पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार सुबह से कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। कई शहरों में सड़कों पर पानी भर गया, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। भारतीय मौसम विभाग ने 28 और 29 जुलाई के लिए पंजाब और चंडीगढ़ के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। राजपुरा, डेराबस्सी, मोहाली, चंडीगढ़, खरड़, चमकौर साहिब, रूपनगर, बलाचौर, आनंदपुर साहिब, गढ़शंकर और नंगल के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में कम समय में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है। प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसके अलावा पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), रूपनगर और मोहाली जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली, तेज गर्जना और जलभराव की आशंका जताई गई है। नदियों और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें तथा जलभराव वाले रास्तों से होकर गुजरने से परहेज करें। प्रशासन ने भी सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
भाखड़ा और पोंग डैम में बढ़ रहा है जलस्तर
पंजाब और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रमुख जलाशयों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। भाखड़ा और पोंग डैम में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है, जिससे दोनों बांधों का जलस्तर धीरे-धीरे ऊपर जा रहा है। जल संसाधन विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है ताकि किसी भी संभावित परिस्थिति से समय रहते निपटा जा सके। दोनों डैमों में इस समय जितना पानी आ रहा है, उसकी तुलना में कम मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। इसी कारण जल संग्रहण में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। भाखड़ा डैम का वर्तमान जलस्तर 1595.38 फीट दर्ज किया गया है, जबकि इसका अधिकतम खतरे का स्तर 1680 फीट निर्धारित है। इसका मतलब है कि डैम अभी भी सुरक्षित सीमा के भीतर है और खतरे के निशान तक पहुंचने में पर्याप्त अंतर बना हुआ है। फिलहाल अधिकारियों ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। वहीं, पोंग डैम का जलस्तर 1331.58 फीट तक पहुंच चुका है। इस डैम में भी अभी जल संग्रहण की पर्याप्त क्षमता मौजूद है और स्थिति सामान्य मानी जा रही है। हालांकि लगातार बारिश के कारण जलस्तर में होने वाले हर बदलाव पर तकनीकी टीम नजर रख रही है और आवश्यक होने पर जल निकासी की रणनीति तैयार की जाएगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का यही सिलसिला जारी रहता है, तो दोनों डैमों में पानी की आवक और बढ़ सकती है। ऐसे में संबंधित विभागों ने निचले इलाकों के प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखा है। लोगों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और मौसम व जलस्तर से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।

फरीदकोट 42.1°C के साथ सबसे गर्म
कई इलाकों में दर्ज हुई बारिश
पंजाब में मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। राज्य के कई जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। हालांकि लगातार हो रही वर्षा के कारण कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी सामने आई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक कई क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक 25.5 मिलीमीटर वर्षा पठानकोट के थीन डैम क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा आनंदपुर साहिब में 21.5 मिलीमीटर, लुधियाना में 14 मिलीमीटर और अमृतसर में 0.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने राजपुरा, डेराबस्सी, मोहाली, चंडीगढ़, खरड़, चमकौर साहिब, रूपनगर, बलाचौर, आनंदपुर साहिब, गढ़शंकर और नंगल के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में कम समय में भारी बारिश होने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। इसके साथ ही पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), रूपनगर और मोहाली जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी लागू किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। जिला प्रशासन और राहत एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है। लगातार हो रही बारिश का असर राज्य के प्रमुख जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है। भाखड़ा और पोंग डैम में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते दोनों बांधों का जलस्तर धीरे-धीरे ऊपर जा रहा है। फिलहाल भाखड़ा डैम का जलस्तर 1595.38 फीट दर्ज किया गया है, जो अभी खतरे के निशान 1680 फीट से काफी नीचे है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन मानसून के दौरान जलस्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।
पोंग डैम में भी जलस्तर बढ़कर 1331.58 फीट पहुंच गया है, जबकि इसका खतरे का निशान 1390 फीट निर्धारित है। डैम में अभी लगभग 58.42 फीट तक पानी संग्रहित होने की क्षमता शेष है। यदि आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहता है, तो जलस्तर में और वृद्धि देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में पंजाब के अधिकतम तापमान में मामूली बदलाव दर्ज किया गया। फरीदकोट 42.1 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। वहीं बठिंडा एयरपोर्ट में 39.6 डिग्री, आनंदपुर साहिब में 39 डिग्री, पठानकोट में 35.7 डिग्री, लुधियाना में 35.4 डिग्री, अमृतसर और पटियाला में 35.3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो सबसे अधिक 25.5 मिलीमीटर वर्षा पठानकोट के थीन डैम क्षेत्र में दर्ज की गई। आनंदपुर साहिब में 21.5 मिलीमीटर, लुधियाना में 14 मिलीमीटर और अमृतसर में 0.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।