चंडीगढ़ नगर निगम हाउस की बैठक मंगलवार को जमकर हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक के दौरान सीनियर डिप्टी मेयर समेत चार पार्षदों को खींचकर बाहर निकाला गया, वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों ने मिलकर एजेंडा फाड़ दिया।
क्या हुआ बैठक में?
•निगम हाउस की मीटिंग की शुरुआत से ही माहौल गरम था।
•विपक्षी दलों ने सत्तापक्ष पर एजेंडा जबरदस्ती पास कराने का आरोप लगाया।
•विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई और धक्कामुक्की तक जा पहुंचा।
•सुरक्षा कर्मियों को बीच-बचाव करना पड़ा और सीनियर डिप्टी मेयर समेत 4 पार्षदों को बाहर निकाल दिया गया।
कांग्रेस और AAP का विरोध
•कांग्रेस और आप पार्षदों ने संयुक्त रूप से एजेंडा की कॉपियां फाड़कर फेंक दीं।
•उनका कहना था कि निगम प्रशासन जनता के मुद्दों पर चर्चा से भाग रहा है और बिना बहस किए फैसले थोपना चाहता है।
सत्तापक्ष का जवाब
•भाजपा पार्षदों ने विपक्ष पर “ड्रामा करने और कामकाज बाधित करने” का आरोप लगाया।
•उनका कहना है कि विपक्ष को जनता के हित से ज्यादा राजनीति की चिंता है।
•बैठक किसी ठोस निर्णय पर पहुंचे बिना ही स्थगित करनी पड़ी।
•इस घटनाक्रम के बाद चंडीगढ़ की राजनीति और गरमा गई है।
➡️ सार: चंडीगढ़ नगर निगम की 30 सितंबर की मीटिंग धक्कामुक्की, नारों और एजेंडा फाड़ने जैसी घटनाओं के चलते पूरी तरह हंगामेदार रही।
