बठिंडा में आयोजित एक रोजगार वितरण समारोह के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विभिन्न सरकारी विभागों में चयनित 658 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नियुक्ति प्राप्त करने वाले सभी युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने महिला कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि ग्रुप-सी और ग्रुप-डी में नियुक्त महिलाओं की प्रोबेशन अवधि पूरी होने के बाद उनकी तैनाती उनके स्थायी निवास के 40 किलोमीटर के दायरे में करने की व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे महिला कर्मचारियों को पारिवारिक जिम्मेदारियों और नौकरी के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिलेगी। अपने संबोधन में भगवंत मान ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने सरकारी नौकरियों को पूरी तरह मेरिट आधारित बनाया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में किसी भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है और योग्य उम्मीदवारों को बिना किसी सिफारिश या दबाव के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को बेहतर अवसर देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत और ईमानदारी के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने की सलाह दी। उनका कहना था कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है और युवाओं को आत्मनिर्भर बना सकती है। कार्यक्रम के दौरान कई युवाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी रोजगार के नए अवसर सृजित करने और युवाओं को सरकारी सेवाओं में अधिक से अधिक भागीदारी देने के लिए प्रयास जारी रखेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि नई नियुक्तियां पंजाब के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
पहले नौकरियां बिकती थीं
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर अपनी सरकार की नीति को दोहराते हुए कहा कि राज्य में अब नौकरियां पूरी तरह योग्यता और मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आती थीं। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के कारण योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इससे युवाओं में निराशा का माहौल बनता था और सरकारी व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठते थे। लेकिन अब सरकार ने व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और निष्पक्ष बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। भगवंत मान ने कहा कि किसी भी राज्य की प्रगति उसके युवाओं की क्षमता और मेहनत पर निर्भर करती है। यदि योग्य उम्मीदवारों को उनकी प्रतिभा के अनुसार अवसर मिलते हैं तो प्रशासनिक व्यवस्था भी मजबूत होती है और जनता का भरोसा भी बढ़ता है। इसी सोच के तहत भर्ती प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी व्यवस्था को कमजोर करता है और इसका सबसे अधिक नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ता है। इसलिए सरकार का प्रयास है कि भर्ती से लेकर सेवा के हर स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में सुधार होगा बल्कि युवाओं को भी अपनी मेहनत का उचित परिणाम मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि निष्पक्ष भर्ती प्रणाली से राज्य में एक सकारात्मक माहौल बना है। उन्होंने युवाओं से मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करती रहेगी। उन्होंने कहा कि पारदर्शी व्यवस्था ही सुशासन और विकास की मजबूत नींव होती है।

आज पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में टॉप पर
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का सबसे बड़ा आधार मेहनत और शिक्षा है। उन्होंने कहा कि समाज में आगे बढ़ने के लिए किसी विशेष पृष्ठभूमि की नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है। आज कई ऐसे अधिकारी और कर्मचारी सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं, जिन्होंने बेहद साधारण परिस्थितियों से निकलकर अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही वह साधन है जो व्यक्ति के जीवन को नई दिशा दे सकता है। आर्थिक चुनौतियों और सामाजिक कठिनाइयों को दूर करने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि मेहनत और लगन से हासिल की गई सफलता लंबे समय तक समाज में सम्मान दिलाती है और परिवार के भविष्य को भी मजबूत बनाती है। उन्होंने सरकार की शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के विकास के लिए लगातार काम किया जा रहा है। विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं, आधुनिक संसाधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कई नई योजनाएं लागू की गई हैं। सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे को सीखने और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। भगवंत मान ने कहा कि किसी भी राज्य का विकास उसकी शिक्षा व्यवस्था की मजबूती पर निर्भर करता है। यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलता है, तो वे न केवल अपने जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं बल्कि राज्य और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसलिए शिक्षा के क्षेत्र में सुधार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करें और शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाएं। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, वहीं विद्यार्थियों का कर्तव्य है कि वे पूरी लगन और ईमानदारी के साथ अध्ययन करें और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएं।
13 साल की उम्र ऑटोग्राफ शुरू किए
