नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। रविवार तक नेपाल और तिब्बत को मिलाकर इस आपदा में 903 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। वहीं, 3 हजार से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल में लापता लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की भी है। इनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में फंसे 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। वहीं, पहले जारी हुई लापता लोगों की सूची में 275 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा भारतीय मूल के 128 लोगों से भी संपर्क नहीं हो पाया है।नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद कई इलाकों में राहत और बचाव का काम लगातार जारी है। कई जगह सड़कें और पुल बाढ़ के तेज बहाव में बह गए हैं, जिसकी वजह से प्रभावित इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।नेपाल के कई हिस्सों में नदियां उफान पर हैं। त्रिशूली नदी के तेज बहाव के कारण भी कई इलाकों में कटान जारी है। बाढ़ के बाद अब स्थानीय लोग और प्रशासन सफाई अभियान में भी जुट गए हैं, ताकि प्रभावित इलाकों को दोबारा सामान्य स्थिति में लाया जा सके।वहीं, नेपाल पुलिस ने भी आपदा के बीच सराहनीय काम किया है। पुलिस ने एग्रीकल्चर डेवलपमेंट बैंक की त्रिशूली धुंगे शाखा से करीब डेढ़ करोड़ रुपये नकद, लगभग 50 करोड़ रुपये कीमत का सोना और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित जगह पर पहुंचाए हैं।नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ के बाद भारत-नेपाल सीमा पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। नारायणी नदी के तेज बहाव में बहकर भारतीय क्षेत्र में पहुंचे चार शवों को नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया। इनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल थे।वहीं, नेपाल के गजुरी गांव पालिका इलाके में अभी भी कई भारतीय पर्यटकों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन और राहत टीमें लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार काम कर रही हैं।

बताया जा रहा है कि नेपाल में यह विनाशकारी बाढ़ 26 अगस्त की सुबह आई थी। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने और भारी बारिश के बाद ल्हेन्दे खोला और भोटे कोशी नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। देखते ही देखते तेज बहाव ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी।
फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है। लापता लोगों की तलाश की जा रही है और प्रभावित इलाकों में लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।हालात बेहद गंभीर हैं और आने वाले समय में मृतकों और लापता लोगों की संख्या को लेकर और जानकारी सामने आ सकती है।










