चंबा में बारिश का कहर

Himachal Pradesh के चंबा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विशेष रूप से सलूणी उपमंडल के ग्रामीण इलाकों में बारिश के कारण मलबा और पानी रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच गया, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत लनोट के अंतर्गत आने वाले लनोट और फगड़ोग गांवों में अचानक बड़ी मात्रा में मलबा आने से लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। कई घरों में पानी और मिट्टी घुस गई, जिससे घरेलू सामान और भवनों को क्षति पहुंची। प्रभावित परिवारों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है। फगड़ोग गांव में कुछ मकानों को विशेष रूप से अधिक नुकसान पहुंचा है। लगातार बारिश और मलबे के दबाव के कारण कुछ घरों की दीवारों और संरचनाओं पर असर पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए, जिससे उन्हें संभलने का समय भी नहीं मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पंचायत प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया और प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की गई। प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि क्षेत्र में मौसम अभी भी खराब बना हुआ है। लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और मलबा आने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने नागरिकों को जोखिम वाले स्थानों से दूर रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।

चंबा-तीसा मार्ग बंद, 25 पंचायतों का संपर्क टूटा

वहीं, पंगोला नाला के पास भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से चंबा-तीसा मुख्य मार्ग बंद हो गया। इसके कारण करीब 25 से अधिक पंचायतों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। तीसा, सनवाल, बैरागढ़, बौंदेड़ी, खजुआ, बिहाली, देवीकोठी, सेईकोठी और झज्जाकोठी सहित कई क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया है। सड़क के दोनों ओर वाहन फंस गए हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं हुई हैं। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों की टीमें सड़क बहाल करने और राहत कार्य में लगी हैं। उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

ग्राम पंचायत लनोट के अंतर्गत कुछ गांवों में घरों के भीतर मलबा घुसने की घटनाएं दर्ज हुई हैं। प्रभावित परिवारों को घरेलू सामान और भवनों को नुकसान होने की सूचना मिली है। कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने नुकसान का आकलन करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ मकानों की संरचना को क्षति होने की जानकारी मिली है, जिससे भविष्य में सुरक्षा चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं। प्रशासन वर्तमान में नुकसान का आकलन कर रहा है। भारी बारिश के कारण कई पहाड़ी नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे मलबा और पत्थर मुख्य सड़कों तक पहुंच गए हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में समस्याओंा सामना करना पड़ रहा है। चंबा-तीसा मार्ग पर भी बारिश का असर देखने को मिला है। मार्ग के एक हिस्से में मलबा जमा होने से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। सड़क बंद होने के कारण कई पंचायतों का संपर्क टूट गया और आवश्यक सेवाओं का भी आवागमन प्रभावित हुआ। सड़क अवरुद्ध होने के कारण कई वाहन दोनों ओर फंस गए हैं। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कुछ को वैकल्पिक मार्गों की तलाश करनी पड़ी। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें现场 पर तैनात हैं। सड़कों से मलबा हटाने, यातायात को बहाल करने और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने का काम लगातार जारी है। राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि सामान्य स्थिति जल्दी लौट सके। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और बारिश की भविष्यवाणी की है। इस स्थिति में प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
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