कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने पुलिस द्वारा उनके सहयोगी और पार्टी नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान पर हमला करार दिया है और कहा कि यह राजनीतिक उत्पीड़न की स्पष्ट कोशिश है।हाल ही में कुछ क्षेत्रों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। इसकी पृष्ठभूमि में कथित तौर पर सांसद या पार्टी नेताओं पर हमले की घटनाएँ और प्रदर्शन शामिल हैं।थरूर ने कहा कि सांसद और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला होना सिर्फ व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के संस्थानों पर हमला है।उन्होंने सोशल मीडिया पर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई की खुलकर आलोचना की।थरूर ने अपने बयान में कहा कि यह घटना सत्तारूढ़ दल की राजनीतिक प्रतिशोध नीति का हिस्सा लगती है।शशि थरूर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा
सांसद और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। यह हमारे संविधान और नागरिक अधिकारों पर हमला है। हम इसे गंभीरता से देखते हैं और इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे।
सांसद पर हमला लोकतंत्र के खिलाफ सीधी कार्रवाई, पुलिस की कार्रवाई पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने जताई नाराजगी
थरूर ने यह भी कहा कि कांग्रेस सभी लोकतांत्रिक माध्यमों का उपयोग कर न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए प्रतिबद्ध है।पुलिस ने कहा कि कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। उनके अनुसार, किसी भी व्यक्ति या समूह के खिलाफ कार्रवाई कानून और नियमों के अनुसार की जाती है, और किसी भी राजनीतिक या व्यक्तिगत भेदभाव का मामला नहीं है।हालांकि थरूर और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल राजनीतिक प्रतिशोध की रणनीति का हिस्सा है।इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। विपक्ष ने इसे सत्तारूढ़ दल द्वारा लोकतंत्र पर हमला बताया है, जबकि सरकार का कहना है कि कार्रवाई कानून के अनुसार है।इस तरह की घटनाएँ न केवल राजनीतिक तनाव बढ़ाती हैं, बल्कि जनता के बीच लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास को भी प्रभावित कर सकती हैं।सांसद पर हमला और पुलिस कार्रवाई को
लेकर उठी कांग्रेस की आवाज लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा की लड़ाई के रूप में देखी जा रही है।
भविष्य में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस, जांच और मीडिया कवरेज जारी रहने की संभावना है
