मेलोडी ट्रेंड से उछला पारले शेयर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर इस टॉफी की जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई। देखते ही देखते ‘मेलोडी’ इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगी और इसका असर सिर्फ लोगों की पसंद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शेयर बाजार में भी दिखाई दिया। दिलचस्प बात यह है कि मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है। इसके बावजूद निवेशकों ने नाम की समानता के कारण पारले इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों की खरीदारी शुरू कर दी। भारी खरीदारी के चलते कंपनी के शेयर में लगातार दूसरे दिन भी अपर सर्किट लगा। गुरुवार को बाजार खुलते ही पारले इंडस्ट्रीज का शेयर करीब 5 प्रतिशत तक उछल गया। पिछले कारोबारी सत्र में भी शेयर में तेज बढ़त दर्ज की गई थी। हालांकि, पारले इंडस्ट्रीज का कारोबार टॉफी या FMCG सेक्टर से जुड़ा नहीं है, बल्कि कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट क्षेत्र में काम करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया ट्रेंड और वायरल खबरों का असर कई बार शेयर बाजार पर भी देखने को मिलता है। निवेशकों को किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसके बिजनेस मॉडल और वास्तविक कामकाज की पूरी जानकारी जरूर लेनी चाहिए, ताकि केवल नाम के आधार पर निवेश करने से होने वाले जोखिम से बचा जा सके।

सोशल मीडिया पर ‘Melody’ ट्रेंड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले ‘Melody’ गिफ्ट का इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो शेयर किया और उन्हें थैंक्यू कहा . इसके बाद तो सोशल मीडिया पर ‘मेलोडी’ ट्रेंड चल पड़ा. बता दें कि इस चॉकलेट टॉफी को देश की दिग्गज कंपनी ‘पारले प्रोडक्‍ट्स’ ने बनाया है और इसे 80 के दशक में लॉन्च किया गया था. 1929 में स्थापित कंपनी पारले कंपनी अब तक शेयर बाजार में लिस्ट नहीं है और इसी की सब्सिडियरी है Parle Product. लेकिन पारले इंडस्ट्रीज लिमिटेड के नाम से एक दूसरी कंपनी शेयर मार्केट में लिस्टेड है और मेलोडी ट्रेंड के बाद लोग सिर्फ पारले नाम पर इस शेयर की ताबड़तोड़ खरीदारी करते हुए दिखे.

पारले शेयर खरीदने की मच गई होड़

बुधवार को जैसे ही पीएम मोदी द्वारा जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट करने की खबर आई, Parle नाम वाली इस कंपनी के शेयर की खरीद अचानक बढ़ गई और 5 रुपये के इस शेयर देखते ही देखते अपर सर्किट लग गया. बीते कारोबारी दिन Parle Industries Stock अपर सर्किट के साथ 5.25 रुपये पर क्लोज हुआ था. इसके बाद गुरुवार को भी इस पर मेलोडी की मिठास का असर जारी रहा और शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही इस शेयर में फिर से 5 फीसदी का अपर सर्किट लगा. इस शेयर का भाव उछलकर 5.51 रुपये पर जा पहुंचा. इसका असर कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन पर भी देखने को मिला और ये बढ़कर 26.91 करोड़ रुपये हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट किए जाने के बाद सोशल मीडिया से लेकर शेयर बाजार तक इस नाम की जबरदस्त चर्चा देखने को मिल रही है। इस छोटे से गिफ्ट ने अचानक एक ऐसी कंपनी के शेयरों में तेजी ला दी, जिसका इस टॉफी से कोई सीधा संबंध ही नहीं है। ‘मेलोडी’ टॉफी बनाने वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है। लेकिन निवेशकों ने नाम की समानता के चलते शेयर बाजार में मौजूद पारले इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयर खरीदने शुरू कर दिए। इसका नतीजा यह हुआ कि कंपनी के शेयर लगातार दूसरे दिन भी अपर सर्किट पर पहुंच गए।

