पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा और पूर्व कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना के बेटे अकील अख्तर की आत्मिक शांति के लिए शनिवार को मलेरकोटला स्थित उनके आवास में अंतिम दुआ का आयोजन किया गया। इस मौके पर परिवार के सदस्य, राजनीतिक नेता और आम लोग मौजूद रहे। दुआ के दौरान कुरान की आयतों के माध्यम से दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री बीबी राजिंदर कौर भट्ठल, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, भाजपा नेता अरविंद खन्ना, और कई अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

कांग्रेस नेता वड़िंग का बयान
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस अवसर पर कहा,“मोहम्मद मुस्तफा और रजिया सुल्ताना के साथ पूरी कांग्रेस पार्टी खड़ी है। किसी पर सवाल उठाना आसान है, लेकिन परिवार का दर्द किसी से छुपा नहीं है। मां अपने बच्चे को नौ महीने तक गर्भ में रखती है और विपदा के बावजूद उसे पालती है। समय आने पर सभी को सच्चाई पता चल जाएगी। वह मानसिक तनाव में था। CBI जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और दूध का दूध, पानी का पानी होगा।” वड़िंग ने यह भी कहा कि ऐसा दुख किसी के घर में भी हो सकता है और परिवार पर बिना पुष्टि के सवाल नहीं उठाने चाहिए। इसके अलावा, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु, पूर्व विधायक जस्सी खंगूड़ा, और ADGP मोहम्मद फैयाज भी परिवार से मिलकर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
अंतिम दुआ-ए-मगफिरत की रस्म
पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान लुधियानवी ने बताया कि दुआ-ए-मगफिरत में सभी लोग मिलकर खुदा से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत व्यक्ति की आत्मा को शांति मिले। इसमें कुरान की आयतों के माध्यम से दुआ की जाती है। इस अवसर पर मौजूद लोग परिवार के प्रति सहानुभूति और सांत्वना व्यक्त करते हैं।

मौत की संदिग्ध परिस्थितियाँ और पुलिस जांच
अकील अख्तर (35) को 16 अक्टूबर को पंचकूला के सेक्टर 4 स्थित घर में बेसुध पाया गया। उसे रात करीब 9:30 बजे पंचकूला सेक्टर-6 अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने प्रारंभिक तौर पर कहा कि उनकी हालत शायद दवाओं की ओवरडोज के कारण बिगड़ी थी।इसके बाद पुलिस ने सभी कागजी कार्रवाई पूरी करके शव को परिवार को सौंप दिया। अकील को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के हरडा गांव में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
इस तरह अकील अख्तर के अंतिम संस्कार और दुआ-ए-मगफिरत के दौरान राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की मौजूदगी ने परिवार के प्रति समर्थन और सहानुभूति को स्पष्ट रूप से दिखाया। SIT और संभावित CBI जांच इस मामले की सच्चाई उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे विवादास्पद परिस्थितियों पर प्रकाश पड़ेगा।