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने युवाओं और नव नियुक्त कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति जनता के प्रति जवाबदेह होता है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं में आने वाले कर्मचारियों का पहला कर्तव्य लोगों की समस्याओं को समझना और उनका ईमानदारी से समाधान करना है। प्रशासन की सफलता केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि कर्मचारियों के व्यवहार और कार्यशैली से भी तय होती है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपील की कि वे अपने पद को अधिकार के रूप में नहीं बल्कि सेवा के अवसर के रूप में देखें। उन्होंने कहा कि आम नागरिक सरकारी कार्यालयों में अपनी उम्मीदें लेकर आते हैं, इसलिए उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। पारदर्शिता, संवेदनशीलता और ईमानदारी किसी भी अच्छे प्रशासन की पहचान होती है। अपने संबोधन के दौरान भगवंत मान ने युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन केवल रोजमर्रा की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हर व्यक्ति को अपने भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानकर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। सपने ही व्यक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री ने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि वे भी एक साधारण परिवार से आते हैं और उनकी सोच भी आम युवाओं जैसी थी। उन्होंने कहा कि जीवन में कई बार ऐसे अवसर आते हैं जो हमारी दिशा बदल देते हैं। महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्ति अपने लक्ष्य को लेकर सकारात्मक सोच बनाए रखे और मेहनत करने से कभी पीछे न हटे। उन्होंने युवाओं से कहा कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए निरंतर परिश्रम, धैर्य और आत्मविश्वास की जरूरत होती है। यदि व्यक्ति अपने सपनों को जीवित रखता है और पूरी निष्ठा के साथ प्रयास करता है, तो वह किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब के युवा अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।
40 किलोमीटर एरिया में होगी तैनाती
पंजाब सरकार ने महिला कर्मचारियों की सुविधा और पारिवारिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि ग्रुप-सी और ग्रुप-डी श्रेणी में कार्यरत कर्मचारियों के लिए नई तैनाती नीति तैयार की जा रही है, जिससे उन्हें अपने निवास स्थान के नजदीक कार्य करने का अवसर मिल सकेगा। नई व्यवस्था के तहत प्रोबेशन अवधि पूरी करने वाले कर्मचारियों और शिक्षकों से एक विशेष फॉर्म भरवाया जाएगा। इस फॉर्म में कर्मचारियों को अपने वर्तमान और स्थायी पते से संबंधित आवश्यक जानकारी देनी होगी। इसके आधार पर विभाग उनकी तैनाती को अधिक सुविधाजनक बनाने की प्रक्रिया शुरू करेगा। सरकार का उद्देश्य विशेष रूप से महिला कर्मचारियों को राहत प्रदान करना है। नई नीति के अनुसार अविवाहित महिलाओं के लिए मायके का पता, विवाहित महिलाओं के लिए ससुराल का पता और अकेले रहने वाली महिलाओं के लिए उनके वर्तमान निवास का पता आधार माना जाएगा। इसके बाद उनकी पोस्टिंग संबंधित पते से लगभग 40 किलोमीटर के दायरे में करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से कर्मचारियों को लंबी दूरी की यात्रा से राहत मिलेगी और वे अपने पारिवारिक दायित्वों के साथ बेहतर तरीके से नौकरी कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि कर्मचारी यदि अपने घर के निकट कार्य करेंगे तो उनकी कार्यक्षमता और उत्पादकता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। यह कदम कर्मचारी हितैषी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
दो बार अंगुलियां गिननी पड़ती है
बठिंडा में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और युवाओं के रोजगार को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही आर्थिक सहायता योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग देना है। भले ही यह राशि बड़ी न हो, लेकिन इससे जरूरतमंद महिलाओं को दैनिक जीवन में कुछ आर्थिक सहारा अवश्य मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्थिक सहायता योजनाएं केवल वित्तीय मदद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका उद्देश्य महिलाओं को सम्मान और आत्मविश्वास प्रदान करना भी है। सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है जिससे महिलाओं की भागीदारी सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ सके। अपने संबोधन में भगवंत मान ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर अवसर मिलना चाहिए। राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए कई सुधार किए हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को बिना किसी भेदभाव के नौकरी मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का अधिकार छीनना सबसे बड़ा अन्याय है। उन्होंने युवाओं से मेहनत और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने की अपील करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जहां प्रतिभा और परिश्रम को उचित सम्मान मिले। उन्होंने विश्वास जताया कि रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पंजाब के विकास को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए बेहतर अवसर पैदा होंगे।
आपकी सरकार आए, अगला नियुक्ति पत्र आपसे लूं
बठिंडा में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने युवाओं से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान कई युवाओं ने अपनी संघर्षपूर्ण यात्रा और सरकारी नौकरी हासिल करने की कहानी साझा की, जिसने कार्यक्रम को प्रेरणादायक बना दिया। समारोह में शामिल गुरमिंदर कौर ने बताया कि उनका चयन जल संसाधन विभाग में जूनियर इंजीनियर (जेई) के पद पर हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपनी आगे की महत्वाकांक्षाओं को भी साझा किया और कहा कि उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाकर लोगों की सेवा करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि मेहनत और लगन के बल पर वह भविष्य में पीसीएस परीक्षा पास कर उच्च पद प्राप्त करेंगी। गुरमिंदर कौर ने बताया कि उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाएं सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की हैं और लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन वह इसे अपने सफर का अंतिम पड़ाव नहीं मानतीं। उनका उद्देश्य आगे बढ़कर प्रशासनिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि सफलता उन्हीं लोगों को मिलती है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से नहीं भटकते। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उदाहरण अन्य युवाओं को भी प्रेरित करते हैं और यह साबित करते हैं कि कड़ी मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।