गुरुवार को बाजार खुलते ही पारले इंडस्ट्रीज के शेयर में 5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इससे पहले भी शेयर में जोरदार उछाल देखने को मिला था। निवेशकों की भारी खरीदारी के चलते इस छोटे शेयर में अचानक हलचल बढ़ गई और बाजार में इसकी चर्चा तेज हो गई। सोशल मीडिया पर भी ‘मेलोडी’ तेजी से ट्रेंड करने लगा। जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी से मिले गिफ्ट का वीडियो शेयर करते हुए धन्यवाद कहा, जिसके बाद इंटरनेट पर लोगों ने मेलोडी टॉफी से जुड़े मीम्स, पोस्ट और वीडियो शेयर करने शुरू कर दिए। इस वायरल ट्रेंड का असर सीधे बाजार पर भी दिखाई दिया। कई क्विक कॉमर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मेलोडी टॉफी का स्टॉक तेजी से खत्म हो गया। लोगों में इस टॉफी को खरीदने की होड़ मच गई। लंबे समय बाद 80 के दशक की यह लोकप्रिय टॉफी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई। निवेशकों के बीच भ्रम की स्थिति भी देखने को मिली। पारले इंडस्ट्रीज और पारले प्रोडक्ट्स दोनों अलग-अलग कंपनियां हैं। पारले प्रोडक्ट्स एक निजी FMCG कंपनी है, जो बिस्किट, टॉफी और स्नैक्स बनाती है। वहीं पारले इंडस्ट्रीज का कारोबार इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ा हुआ है। शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि कई बार किसी नाम या वायरल ट्रेंड के कारण निवेशक बिना पूरी जानकारी के शेयर खरीदना शुरू कर देते हैं। इससे छोटे शेयरों में अचानक तेजी आ जाती है। पारले इंडस्ट्रीज के साथ भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। बीते एक साल में पारले इंडस्ट्रीज के शेयरों में लगातार गिरावट देखी गई थी। कंपनी का शेयर कमजोर प्रदर्शन कर रहा था और निवेशकों की रुचि भी कम थी। लेकिन ‘मेलोडी’ ट्रेंड के बाद अचानक इसमें नई जान आ गई और शेयर रॉकेट की तरह ऊपर जाने लगा। विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के बिजनेस, फाइनेंशियल स्थिति और वास्तविक गतिविधियों को समझना जरूरी है। केवल नाम या सोशल मीडिया ट्रेंड के आधार पर निवेश करना जोखिम भरा साबित हो सकता है।

सालभर से टूटते शेयर में आई जान

पारले इंडस्ट्रीज के शेयरों ने पिछले एक साल में निवेशकों को काफी निराश किया था। लगातार गिरावट के चलते कंपनी का स्टॉक करीब 68 प्रतिशत तक टूट गया था। बाजार में कमजोर प्रदर्शन और निवेशकों की घटती दिलचस्पी के कारण यह शेयर लंबे समय तक दबाव में बना रहा। हाल ही में सोशल मीडिया पर ‘मेलोडी’ टॉफी को लेकर शुरू हुए ट्रेंड ने इस शेयर में अचानक नई ऊर्जा भर दी। निवेशकों ने नाम की समानता के चलते पारले इंडस्ट्रीज के शेयरों की खरीदारी शुरू कर दी, जिससे स्टॉक में तेजी देखने को मिली। कुछ ही समय में यह शेयर तेजी से ऊपर चढ़ने लगा और लगातार अपर सर्किट तक पहुंच गया। दिलचस्प बात यह है कि पारले इंडस्ट्रीज का मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी से कोई सीधा संबंध नहीं है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर बढ़ती चर्चा और वायरल खबरों का असर बाजार में साफ दिखाई दिया। छोटे निवेशकों की भारी खरीदारी के चलते शेयर में अचानक जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तेजी अक्सर भावनात्मक और ट्रेंड आधारित निवेश के कारण आती है। निवेशकों को केवल नाम या वायरल चर्चा के आधार पर निवेश करने से बचना चाहिए। किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसके कारोबार, फाइनेंशियल स्थिति और भविष्य की संभावनाओं का सही विश्लेषण करना बेहद जरूरी है।

टॉफी नहीं बनाती, फिर क्या करती है कंपनी?

पारले इंडस्ट्रीज और पारले प्रोडक्ट्स नाम में भले ही एक जैसे लगते हों, लेकिन दोनों कंपनियों का कारोबार पूरी तरह अलग है। हाल के दिनों में ‘मेलोडी’ टॉफी को लेकर बढ़ी चर्चा के बाद कई लोगों के बीच इन दोनों कंपनियों को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई। पारले इंडस्ट्रीज की स्थापना 1980 के दशक में हुई थी और यह कंपनी मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट डेवलपमेंट सेक्टर में काम करती है। कंपनी का फोकस निर्माण परियोजनाओं, भूमि विकास और संबंधित बिजनेस गतिविधियों पर रहता है। इसका खाद्य या FMCG उत्पादों से कोई सीधा संबंध नहीं है। वहीं दूसरी ओर पारले प्रोडक्ट्स देश की प्रमुख FMCG कंपनियों में शामिल है। यह कंपनी बिस्किट, टॉफी और स्नैक्स जैसे उत्पाद बनाती है। Parle-G, Melody, Monaco और Hide & Seek जैसे लोकप्रिय ब्रांड इसी कंपनी के अंतर्गत आते हैं, जिन्हें देशभर में काफी पसंद किया जाता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर ‘मेलोडी’ ट्रेंड होने के बाद कई निवेशकों ने नाम की समानता के कारण पारले इंडस्ट्रीज के शेयर खरीदने शुरू कर दिए। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश करने से पहले कंपनी के वास्तविक कारोबार और सेक्टर की सही जानकारी लेना बेहद जरूरी है, ताकि किसी तरह के भ्रम से बचा जा सके।

Exit mobile version