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Amritsar बॉर्डर पर 10 किलो हे.रोइन जब्त

Amritsar देहात पुलिस ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के जरिए होने वाली नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 10 किलोग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की है। यह बरामदगी गांव सूफियां के खेतों से की गई, जहां सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से नशीले पदार्थ गिराए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किया। प्रारंभिक जांच के अनुसार यह खेप पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में भेजी गई थी। तस्कर खेतों से इस खेप को उठाने के लिए पहुंचे थे, लेकिन पुलिस की गतिविधियों का पता चलते ही वे मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान तेज कर दिया। सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को खेतों से 10 सीलबंद पैकेट मिले। अधिकारियों के मुताबिक इन पैकेटों में करीब 10 किलोग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद हुई है। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि उसकी पुष्टि की जा सके। कार्रवाई के दौरान घटनास्थल से एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। पुलिस का मानना है कि इस वाहन का इस्तेमाल तस्करों ने खेप को ले जाने के लिए किया होगा। मोटरसाइकिल को जब्त कर उसके मालिक और उससे जुड़े लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशे की तस्करी करने वाले नेटवर्क की पहचान की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर फरार तस्करों की तलाश जारी है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर जांच शुरू

घटनास्थल से बरामद मोटरसाइकिल को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि यह वाहन तस्करी की इस वारदात से जुड़ा महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकता है। मोटरसाइकिल की मदद से पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए जांच को कई स्तरों पर आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन और चेसिस नंबर सहित सभी तकनीकी जानकारियों की जांच कर रही है। इसके जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मोटरसाइकिल किसके नाम पर पंजीकृत है और हाल के दिनों में इसका उपयोग किन लोगों द्वारा किया गया था। जांच एजेंसियां मोटरसाइकिल के मालिक और उससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी हैं। यदि वाहन किसी अन्य व्यक्ति के इस्तेमाल में था, तो उससे संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस कड़ी से फरार तस्करों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। इसके साथ ही पुलिस आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तस्कर किस रास्ते से आए और घटना के बाद किस दिशा में फरार हुए। मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। बरामद मोटरसाइकिल से मिले सुरागों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की उम्मीद है। पुलिस का दावा है कि सीमा पार से संचालित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच

अमृतसर सीमा क्षेत्र में बरामद संदिग्ध हेरोइन के मामले में पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच को कई स्तरों पर आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए हर उपलब्ध सुराग की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां अब घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि तस्करों की आवाजाही, इस्तेमाल किए गए वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग इन फुटेज के माध्यम से मिल सकते हैं। इसके अलावा आसपास के इलाकों में मौजूद निजी और सरकारी कैमरों का डेटा भी एकत्र किया जा रहा है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण कर रही है। बरामद सामान, घटनास्थल से मिले अन्य संकेतों और डिजिटल इनपुट के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जांच टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि ड्रोन के जरिए भेजी गई खेप को किस स्थान पर गिराया गया और उसे लेने कौन-कौन लोग पहुंचे थे। मामले में कई संदिग्धों की गतिविधियां जांच के दायरे में हैं। पुलिस विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर सीमा पार से संचालित तस्करी मॉड्यूल की जानकारी भी जुटा रही है। शुरुआती जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई को तेज कर दिया गया है। फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों की मदद से जल्द ही इस मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सकेगा।

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद

अमृतसर सीमा क्षेत्र में बरामद संदिग्ध हेरोइन मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी की कोशिशों को लगातार विफल किया जा रहा है। इस मामले में बरामद किए गए सभी पैकेटों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनमें मौजूद पदार्थ वास्तव में हेरोइन है या कोई अन्य मादक पदार्थ। मौके से कुल दस सीलबंद पैकेट बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस खेप की डिलीवरी किसे की जानी थी और इसके पीछे कौन-सा तस्करी नेटवर्क सक्रिय था। घटनास्थल से बरामद मोटरसाइकिल भी जांच का अहम हिस्सा बन गई है। पुलिस ने वाहन को जब्त कर उसके पंजीकरण संबंधी रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि इस वाहन से जुड़े सुराग फरार आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही वाहन के मालिक और उससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जबकि मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध तकनीकी जानकारी के आधार पर फरार तस्करों की पहचान करने का प्रयास तेज कर दिया गया है। पंजाब पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी पर लगातार नजर रखी जा रही है। आधुनिक निगरानी उपकरणों, खुफिया सूचनाओं और संयुक्त अभियानों की मदद से ऐसे कई प्रयास पहले भी नाकाम किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि इस मामले में भी जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा और फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।

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