्रकाश उर्फ जेपी, देवेन्द्र और वीरेन्द्र उर्फ चारण भी शामिल हैं, जिन्होंने इन शूटरों को निर्देश और संसाधन उपलब्ध कराए। पुलिस अब इस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या चंडीगढ़ के व्यापारी से मांगी गई रंगदारी और अंबाला में पकड़े गए शूटरों के बीच सीधा संबंध है। यह मामला कई महत्वपूर्ण सवाल भी खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब अपराधी पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ तकनीक का भी उपयोग कर रहे हैं, जिससे उनकी पहचान करना और उन्हें पकड़ना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। व्यापारियों को टारगेट करना और उन्हें डराकर पैसे वसूलने की घटनाएं पिछले कुछ समय में बढ़ी हैं, जो कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं।

फिलहाल पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। साथ ही आम नागरिकों और व्यापारियों से अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की धमकी या संदिग्ध गतिविधि का सामना करना पड़े, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें और खुद से कोई जोखिम भरा कदम न उठाएं। चंडीगढ़ की यह घटना साफ तौर पर दिखाती है कि सतर्कता और समय पर कार्रवाई ही ऐसे अपराधों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है, जिन पर सभी की नजर बनी हुई है। हरियाणा के अंबाला पुलिस ने रोहित गोदारा के दो शूटरों को हथियारों के साथ पकड़ा है, जो चंडीगढ़ में एक बड़े अपराध को करने की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस की जांच में यह जानकारी दी है।

हथियार देकर अपराध को अंजाम देने के लिए भेजा।

हरियाणा पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा के नेटवर्क की सक्रियता सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें सीधे तौर पर गैंग से जुड़े लोगों द्वारा हथियार उपलब्ध कराए गए थे और एक बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए अंबाला भेजा गया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 की शाम करीब 6 बजे स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के पास NH-44 ओवरब्रिज के नीचे मौजूद थी। इसी दौरान एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि दो संदिग्ध व्यक्ति अवैध हथियारों के साथ शास्त्री कॉलोनी इलाके में किसी बड़े अपराध को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान के आसपास घेराबंदी कर दी।

खुद को रोहित गोदारा गिरोह का हिस्सा बताया

चंडीगढ़ में एक व्यापारी को मिली रंगदारी की धमकी ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को दी गई शिकायत में व्यापारी ने बताया कि वह “प्रिज्म सर्विसेज” का मालिक है और मोहाली के खरड़ स्थित न्यू सनी एन्क्लेव में रहता है। यह मामला तब सामने आया जब उसे एक अज्ञात नंबर से लगातार कॉल और वॉयस मैसेज मिलने लगे, जिनमें भारी रकम की मांग की जा रही थी। इस घटना ने न केवल व्यापारी बल्कि उसके परिवार को भी गहरे डर और तनाव में डाल दिया है। व्यापारी के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 की शाम वह सेक्टर-40, चंडीगढ़ में मौजूद था, तभी उसके मोबाइल फोन पर एक अनजान कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा के गैंग का सदस्य बताया। शुरुआत में आरोपी ने ₹1 करोड़ की मांग की, लेकिन कुछ ही समय बाद यह रकम बढ़ाकर ₹2 करोड़ कर दी गई। इस तरह की अचानक बढ़ी हुई मांग ने यह संकेत दिया कि आरोपी लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे।

गंभीर परिणामों का सामना करने की चेतावनी

चंडीगढ़ में सामने आए रंगदारी मामले ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि अपराधी किस तरह आम नागरिकों और व्यापारियों को निशाना बनाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि आरोपियों ने व्यापारी पर 24 घंटे के भीतर भारी रकम चुकाने का दबाव बनाया। यह समयसीमा इतनी कम थी कि पीड़ित के पास सोचने या किसी से सलाह लेने का भी पर्याप्त समय नहीं था, जिससे स्थिति और अधिक भयावह बन गई। धमकी देने वालों ने साफ तौर पर कहा कि यदि तय समय के भीतर पैसे नहीं दिए गए, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। इस तरह की चेतावनी ने व्यापारी और उसके परिवार के मन में गहरा डर बैठा दिया। खास बात यह रही कि आरोपियों का लहजा बेहद आक्रामक और आत्मविश्वास से भरा हुआ था, जिससे यह प्रतीत होता है कि वे किसी संगठित गैंग से जुड़े हो सकते हैं, जिसमें रोहित गोदारा जैसे नाम का इस्तेमाल कर भय पैदा किया गया।

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