Uttarakhand के प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और कीमती सामान के कथित गबन के मामले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले की जांच और तेज कर दी गई है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। शुरुआती रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे और मूल्यवान वस्तुओं के प्रबंधन में एक से अधिक बार अनियमितताएं हुईं। इसी आधार पर संबंधित अधिकारियों से पूछताछ और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। एसआईटी ने मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का भी परीक्षण किया है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले की विभागीय जांच रिपोर्ट मंदिर समिति के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने तथा दान और कीमती सामान के रिकॉर्ड को बेहतर तरीके से सुरक्षित रखने के सुझाव भी दिए गए हैं। बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा मामले की जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने और मंदिर की व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की विस्तार से जांच कर रही हैं।
बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन मामले की जांच के दौरान एसआईटी ने पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर यह कार्रवाई की गई। मामले ने मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली और दान प्रबंधन व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया है। अधिकारियों के अनुसार, 22 जून, 25 जून और 29 जून की रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर गणना कक्ष से नकदी निकालने की गतिविधियां दिखाई दीं। इन्हीं फुटेज के आधार पर एसआईटी ने आगे की जांच को गति दी और संबंधित अधिकारी से विस्तृत पूछताछ की। एसआईटी ने बद्रीनाथ में करीब चार घंटे तक राजेंद्र चौहान से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान करने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कार्रवाई पर फैसला होगा। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित अनियमितताओं में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। इसके अलावा, चढ़ावे की गणना, रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने जांच को प्राथमिकता दी है। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर मंदिर प्रशासन, जांच एजेंसियों और श्रद्धालुओं की नजर बनी हुई है।
