गुरुग्राम में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के सरकारी बंगले पर गार्ड रूम में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल ने आत्महत्या कर ली। मामले के बारे में तब पता लगा, जब सहकर्मी ने कॉन्स्टेबल को बेहोशी की हालत में पाया, इसके बाद सहकर्मी ने मंत्री और पुलिस को इसके बारे में सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसके बाद कांस्टेबल को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि रात ढाई बजे सिपाही को अचेत अवस्था में पाया गया था। अन्य साथियों व पुलिस ने मिलकर को कांस्टेबल को निजी अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टरों ने सिपाही को मृत घोषित कर दिया। सिविल लाइन थाना पुलिस कईं एंगलों से इस मामले की जांच कर रही है। कांस्टेबल के साथ के कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। वहीं परिवार को भी इसकी जानकारी दी गई है।
कौन था मृतक सिपाही?
जानकारी के मुताबिक, मृतक सिपाही एक पूर्व सैनिक था, जिसने 2014 में हरियाणा पुलिस में अपनी सेवाएं देना शुरू की थीं। जब राव नरबीर सिंह मंत्री बने, तब उनकी सुरक्षा के लिए इस सिपाही को बंगले पर तैनात किया गया था। उसके साथ कई अन्य पुलिसकर्मी भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा थे।
पुलिस का कहना है कि शुरूआती मामला आत्महत्या का लग रहा है।पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है।
समाज ने किया था बहिष्कार
शुरूआती जांच में सामने आया है कि जगबीर का भतीजा चार माह पहले अपने ही गौत्र की लड़की को ले गया था। इसी वजह से गांव के लोगों ने पंचायत कर जगबीर के परिवार का बहिष्कार कर दिया था, जिसकी वजह से वह परेशान था। दो दिन की छुट्टी लेकर वह गांव गया और माफी भी मांगी थी। लेकिन पंचायत ने माफ करने से मना कर दिया था।
मंत्री की कोठी के प्रवेश द्वार पर लगी थी ड्यूटी
कॉन्स्टेबल जगबीर सिंह की ड्यूटी राव नरबीर सिंह के बंगले के प्रवेश द्वार पर सुरक्षाकर्मी के तौर पर लगी थी। मंगलवार की रात, जब उनका सहकर्मी नियमित जांच के लिए गार्ड रूम पहुंचा, तो उसने जगबीर को फर्श पर गिरा पाया. सहकर्मी ने तुरंत सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी।









