Barnala में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में आज पंजाब के कई हिस्सों में वाल्मीकि समाज द्वारा बंद का आह्वान किया गया है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस घटना को लेकर गहरा विरोध जताते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। बंद के दौरान लोगों से सहयोग करने और आंदोलन का समर्थन करने की अपील की गई है। बंद के मद्देनज़र जालंधर के कई निजी स्कूलों ने एहतियात के तौर पर छुट्टी घोषित कर दी है। एमजीएन स्कूल, सेठ हुक्म चंद स्कूल, इनोसेंट हार्ट स्कूल और शिव ज्योति स्कूल सहित कई शिक्षण संस्थानों ने अभिभावकों को पहले ही सूचना भेज दी। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए कई स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाओं का भी प्रबंध किया है। वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों से शांतिपूर्ण तरीके से बंद का समर्थन करने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी को परेशानी पहुंचाना नहीं, बल्कि अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कई स्थानों पर बाजार और सार्वजनिक गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना जताई गई है। 22 जुलाई को बरनाला में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने का मामला सामने आया था। घटना के बाद पंजाब सरकार ने कार्रवाई करते हुए संबंधित डीएसपी को निलंबित कर दिया। हालांकि, प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वाल्मीकि समाज ने सरकार के सामने न्याय की मांग को दोहराते हुए कहा है कि प्रभावित सफाई कर्मचारियों को उचित न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। वहीं प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

वाल्मीकि समाज की 2 मुख्य मांगें
शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन की अपील
वाल्मीकि समाज ने स्पष्ट किया है कि उनका मुख्य उद्देश्य बरनाला की घटना में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित कराना है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि किसी भी पुलिस अधिकारी ने अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका मानना है कि जवाबदेही तय होने से लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा। समाज के नेताओं ने यह भी मांग उठाई है कि लाठीचार्ज के दौरान घायल हुए सफाई कर्मचारियों को जल्द से जल्द उचित चिकित्सा सुविधा, कानूनी सहायता और आवश्यक सरकारी सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि प्रभावित कर्मचारियों और उनके परिवारों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार को संवेदनशीलता के साथ कदम उठाने चाहिए। 22 जुलाई को बरनाला में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बाद बल प्रयोग किए जाने के आरोप लगे। मामले के सामने आने के बाद पंजाब सरकार ने संबंधित डीएसपी को निलंबित करने का फैसला लिया, लेकिन प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि केवल निलंबन से न्याय पूरा नहीं होगा और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। पंजाब बंद के मद्देनजर राज्य प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। प्रमुख शहरों, बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध स्थिति की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने की अपील की है, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। वाल्मीकि समाज के नेताओं ने अपने समर्थकों से संयम बनाए रखने और पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन सामाजिक सम्मान, न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए है, इसलिए किसी भी प्रकार की हिंसा, तोड़फोड़ या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने आम जनता से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाना ही इस आंदोलन का मूल उद्देश्य है।