Delhi में 1 जुलाई से नई ईवी नीति लागू होगी… सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में 1 जुलाई से नई EV नीति लागू होने वाली है। दिल्ली में 1 जुलाई से नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू होने वाली है। सीएम रेखा गुप्ता ने सोमवार को इसकी घोषणा की है। इस नीति के अंतर्गत EV वाहन खरीदने पर उपभोक्ताओं को अच्छी छूट और सब्सिडी प्रदान करने की योजना बनी हुई है। सीएम रेखा गुप्ता ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि दिल्ली को ईवी राजधानी बनाने की योजना बनाई जा रही है। इसके माध्यम से प्रदूषण की समस्या से निपटने में काफी सहायता मिलेगी। दिल्ली सरकार ने राजधानी को प्रदूषण रहित और आधुनिक परिवहन प्रणाली की ओर बढ़ाने के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) नीति लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को बताया कि यह नीति 1 जुलाई से लागू होगी। सरकार का उद्देश्य दिल्ली को देश की इलेक्ट्रिक वाहन राजधानी के रूप में विकसित करना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों को बेहतर परिवहन विकल्प उपलब्ध हो सकें। नई EV नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं और प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। सरकार का मानना है कि आर्थिक सहायता और सब्सिडी मिलते ही अधिक लोग पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे ईंधन पर निर्भरता कम होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली लंबे समय से वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या का सामना कर रही है। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इलेक्ट्रिक वाहन न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि इनके संचालन की लागत भी अपेक्षाकृत कम होती है। सरकार का इरादा है कि नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक कार, स्कूटर, बाइक और अन्य EV श्रेणियों को बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए खरीद पर विशेष प्रोत्साहन, पंजीकरण में राहत और अन्य सुविधाओं पर विचार किया गया है। इससे आम नागरिकों को सीधे तौर पर लाभ मिलने की संभावना है। नई पॉलिसी के साथ राजधानी में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत किया जाएगा। सरकार विभिन्न इलाकों में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है ताकि वाहन मालिकों को चार्जिंग से जुड़ी किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार को इस योजना का आवश्यक हिस्सा माना जा रहा है। यदि नई नीति प्रभावी तरीके से लागू होती है तो दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो सकती है। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में भी यह कदम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। सरकार सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। आने वाले समय में इलेक्ट्रिक बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों की संख्या को बढ़ाने की योजना बनाई जा सकती है। इससे यात्रियों को सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा विकल्प उपलब्ध होंगे। नई EV पॉलिसी को उद्योग और निवेश के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने से रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।









