बलटाना में युवक की संदिग्ध मौ.त

Zirakpur के बलटाना क्षेत्र में 26 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे परिजनों को सौंप दिया। वहीं, मृतक के परिवार ने मौत को संदिग्ध बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। मृतक की पहचान मनीष कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, उसका विवाह करीब 15 दिन पहले ही हुआ था और वह लगभग 12 दिन पहले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से बलटाना रहने आया था। परिवार का कहना है कि नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे मनीष की अचानक हुई मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतक के पिता मनोज कुमार का आरोप है कि जब उन्हें बेटे की मौत की सूचना मिली और वे मौके पर पहुंचे तो उन्होंने मनीष के गले पर रस्सी के निशान देखे। उनका कहना है कि उन्हें घटना पर संदेह है और उनका बेटा आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचने के बावजूद उनकी बात पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि अगले दिन भी उनके बयान सही तरीके से दर्ज नहीं किए गए। परिवार चाहता है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जाए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। वहीं, बलटाना पुलिस चौकी प्रभारी हरजिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है। अब तक की पड़ताल में कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं जो आत्महत्या की ओर संकेत करते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच पूरी होने के बाद यदि कोई संदिग्ध तथ्य या किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है।

बलटाना मौत निष्पक्ष जांच की मांग

घटना की सूचना मिलने के बाद मृतक के पिता मनोज कुमार बलटाना पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटे के गले पर रस्सी जैसे निशान दिखाई दे रहे थे, जिससे उन्हें घटना पर संदेह हुआ। उनका कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला सामान्य नहीं लगता और इसकी हर पहलू से जांच की जानी चाहिए। मृतक के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह रात में पुलिस के पास पहुंचे तो उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि अगले दिन भी उनके बयान पूरी तरह से दर्ज नहीं किए गए। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि मनीष मानसिक रूप से परेशान नहीं था और हाल ही में उसका विवाह हुआ था। ऐसे में परिवार का मानना है कि वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता। इसी कारण वे घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। बलटाना पुलिस चौकी प्रभारी हरजिंदर सिंह के अनुसार, अब तक की जांच में ऐसे कुछ साक्ष्य सामने आए हैं जो आत्महत्या की ओर संकेत करते हैं। हालांकि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है या किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने स्थानीय लोगों का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है। आसपास के लोग भी घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं में जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। वहीं, मृतक के परिजन न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं और चाहते हैं कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके।

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