हिमाचल किसान सभा का जिला सम्मेलन, भूमिहीन किसानों को जमीन देने की मांग

Nahan में आयोजित हिमाचल किसान सभा के 11वें जिला स्तरीय सम्मेलन में किसानों से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस सम्मेलन में जिलेभर से बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया और खेती से जुड़ी समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी।

बैठक के दौरान किसानों की आर्थिक स्थिति, खेती में लगातार बढ़ते खर्च और जमीन से जुड़े मामलों पर गंभीर मंथन किया गया। किसान नेताओं ने कहा कि मौजूदा समय में प्रदेश का किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।

हिमाचल किसान सभा के राज्य सचिव Rakesh Singha ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि छोटे किसानों के पास जमीन कम होने के कारण खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीज, खाद और दवाइयों की कीमत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों की आय में बढ़ोतरी नहीं हो रही, जिससे खेती अब घाटे का सौदा बनती जा रही है।

भूमिहीन किसानों को जमीन देने की मांग

सम्मेलन में भूमिहीन किसानों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसान सभा का कहना है कि किसानों को जमीन से बेदखल किए जाने के खिलाफ संगठन ने सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष किया।
नेताओं ने दावा किया कि कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि भूमिहीन किसानों को पांच बीघा जमीन देने के लिए स्थायी नीति बनाई जाए। संगठन ने सरकार से इस फैसले को जल्द लागू करने की मांग की।

ट्रेड डील और RDG बंद करने का विरोध

सम्मेलन के दौरान केंद्र सरकार की अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील का भी विरोध किया गया। किसान नेताओं का कहना है कि इस समझौते से भारतीय खेती पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

इसके अलावा प्रदेश में RDG बंद करने के फैसले पर भी नाराजगी जताई गई। किसान सभा ने चेतावनी दी कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।

आगामी रणनीति पर बनी सहमति

सम्मेलन में आने वाले तीन वर्षों के लिए संगठन की रणनीति भी तय की गई। किसान सभा ने फैसला लिया कि किसानों की समस्याओं को हर स्तर पर उठाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन भी किए जाएंगे।

कुल मिलाकर, नाहन में आयोजित यह सम्मेलन किसानों के मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां सरकार से किसानों के हित में ठोस और जल्द फैसले लेने की मांग की गई।

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